COVID-19: कैसे पहचाने बच्चों में दिख रहे लक्षण और क्या है इलाज

कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर में बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: arun sambhu mishra / Shutterstock)

कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर में बच्चे (Children) भी संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन उनके लक्षण (Symptoms) बड़ों के लक्षणों से कुछ अलग भी हैं.

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    कोविड-19 ( Covid-19) की दूसरी लहर का पहली लहर से ज्यादा खतरनाक है. इस बार संक्रमण के मामले तो ज्यादा हैं ही, कई नई चीजें भी देखने को मिल रही हैं जो पहली लहर में नहीं दिखाई दी थी. ब्लैक फंगस का संक्रमण, लक्षणों में बदलाव और उनकी संख्याओं में वृद्धि ऐसे ही कुछ चीजें है. लेकिन इसके अलावा भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पहली लहर में जहां बच्चों को संक्रमण नहीं हो रहा था, इस बार बच्चों का संक्रमित होने चिंता में डाल रहा है. इतनी ही नहीं बच्चों के लक्षण बड़ों से कुछ हटकर भी है.

    नए वेरिएंट बच्चों पर भी प्रभावी
    दूसरी लहर के नए वेरिएंट ने बच्चों में संक्रमण बड़ों की तरह ही फैलाया है. इतना ही नहीं बच्चों में संक्रमण के लक्षण भी कुछ हटकर दिखाई दे रहे हैं और ठीक होने के बाद के दुष्प्रभाव भी अलग दिखने  मिल रहे हैं. बच्चों सूजन संबंधी विकार भी दिख रहे हैं. ऐसे में शिशुओं से लेकर किशोरों तक अब ज्यादा सावधानी और निगरानी की जरूरत है.

    शिशुओं का ज्यादा खतरा
    यह पाया गया है कि शिशु बड़े बच्चों की तुलना में ज्यादा जोखिम का सामना कर रहे हैं. पिछले साल पहली लहर के दौरान यह देखा गया था कि एक साल से कम उम्र के शिशुओं में कोविड संक्रमण का जोखिम ज्यादा था क्योंकि उनकी सांस लेने की तंत्र छोटा होता है, उनकी प्रतिरोध क्षमता भी परिपक्व नहीं होती है और वे पहले से ही मौसम के बदलावों को आसानी से नहीं झेल पाते हैं.

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    कोविड-19 (Covid-19) की दूसरी लहर में बच्चों का ज्यादा संक्रमित होना चिंता का विषय है. - सांकेतिक फोटो (pixabay)


    खास सावधानी की जरूरत
    ऐसे में जरूरी है कि नवजात शिशुओं का खास तौर पर ख्याल रखा जाएगा. उन्हें संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा उनकी देखभाल करने वाले लोगों से है. इसलिए नवजातों की देखभाल करने से पहले मास्क लगाना और हाथों को सैनेटाइज करना बहुत जरूरी है. इसके अलावा आने जाने वालों पर रोक जोखिम को और कम किया जा सकता है.

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    ये खास लक्षण देखें
    बच्चों में  बड़ों के मुकाबले कोविड-19 के लक्षणों में कुछ फर्क है. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि बच्चों में कैसे लक्षण दिखाई देते हैं. बच्चों में बुखार और खांस सबसे ज्यादा पाए जाने वाले आम लक्षण हैं. यदि बच्चे में बुखार तेज है और लगातार खांसी है तो सलाह दी जाती है कि उसका कोविड टेस्ट करा लिया जाए. देखा गया है कि बुखार के साथ ठंड लगना और सूखी खांसी बच्चों और किशोरों में सबसे ज्यादा देखे गए लक्षण हैं.

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    बच्चों में भी सबसे ज्यादा खतरा नवजात शिशुओं (Infants) को है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: ANI)


    और ये लक्षण भी
    इसके अलावा नाक बंद होना, पेट में दर्द, त्वचा पर दाने, उल्टी, सूंघने की क्षमता का चला जाना, खराब खुराक और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण भी पाए जा रहे हैं. बच्चे के ठीक होने यानि आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेविट आने के बाद भी अभिभावकों को बच्चों का ख्याल रखने की जरूरत है.

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    ठीक होने के बाद की समस्याएं
    देखा गया है कि कोविड-19 से उबरने के बाद बच्चों में मल्टी सिस्टम इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम  (MIS-C) नाम का विकार बच्चों के दिल, फेफड़ों, गुर्दों में सूजन ला देता है. और यह एक आम लक्षण है जो कोविड संक्रमण से उबरते हुए बच्चों में देखा जा रहा है. इसके साथ ही आंखों का लाल होना, गर्दन की गांठों का बढ़ना, त्वचा पर दाने जैसे लक्षण ठीक  होने के कुछ सप्ताह तक आमतौर से देखे जा रहे हैं.