ठीक हो चुके Covid-19 मरीजों की बढ़ सकती है मुसीबत, चीन में जारी हुई खास सूची

ठीक हो चुके Covid-19 मरीजों की बढ़ सकती है मुसीबत, चीन में जारी हुई खास सूची
कोरोना वायरस से ठीक हो चुके कई मरीजो में अंग खराबी के लक्षण दिखने लगे हैं

देखा जा रहा है कि कोरोना (Corona virus) संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों के अंगों में खराबी जैसी कई समस्याएं दिख रही है.

  • Share this:
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona virus) का बढ़ता प्रसार दबाव बढ़ाता जा रहा है. शोधकर्ता अभी इस कोविड-19 (Covid-19) बीमारी की दवा और वैक्सीन के परीक्षण के विभिन्न चरणों में लगे हुए हैं. जहां दुनिया को इनके नतीजों का इंतजार है तो वहीं चीन में ठीक हो चुके कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के अंगों में खराबी आ रही है.

दिशा निर्देशों में दी जा रही है जानकारी
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण खराब हुए अंगों की सूची जारी की है. चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने कोविड-19 के लिए जारी दिशा निर्देशों में कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों में फेफड़े और दिल में खराबी की वजह से इलाज की जरूरत हो सकती है. इन मरीजों को मासपेशियों में नुकसान और मनोवैज्ञानिक समस्यों के कारण समस्याएं हो रही हैं.

लंबी बीमारियों की श्रेणी की हैं ये अवस्थाएं
अधिकारियों ने इन स्वास्थ्य अवस्थाओं की कॉनिक (लंबे समय तक चलने वाली) बीमारियों की श्रेणी में रखने की सलाह दी है. देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों के अंगों पर प्रभाव उनके ठीक होने के बाद भी बना हुआ है.



corona virus,
ये लक्षण गंभैीर मरीजों में ही दिखाई दे रहे हैं.


सभी मरीजो के साथ नहीं हो रहा है ऐसा
यह भी देखा जा रहा है कि जिन मरीजों में कोरोना वायरस के कम या मध्यम स्तर के लक्षण दिखाई दिए थे, वे बिना इन लंबे प्रभावों के ही ठीक हो सकते हैं. अध्ययन में पाया गया है कि गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों में ही इस तरह के अंगों में खराबी की समस्या आ रही है. ऐसे मरीजों को पुनर्वास के लिए लंबे समय की जरूरत पड़ रही है.

कैसी समस्याएं हो रही हैं मरीजों को
चीन की NHC का कहना है कि कोविड-19 मरीजों में एनिजीना (Anigina) या एरीथाइमिया (Arrythymia) जैसी दिल की कई समस्याएं हो सकती हैं. ये समस्याएं सीधे वायरस के कारण भी हो सकती है या फिर लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने से हो सकती हैं. गाइडलाइन में ठीक हुए मरीजों में होने वाली मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी जिक्र किया गया है. इनमें डिप्रेशन, नींद न आना, मासपेशियों और अन्य अंगों का ठीक से काम न कर पाना भी शमिल है.

सौ से भी कम सक्रिय मरीज हैं इस समय चीन में
गौरतलब है कि चीन में सबसे पहले यह संक्रमण शुरू हुआ था. पिछले साल दिसंबर के अंत में चीन की वुहान शहल में इस संक्रमण के फैलने की शुरुआत हुई थी. तब से अब तक चीन में 82 ,900 से ज्यादा संक्रमण पाए जा चुके हैं, इनमें से साढ़े चार हजार की मौत हो चुके है, जबकि 78 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं. इन आंकड़ो के जारी होने के समय चीन में सौ से भी कम मरीज संक्रमित थे. देखने वाली बात यह भी है कि चीन की सरकार ने 23 जनवरी को इस संक्रमण को रोकने के प्रयास किए थे.

कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान में सामने आया था (फाइल फोटो, Twitter)


दुनिया में भी तेजी से बढ़ रही है ठीक होने वालों की संख्या
वहीं इस समय दुनिया में अब तक हुए संक्रमण की संख्या 4 लाख 80 हजार से ज्यादा हो चुकी है, जबकि इससे मरने वालों की संख्या 3 लाख 16 हजार से पार हो चुकी है. दुनिया में 18 लाख 60 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. भारत में 96 हजार से ज्यादा संक्रमण हो चुके हैं और इससे मरने वालों की संख्या तीन हजार से ज्यादा हो चुकी है और पूरी तरह से ठीक घोषित किए जा चुके लोगों की संख्या 36 हजार से भी ज्यादा है.

साफ है की तेजी से ठीक हो चुके मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच उनमें अंगों के खराब होने के लक्षण एक गंभीर समस्या हो सकती है. अभी यही उम्मीद की जा सकती है कि इस महामारी की इलाज जल्दी निकले जिससे मरीज गंभीर अवस्था में जाने से पहले ही ठीक हो सकें और उन्हें इस तरह की समस्याओं में न आना पड़े.

यह भी पढ़ें:

कोरोना वायरस से कैसे लड़ेगा आपका शरीर, Genes करते हैं इसका फैसला

हवा में कैसे फैलता है कोरोना वायरस, Fluid Dynamics से इसे समझिए

तेजी से हो सके कोरोना वैक्सीन ट्रायल, इसके लिए रूस में खास चूहे होंगे तैया
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading