लाइव टीवी

कोविड-19 शवों को दफनाने या जलाने में से क्या बेहतर, जानिए पूरा सच

Vikas Sharma | News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 2:51 PM IST
कोविड-19 शवों को दफनाने या जलाने में से क्या बेहतर, जानिए पूरा सच
सांकेतिक तस्वीर

कुछ दिनों पहले मुंबई में कोविड-19 संक्रमित शवों को बीएमसी ने जलाने के निर्देश दिए थे. अब उसने अपने निर्देशों में संशोधन किया है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी जलाने और दफानाने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस तरह की तुलना गलत है.

  • Share this:
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona virus) का कहर देश में बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में देश में 600 से ज्यादा नए संक्रमित मामले सामने आए हैं. अब तक देश में संक्रमित लोगों की संख्या 4000 से पार हो चुकी है.  महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या में ज्यादा इजाफा हो रहा है. इसी बीच मुंबई की महानगरपालिका ने कोविड-19 शवों को जलाने का आदेश दिया था. इसके बाद उसने आदेश में बदलाव भी किया और नए दिशा निर्देश भी जारी किए. कोविड-19 को लेकर अब दफनाने और जलाने में अंतर को लेकर लोगों में भ्रम भी फैले हुए हैं.

जलाने या दफनाने से क्या बेहतर, उठा सवाल
देश में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए यह सवाल भी लोगों के जहन में आ रहा था कि क्या कोरोना वायरस के संक्रमित शवों के जला देना चाहिए या उन्हें दफनाने से संक्रमण का खतरा नहीं होता. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शवों की अंतिम क्रिया तक किन बातों का ध्यान रखना है इस बारे में विस्तार से दिशा निर्देश जारी किए हैं, लेकिन यह भी कहा है कि कि शवों को दफनाने या जलने में से कोई ज्यादा बेहतर नहीं है. संगठन ने शवों की अंतिम क्रिया से पहले तक उसे बॉडी बैग में रखे जाने की सलाह दी.

क्या कहा गया नए निर्देशों में



पहले मुंबई में यह दिशानिर्देश जारी किए गए थे कि कोविड संक्रमित शवों का केवल दाह संस्कार किया जाए बाद में इसमें सुधार किया गया. बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) के नए निर्देश के तहत कोविड-19 की वजह से मारे गए लोगों के शवों का अंतिम संस्कार बिना किसी रस्मो-रिवाज के किया जाए और शवों को तभी दफनाया जाए जब मैदान बड़ा हो.



Maharashtra- 33 new cases of coronavirus in the state total number of patients was 781
महाराष्ट्र में बड़ी संक्रमितों की संख्या


क्या वजह थी ऐसे आदेश की
मुंबई के नगरपालिका कमिश्नर ने एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत ये आदेश दिए थे. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार  एक समुदाय विशेष के नेता ने उनके संज्ञान में यह बात लाई कि उनके आसपास के जो शव दफनाने के लिए मैदान हैं वे बहुत घनी आबादी में रहते  हैं. इससे आसपास के इलाके में संक्रमण की संभावना बढ़ रही है. इसके बाद ही निर्देश में बड़े मैदान वाला संशोधन किया गया.

क्या कहते हैं नए निर्देश
बीएमसी ने अंतिम संस्कार के लिए सलाह दी है कि इलेक्ट्रिक या प्राकृतिक गैस पाइप वाली शवदाह तकनीक का उपयोग किया जाए. निर्देश में कहा गया है कि शव को प्लास्टिक में पैक कर दफनाने से संक्रमण का अंदेशा बना रहता है क्योंकि प्लास्टिक में रहने से शव के सड़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. यह भी कहा गया कि इस अंतिम संकार के दौरान पांच से ज्यादा लोग मौजूद न रहें.

French Football Club Doctor, Commits Suicide, After Coronavirus Diagnosis, football, sports news, फुटबॉल, सॉकर, खेल, कोरोना वायरस, फ्रेंच फुटबॉल क्लब, डॉक्टर
दुनियाभर में कोरोना वायरस का टीका बनाने की कोशिशें जारी हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)


 दफनाने से नहीं किया जाए इनकार
 आदेश में कहा गया कि जो शवों को दफनाने पर जोर देते हैं तो उन्हें तभी ऐसा करने की इजाजत दी जाए जब दफनाने वाला मैदान बड़ा हो और आसपास के इलाके में इससे संक्रमण का खतरा न हो. इस दिशा निर्देश में यह नहीं बताया गया कि दफनाने वाला मैदान कितना बड़ा होना चाहिए.

भारत सरकार और WHO ने भी नहीं किया है अंतर
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि इस मामले में केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों का पालन होना चाहिए जो उसने शवों के संभालने के लिए दिए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और यहां  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस मामले में कोई अलग-अलग निर्देश जारी नहीं किए हैं. वहीं WHO ने साफ किया है कि यह सोचना गलत है कि शव को जलाना दफनाने के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है.

who, world health organization,Question answer on coronaviruses,Q&A COVID-19, indian economy affected coronavirus, world economy affected, indian economy affected, hotel industry, tourism industry, food industry, auto pharma, real estate sectors in problems, gdp, sensex down in india, coronavirus cases in India, Coronavirus in India, Confirmed coronavirus cases, Confirmed coronavirus cases in india, no. of coronavirus cases in india, coronavirus cases in India till now, fresh cases of coronavirus in india, coronavirus india cases, Covid 19 cases in india, India coronavirus cases, कोरोना वायरस पर डब्ल्यूएचओ के सवाल-जवाब, डब्ल्यूएचओ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, कोरोना वायरस का आर्थिक प्रभाव, भारतीय उद्योग घंदे पर कोराना वायरस का प्रभाव, जीडीपी, तबाह हो सकते हैं ये सेक्टर्स, फू़ड, होटल, ऑटो मोबाइल इंड्सट्री,"
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने वेबसाइट पर coronovirus को लेकर जवाब दिया है.


श्रीलंका की घटना से WHO ने जारी किए निर्देश
गौरतलब है कि इससे पहले श्रीलंका में यह मामला सामने आया था कि कुछ मुस्लिम परिवारों के कोविड संक्रमित शवों को वहां उन परिवारों की इच्छा के विरुद्ध जलाया गया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके बाद स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए थे. शव के अंतिम संस्कार के तरीके से ज्यादा अहम उस दौरान अपने गए बचाव के तरीके हैं. ऐसा ही कुछ अब शायद बीएमसी के संशोधित निर्देशों में भी दिख रहा है.

यह भी पढ़ें:

नासा ने पेश की अपनी खास योजना, चांद पर बेस कैम्प बनाने की है तैयारी

क्या खास है उस मंदिर में, जहां देशभर से इकट्ठा होते हैं किन्नर

63 साल पहले आज ही के दिन केरल में बनी थी पहली कम्यूनिस्ट सरकार

Antarctica में 9 करोड़ साल पहले था ‘Rain Forest’, जानिए उसकी कुछ दिलचस्प बातें

हां सड़कों पर पुलिस नहीं, रोबोट हैं तैनात, लॉकडाउन तोड़ने वाले का लेते हैं ID

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 2:51 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading