पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पाबंदी योजना- कई देशों के बने लक्ष्य, जानिए भारत का हाल

बहुत सारे देशों ने जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के नए वाहनों की बिक्री पर रोक की तारीख तय कर दी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

दुनिया के कई देश अपने यहां जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) वाले वाहनों की बिक्री (Car Sales) और पाबंदी (Ban) के लक्ष्य तय कर रहे हैं. भारत (India) भी इस दिशा में कदम अपने सधे हुए कदम उठा रहा है.

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    कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के बाद इस साल जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के प्रकोप से बचने के प्रयासों में भी तेजी आने की पूरी उम्मीद है. साल 2015 के पेरिस समझौते (Paris Accord) में तय किए लक्ष्य इस साल के अंत में ग्लासगो में होने वाले सम्मेलन (Glasgow Summit) में नए तरह से निर्धारित किए जाने की उम्मीद है. ऐसे में दुनिया के कई देशों पर दबाव है कि वे अपने जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) या पेट्रोल (Petrol), डीजल (Diesel) की जगह वैकल्पिक ऊर्जा (Alternative energy source) का उपोयग करें. कुछ देशों ने ऐसा शुरू भी कर दिया है, कुछ अपने लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में चल पड़े हैं.भारत (India) ने भी इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.

    इरादा तो जता चुके हैं बहुत से देश
    पिछले कुछ सालों से दुनिया भर में वायु प्रदूषण के खतरे को देखते हुए कई देशों ने जीवाश्म ईंधन यानि पेट्रोल, डीजल के वाहनों का उत्पादन बंद करने का इरादा जताया था. पिछले साल के अंत के समय से ही कई देशों ने ऐसा कर वैकल्पिक ऊर्जा वाले वाहनों को लाने की पहल शुरू करने की योजना बना ली है.

    इस तरह की हैं अंतिम तारीख
    बहुत से देश अपने यहां जीवाश्म ईंधन वाले वाहनों की ब्रिक्री को खत्म करने की तारीख भी तय कर चुके हैं. इसमें पिछले साल के अंत तक नॉर्वे ऐसी घोषणा करने वाला सबसे अग्रणी देश था. इसके लिए नॉर्व ने साल 2025 तक का लक्ष्य रखा है. कनाडाई प्रांतों में यह समय 2035 तक का रखा गया है जब वहां जीवाश्म ईंधन आधारित कार बिकना बंद हो जाएंगी.

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    दुनिया में बढ़ते प्रदूषण (Pollution) के चलते देशों पर दबाव बना है कि वे जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) वाले वाहनों का उपयोग बंद कर दें. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    इन देशों में भी रुकेगी बिक्री
    नॉर्वे दुनिया का ऐसा देश जहां सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बिकती हैं. नॉर्वे के  बाद डेनमार्क, नीदरलैंड और यूके एवं आयरलैंड भी साल 2030 तक अपने देश में जीवाश्म ईंधन की ब्रिक्री पर रोक लगा देंगे. वहां साल 2035 तक कैलिफोर्निया अमेरिका पहला ऐसा राज्य होगा जहां जीवश्म ईधन की कारें बिकना बंद हो जाएंगी. फ्रांस ने यह लक्ष्य 204 लक्ष्य 2040 का रखा है.

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    वाहनों पर भी होगा क्या बैन
    ऐसा नहीं है जीवाश्म ईंधन की कारों की बिक्री से इन देशों में ऐसी कारें चलना भी बंद हो जाएंगी. वहां की सड़कों पर ऐसी पाबंदी नहीं लगेगी. फिर भी बड़े शहरों में इसी की साथ शुरुआत हो सकती है. या फिर उनकी तारीखें भी इसी पाबंदियों के आसपास हो सकती है. पेरिस की योजना है कि साल 2024 तक वहां की सड़कों पर डीजल कारों पर बैन लग जाएगा. इसके बाद पैट्रोल कारों पर भी पाबंदी 2030 तक हो जाएगी.

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    जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) वाले वाहनों का पर्यावरण प्रदूषण पर बहुत ही ज्यादा दबाव होता है


    क्या है भारत की स्थिति
    जहां तक भारत का सवाल है, भारत ने नए वाहनों की बिक्री की अंतिम तिथि के बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है, लेकिन 15 साल पुराने वाहनों पर नई स्कैप नीति लाकर अपने इरादे स्पष्ट जरूर कर दे हैं. भारत का इरादा साल 2023 तक डीजल वाले तिपहिया और अन्य व्यवासायिक वाहनों की बिक्री खत्म करने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं है.

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    जलवायु परिवर्तन के प्रभाव जिस तरह से दुनिया की अर्थ व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उससे माना जा रहा है कि जीवाश्म ईंधन के विकल्पों का उपयोग जल्दी ही जोर पकड़ने लगेगा. ऐसे में हैरानी नहीं होनी चाहिए कि दुनिया के देश जल्दी ही इन तारीखों के पहले खिसकाने लगें.