Coronavirus: भारतीय वैज्ञानिक वुहान जैसे स्‍ट्रेन को आइसोलेट करने में सफल, दावा-30 दिन में कर लेंगे काबू

Coronavirus: भारतीय वैज्ञानिक वुहान जैसे स्‍ट्रेन को आइसोलेट करने में सफल, दावा-30 दिन में कर लेंगे काबू
पुणे के नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस स्‍ट्रेन को अलग करने में कामयाबी मिल गई है.

भारत कोरोना वायरस (Coronavirus) स्‍ट्रेन को आइसोलेट करने वाला पांचवांं देश बन गया है. भारत से पहले चीन (China), जापान, थाइलैंड और अमेरिका ही वायरस को आइसोलेट करने में कामयाब हो पाए हैं. अब शरीर के बाहर वायरस पर परीक्षण कर दवाई और वैक्‍सीन (Vaccine) बनाने में आसानी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 14, 2020, 6:26 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन के वुहान (Wuhan) शहर से फैलना शुरू हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus) हर दिन हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. इस वायरस से संक्रमित होकर मरने वालों की संख्‍या रोज बढ़ती जा रही है. ऐसे में दुनिया भर के वैज्ञानिक इस वायरस को खत्‍म करने की वैक्‍सीन (Vaccine) खोजने में दिन-रात जुटे हुए हैं. इसी बीच भारतीय वैज्ञानिकों (Indian scientists) को बड़ी कामयाबी मिली है. वैज्ञानिकों ने भारत में लगातार सामने आ रहे संक्रमित (Infected) मरीजों में स्ट्रेन की पहचान कर ली है. यही नहीं, पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के वैज्ञानिकों ने उसे अलग (Isolate) करने में भी सफलता हासिल कर ली है.

शरीर के बाहर किया जा सकेगा दवाइयों का परीक्षण
वैज्ञानिकों को मिली इस कामयाबी के बाद कोरोना वायरस की मेडिकल टेस्‍ट किट (Medical Test Kit) बनाने, दवा का पता लगाने और वैक्‍सीन पर रिसर्च कर जल्‍द तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी. इसके अलावा स्‍ट्रेन के अलग होने से अब मानव शरीर के बाहर भी इसकी दवाइयों का परीक्षण किया जा सकता है. कोरोना वायरस स्‍ट्रेन को आइसोलेट करने वाला भारत पांचवा देश बन गया है. भारत से पहले चीन (China), जापान (Japan), थाइलैंड (Thailand) और अमेरिका (US) ही वायरस को आइसोलेट करने में कामयाब हो पाए हैं. आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने जयपुर और आगरा के संक्रमित मरीजों में स्ट्रेन को आइसोलेट करने के बाद उसकी वुहान के स्ट्रेन से जांच की है. भारतीय मरीजों में मिला स्ट्रेन वुहान जैसा ही है. दोनों में 99.98 फीसदी समानता है.

आईसीएमआर के मुताबिक, कोरोना वायरस को अलग कर भारत ने इस वैश्विक महामारी से बचाव का पहला चरण पार कर लिया है.

30 दिन में पा लेंगे कोरोना पर काबू: आईसीएमआर


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक, कोरोना वायरस आसानी से आइसोलेशन में नहीं आता है. अब इस वायरस की दवा बनाना और टेस्टिंग करना आसान हो जाएगा. आईसीएमआर का कहना है कि दवा के परीक्षण के लिए वायरस की दरकार होती है. आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि इस वक्त लोगों के सहयोग की जरूरत है. अगर सब कुछ नियंत्रण में रहा तो 30 दिन के भीतर हम कोरोना वायरस पर काबू पा लेंगे. आईसीएमआर पुणे की वैज्ञानिक प्रिया अब्राहम ने कहा कि कोरोना वायरस को अलग कर भारत ने इस वैश्विक महामारी (Pandemic) से बचाव का पहला चरण पार कर लिया है. उन्‍होंने कहा कि किसी भी महामारी को रोकने के लिए उसके वायरस की पहचान होना बेहद जरूरी होता है. ये पहला चरण होता है, जिसके बाद वैक्‍सीन और ट्रीटमेंट को लेकर काम किया जाता है.

जल्‍द तैयार कर ली जाएगी वैक्‍सीन: डॉ. भार्गव
डॉ. भार्गव ने स्‍पष्‍ट करते हुए बताया कि वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस का पूरा सैंपल मानव शरीर के बाहर रखने में सफलता मिल चुकी है. अब शरीर के बाहर उस पर परीक्षण कर दवाई और वैक्‍सीन बनाने में आसानी होगी. दूसरे शब्‍दों में कहें तो अब बहुत जल्‍द कोरोना वायरस की वैक्‍सीन तैयार कर ली जाएगी. अभी तक कोरोना वायरस की जांच के लिए देशभर में 65 लैब काम कर रही हैं. एक प्रयोगशाला की क्षमता 90 नमूनों की जांच करना है. अब तक 5,900 लोगों के 6,500 नमूनों की जांच हो चुकी है. दुनिया भर में अब तक इस वायरस की चपेट में आकर 5,438 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,45,858 लोग संक्रमित हैं. सिर्फ भारत में ही कोरोना वायरस के 91 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 2 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

हिमाचल में कोरोना के अब तक पांच संदिग्ध सामने आए हैं.
आइसोलेशन से कोरोना वायरस की बायोलॉजी समझने में भी आसानी होगी.


पता करना हुआ आसान, कैसे पैदा हुआ वायरस
आईसीएमआर के मुताबिक, आइसोलेशन से ये भी पता लगाना आसान हो जाएगा कि कोरोना वायरस किस तरह पैदा हुआ. साथ ही उसकी बायोलॉजी (Biology) समझने में भी आसानी होगी. बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस का कोई इलाज (Treatment) नहीं है, ना ही इसकी कोई वैक्सीन अब तक बन सकी है. हाल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से एक रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि इबोला (Ebola) के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा Remdesivir कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल की जा सकती है.

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