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जापानी क्रूज पर नई रिसर्च ने चौंकाया, कोरोना वायरस को लेकर अब बरतनी होगी ज्यादा सावधानी

Vikas Sharma | News18Hindi
Updated: March 25, 2020, 3:43 PM IST
जापानी क्रूज पर नई रिसर्च ने चौंकाया, कोरोना वायरस को लेकर अब बरतनी होगी ज्यादा सावधानी
जापानी क्रूज में 800 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे (फोटो/एपी)

जापानी क्रूज पर रिपोर्ट ने चौंकाया है. इससे ये भी पता लगा है कि कोरोना वायरस सतह पर कितनी देर तक रहता है. जाने इस बारे में सामने नए तथ्य

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  • Last Updated: March 25, 2020, 3:43 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस को लेकर भारत सहित दुनिया भर ने कमर कस ली है. आर पार की लड़ाई के लिए भारत में 21 दिन का लॉक डाउन हो गया है. वहीं कोरोना पर गहन शोध भी चल रहा है. यह अलग-अलग सतहों पर कितनी देर तक रह सकता है, इस बारे में अब नए आंकड़े  सामने आएं हैं.

बहुत ज्यादा दिनों के बाद भी मिले वायरस के ट्रेसेस
पिछले महीने जापान के योकोहामा तट पर जो प्रिंसेस क्रूज कई दिनों तक फंसा था, उसके खाली होने के बाद17 दिन बाद वायरस के ट्रेसेस पाए गए हैं. इससे यह साफ हुआ है कि जितना कि पहले अनुमान लगाया गया था, यह वायरस उससे ज्याद लंबे समय तक सतह पर रह सकता है.

पिछले सप्ताह ही जारी हुए थे नए आंकड़े



एक सप्ताह पहले ही नई रिसर्च में यह बताया गया था कि अगल-अगल सतहों पर कोरोना वायरस कितनी देर तक प्रभावी रह सकता है. जहां पहले कहा जा रहा था कि स्टील पर यह वायरस 9 दिन तक रह सकता है तो वहीं न्यू इंग्लैंड जनरल ऑफ मेडिसिन की  रिसर्च में पाया गया कि यह 2-3 दिन ही स्टील पर रह पाता है.

कया पाया गया शोध में
अमेरिका की सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के ताजा शोध ने चौंकाने वाली बात पायी है कि डायमंड क्रूज में  सभी यात्रियों और लोगों के निकलने के 17 दिन बाद भी यात्रियों के केबिन में कोरोना वायरस का RNA पाया गया है. इसका साफ मतलब है कि वायरस ज्यादा लंबे तक किसी सतह पर रहने की संभावना है. सीडीसी ने यह भी माना, “ जरूरी नहीं है कि जीवित वायरस वहां हो ही, लेकिन हम यह निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि इन सतहों के संपर्क में आने के बाद लोग संक्रमित हुए कि नहीं.”

डायमंड क्रूज में सभी यात्रियों और लोगों के निकलने के 17 दिन बाद भी यात्रियों के केबिन में कोरोना वायरस का RNA पाया गया


क्या हैं इन नतीजों के मायने
बेशक सतहों को अच्छे से साफ करने और उन्हें डिसइंफेक्ट करने से कोरोना वायरस खत्म होता है.  लेकिन इस बारे में और ज्यादा रिसर्च किए जाने की जरूरत है कि आखिर वायरस सतहों पर कितने देर तक रह सकता हैऔर खतरा बना रह सकता है.

उस समय चीन के बाहर का सबसे बड़ा मामला था यह
इस क्रूज शिप पर 800 यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और 10 लोगों की इस संक्रमण से मौत हो गई थी. यह उस समय का चीन के बाहर का कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा मामला था.

कोरोना वायरस हवा में एरोसोल्स के साथ तीन घंटे तक, तांबे की सतह पर चार घंटे तक, गत्तों (कार्डबोर्ड) पर 24 घंटे तक रह सकता है


तो क्या करना होगा अब हमें
इस शोध से यह भी साफ हुआ है कि हमें अपनी साफ सफाई सतहों को डिसइंफेक्ट करने में और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. ऐसा तब ज्यादा अहम होगा जब हम हमारे सार्वजिनिक स्थलों पर लॉक डाउन के बाद वापस पहुंचेंगे.

सतहों पर वायरस के बारे में क्या कहती थी ताजा जानकारी
फिलहाल पिछले सप्ताह की न्यू इंग्लैंड जनरल ऑफ मेडिसिन की  रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस हवा में एरोसोल्स के साथ तीन घंटे तक, तांबे की सतह पर चार घंटे तक, गत्तों (कार्डबोर्ड) पर 24 घंटे, और स्टील एवं प्लास्टिक पर 2 से तीन दिन (इसे एहतियातन 3 दिन ही पढ़ें) तक रह सकता है.

रहना होगा ज्यादा सावधान
यहां गौर करने वाली बात यह भी कि जब यह वायरस हवा में होता है तो काफी कमजोर रहता है समय के साथ और कमजोर भी होता चला जाता है. इसके बावजूद अभी तक का अनुभव यही कहता है कि सावधानी ही सुरक्षा है. यह बात कोरोना के मामले में ज्यादा लागू होती है.

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First published: March 25, 2020, 3:12 PM IST
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