Coronavirus: देश को रेड, ऑरेंज, ग्रीन जोन में बांटने से क्‍या होगा फायदा, जानें किस जोन में कितनी मिलेगी छूट

दुनिया भर में 20 लाख से ज्यादा हुए कोरोना के केस
दुनिया भर में 20 लाख से ज्यादा हुए कोरोना के केस

कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा. वहीं, एग्जिट प्‍लान के तहत देश को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटकर संक्रमण से मुकाबला करने की बात भी चल रही है. आइए जानते हैं कि क्‍या हैं ये जोन और कैसे किए जाएंगे तय...

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2020, 10:44 AM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) से मुकाबले के लिए चीन ने वुहान के लोगों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन कोड दिए. ये कोड उनके मोबाइल ऐप पर मौजूद रहते थे. इसके तहत लॉकडाउन हटाए जाने के बाद ग्रीन कोड वाले लोग शहर में घूमने के साथ ही बाहर भी जा सकते थे, जबकि ऑरेंज कोड वालों को सिर्फ शहर में ही निकलने की अनुमति दी गई. वहीं, संक्रमित लोगों को रेड कोड दिया गया यानी ऐसे लोग घर से बाहर भी नहीं निकलेंगे. कुछ इसी तर्ज पर भारत (India) में भी राज्‍यों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा जा रहा है. कुछ राज्‍यों में ये काम शुरू भी हो चुका है. वहीं, कुछ राज्‍यों ने अपने शहरों को जोन (Zone) में बांटना शुरू कर दिया है. आइए जानते हैं कि ये जोन कैसे निर्धारित किए जा रहे हैं. साथ ही जानते हैं कि किस जोन के लोगों को क्‍या करने की छूट होगी. जोन में बांटना कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में कितना कारगर होगा?

कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए ऐसे तय किए जाएंगे जोन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को करीब चार घंटे तक कई मुख्यमंत्रियों से इस बारे में बातचीत की थी. इस दौरान सभी मुख्‍यमंत्रियों ने लॉकडाउन जारी रखने पर सहमति जताई थी. आज सुबह 10 बजे राष्‍ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 3 मई तक लॉकडाउन जारी रखने का ऐलाना कर दिया है. पीएम ने कहा, 3 मई तक हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा. इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम अब तक करते आ रहे हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि कुछ इलाकों में छूट दी जाएगी, जिसकी गाइडलाइन 20 अप्रैल को घोषित की जाएगी.

लॉकडाउन हटाने की केंद्र की योजना के तहत अब देश को रेड, ऑरेंज और ग्रीन तीन जोन में बांटा जा सकता है. देश को तीन जोन में बांटने का काम अलग-अलग राज्‍यों में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्‍या के आधार पर किया जाएगा. वहीं, सरकार आंशिक लॉकडाउन भी लागू कर सकती है. इसके तहत अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कुछ लघु व मझोले उद्योगों (MSMEs) को काम करने की अनुमति मिल सकती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करीब चार घंटे तक कई मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन को लेकर बातचीत की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करीब चार घंटे तक कई मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन को लेकर बातचीत की.




कौन इलाके होंगे किस जोन में, किन गतिविधियों की होगी छूट
रेड जोन वाले हिस्‍सों में कोई गतिविधि नहीं होगी. रेड जोन (Red Zone) में उन जिलों को शामिल किया जाएगा, जहां कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस बहुत ज्‍यादा समाने आए हैं. अभी जिन इलाकों को हॉटस्पॉट (Hotspot) घोषित किया गया है और फिर भी उनमें नए मामले सामने आ रहे हैं तो उन्‍हें भी रेड जोन में रखा जा सकता है. ऐसे इलाकों में लोगों को लॉकडाउन का सख्‍ती से पालन करना होगा यानी बहुत जरूरी काम से ही घर से निकलने की छूट रहेगी.

ऑरेंज जोन में उन जगहों को रखा जाएगा, जहां पॉजिटिव केस आए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है. दूसरे शब्‍दों में कहें तो जहां नए मामले सामने आने बंद हो गए हैं, उन्‍हें ऑरेंज जोन (Orange Zone) में रखा जाएगा. ऐसे इलाकों में फसल की कटाई समेत कुछ गतिविधियों की छूट रहेगी. हालांकि, मजदूर उसी इलाके के ही काम पर लगाए जा सकेंगे. बाहर के इलाकों से मजदूरों के बाने पर पाबंदी रहेगी.

ग्रीन जोन में ऐसे जिले रहेंगे, जिनमें अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है. ऐसे इलाके में लोगों को बाकी दोनों के मुकाबले ज्‍यादा छूट रहेगी. ग्रीन जोन (Green Zone) इलाकों में छोटे और मझोले उद्योग धंधे अपना काम शुरू कर पाएंगे. हालांकि, काम शुरू करने वाले उद्योगों को कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था परिसर में ही करनी होगी. वहीं, लोग अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकल सकेंगे. इन इलाकों के लोग अपने क्षेत्र में घूम सकेंगे लेकिन बाहर के लोग अंदर नहीं आएंगे.

लोगों के साथ ही अर्थव्‍यवस्‍था को बचाना सरकार की चुनौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ संदेश में जान और जहान दोनों की बात की. आसान शब्‍दों में समझें तो सरकार एक तरफ लॉकडाउन को आगे बढ़ाकर लोगों की हिफाजत करना चाहती है तो दूसरी तरफ कुछ काम धंधे शुरू करवाकर अर्थव्यवस्था (Economy) को बेपटरी होने से बचाना चाहती है. वैसे भी अगर सभी उद्योग धंधे लंबे समय तक बंद रहते हैं तो घरों में कैद रहने को मजबूर लोगों की जरूरतों के लिए सामान की आपूर्ति करना भी सरकार के लिए चुनौती बन जाएगा.

ऐसे में देश को जोन में बांटकर कोरोना वायरस से अब तक सुरक्षित रहे इलाकों में कारोबारी गतिविधियां शुरू करने के विकल्‍प पर ध्‍यान दिया जा रहा है. दिल्‍ली में इस पर काम शुरू हो भी चुका है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejariwal) ने रविवार को बताया था कि दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या के हिसाब से इलाकों को रेड और ऑरेंज जोन में बांटा दिया गया है.

हिमाचल प्रदेश और दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में जिलों को संक्रमितों की सख्‍या के आधार पर जोन में बांटने का काम शुरू हो चुका है.


दिल्‍ली में 43 इलाके रेड जोन में, 6 हिस्‍सों में बंटेगा हिमाचल
सीएम केजरीवाल ने बताया कि जहां कोरोना के ज्‍यादा मामले मिल रहे हैं, उन्हें कंटेनमेंट जोन यानी रेड जोन घोषित किया जा रहा है. इसके अलावा हाई रिस्क इलाकों को ऑरेंज जोन घोषित किया जा रहा है. दिल्‍ली में कुल 43 इलाकों को रेड जोन में डाला गया है. वहीं, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों ने राजधानी के कुछ इलाकों के बारे में कहा है कि फिलहाल वे रेड जोन में नहीं हैं, लेकिन जल्‍द ही कंटेनमेंट जोन बन सकते हैं. ऐसे इलाकों को ही ऑरेंज जोन में रखा जा रहा है. विशेषज्ञ ऐसे इलाकों की सूची दिल्‍ली सरकार को उपलब्‍ध करा रहे हैं.

आप सरकार का कहना है कि हमारे पास सीमित संसाधन हैं. इसलिए पूरी दिल्ली के हर गली-मोहल्ले के बजाय कोरोना वायरस से सबसे ज्‍यादा प्रभावित इलाकों में पूरे संसाधनों के साथ मुकाबला करने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने बताया कि लॉकडाउन के एग्जिट प्‍लान के तौर पर राज्य को जोन के आधार पर छह भागों में बांटा जाएगा. इनमें एक रेड, चार ऑरेंज और एक ग्रीन जोन होगा.

'फिलहाल जल्‍दबाजी हो जाएगी इलाकों को जोन में बांटना'
महाराष्‍ट्र में ठाणे नगर निगम (TMC) ने कोरोना के पॉजिटिव केस की संख्‍या के आधार पर शहर को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटने का फैसला कर लिया है. एक अधिकारी ने बताया कि जिन इलाकों में एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया है, उनको ग्रीन जोन में रखा जाएगा. ऐसे इलाकों की सीमाएं सील कर दी जाएंगी. ग्रीन जोन के अंदर लोग कहीं भी आ जा सकेंगे, लेकिन बाहर के लोगों को अंदर आने की पाबंदी रहेगी. इससे उन इलाकों में संक्रमण फैलने की आशंका नहीं होगी.

हालांकि, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का मानना है कि जोन में बांटना का काम अभी से करना जल्‍दबाजी भरा फैसला होगा. अभी कम से कम दो हफ्ते बाद जोन में बांटने का काम किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि कुछ संक्रमित लोगों में कोई लक्षण दिखता ही नहीं है. अगर किसी तय जोन में पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लोगों का आना-जाना शुरू कर दिया जाएगा तो बिना लक्षण वाले संक्रमितों के जरिये कोरोना वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाएगा.

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