कोविशील्ड के डोज में फर्क के बीच नई गाइडलाइन जारी, जानिए सभी सवालों के जबाव

देश में बड़े पैमाने पर कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है (Photo- moneycontrol)

देश में बड़े पैमाने पर कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है (Photo- moneycontrol)

Covid 19 vaccination: पहले कोविशील्ड (Covishield) के दो डोज के बीच 28 दिनों का अंतर था. अब ये अंतराल बढ़ाकर 8 हफ्ते हो चुका है. ऐसे में अपॉइंटमेंट से जुड़े कई बदलाव आए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 7:45 AM IST
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कोरोना की गाइडलाइन अपडेट हुई है. नई गाइडलाइन के मुताबिक पहला डोज ले चुके लोगों को अब मोबाइल पर सरकार की ओर से दूसरे डोज के लिए याद नहीं दिलाया जाएगा, बल्कि लोगों को खुद ही दूसरे शॉट के लिए अपॉइंटमेंट बुक करना होगा. इससे पहले कोविन (CoWIN) पर दूसरे डोज की अपॉइंटमेंट खुद ही बुक हो रही थी. ये बदलाव कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल बढ़ने के कारण किया गया है. जानिए, इसके बारे में हर जरूरी सवाल का जवाब.

क्या हैं ताजा हालात?

देश में बड़े पैमाने पर कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है. इस कड़ी में 1 करोड़ से भी ज्यादा की आबादी को वैक्सीन के दो डोज लग चुके. इसी बीच एक नया सरकारी निर्देश आया, जिसमें कोविशील्ड वैक्सीन के दो डोज के बीच 4-8 हफ्ते तक का गैप रखने की बात कही गई. इसके बाद से लोगों में अफरा-तफरी मची हुई है. पहले ही दोनों खुराक ले चुके लोग सोच में हैं कि क्या इससे उनके भीतर एंटीबॉडी बनने पर कोई फर्क आएगा.

क्या एंटीबॉडी देर से ही बनती है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि दो खुराकों के बीच अंतर बढ़ाने पर कोविशील्ड वैक्सीन का प्रभाव ज्यादा दिख रहा है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि 28 दिन के फर्क पर दोनों डोज ले चुके लोगों के भीतर एंटीबॉडी विकसित नहीं होती हैं. दरअसल कोविशील्ड, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का AZD1222 संस्करण है. इसपर बनने के बाद भी लगातार रिसर्च हो रही है. इसी दौरान पाया गया कि दोनों खुराक के बीच की अवधि को 12 सप्ताह तक बढ़ाने से वैक्सीन का प्रभाव बहुत बढ़ गया.

covid 19 vaccine India
तयशुदा वक्त पर पहले ही कोविशील्ड के दोनों डोज ले चुके लोगों को इसका कोई नुकसान है (Photo- news18 English via AP)


क्यों बढ़ाया गया अंतराल?



हालांकि ये अलग-अलग देशों में अलग-अलग नतीजे देता दिखा. जैसे अमेरिका समेत कई देशों में दोनों डोज 28 दिन के अंतराल पर लेने पर भी वैक्सीन लगभग 79% तक प्रभावशाली दिखी. वहीं यूके समेत ब्राजील जैसे देशों में 28 दिन पर ये प्रभाव 54.9% दिखा. ऐसे में वैज्ञानिकों ने तय किया कि चूंकि डोज का फर्क बढ़ाने पर कोई नुकसान नहीं, बल्कि फायदा ही है, लिहाजा ये अंतराल बढ़ा दिया गया.

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क्या कोई नुकसान है?

इसका मतलब ये नहीं है कि तयशुदा वक्त पर पहले ही कोविशील्ड के दोनों डोज ले चुके लोगों को इसका कोई नुकसान होगा. बात यहां नुकसान की नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा फायदे की है, जिसके कारण ये समय अंतराल में बदलाव किया गया. यहां तक कि ये भी देखा जा रहा है कि गंभीर मामलों में कोविशील्ड ज्यादा बेहतर ढंग से काम कर रहा है. हालांकि फिलहाल वैज्ञानिकों के पास इसके पक्के प्रमाण नहीं हैं.

कोविशील्ड की पहली खुराक ले चुके लोगों को आगे क्या करना होगा?

इसके लिए सरकार ने कोविन पोर्टल बना रखा है. वहां अपना पिन कोड डालते ही आपको अपने घर के सबसे करीबी कोविड वैक्सिनेशन सेंटर की पूरी जानकारी मिल जाएगी. इसके अलावा पोर्टल पर बुक किए बगैर आप सीधे भी सेंटर पर जा सकते हैं. वहां ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी होती है.

covid 19 vaccine India
वैक्सीन का पूरा फायदा लेने के लिए ये जरूरी है कि दोनों खुराकें ली जा- सांकेतिक फोटो (pixabay)


क्या वैक्सीन का दूसरा डोज लेना जरूरी है?

हां, वैक्सीन का पूरा फायदा लेने के लिए ये जरूरी है कि दोनों खुराकें ली जाएं. वरना एंटीबॉडी पूरी तरह से विकसित नहीं होंगी और बीमारी का खतरा बना रहेगा. जिस वैक्सीन की आप एक डोज ले चुके हैं, उसकी ही दूसरी डोज लेनी होगी. वैसे दोनों अलग-अलग डोज लेने पर भी शोध हो रहा है. इसे हेट्रोलॉगस प्राइम बूस्टिंग कहा जाता है. इसके तहत एक वैक्सीन लेने के बाद बूस्टर में किसी दूसरे ब्रांड की वैक्सीन लेने पर एंटीबॉडी ज्यादा प्रभावी हो जाती हैं. हो सकता है कि बूस्टर में दूसरी वैक्सीन लेने पर इम्यून सिस्टम तेजी से प्रतिक्रिया देता हो लेकिन इसका अलग असर भी हो सकता है. फिलहाल इस बारे में शोध चल रहे हैं.

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कोविशील्ड की दूसरी डोज के लिए अस्पताल कब जाना चाहिए?

नई सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक पहले डोज के 6 से 8 हफ्ते के बाद ही कोविशील्ड वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जाना है. पहले ये अंतराल 28 दिनों का था. अब बदलाव के कारण कोविन से आपके मोबाइल पर तारीख तय करके वैक्सीन लगवाने के लिए बुलावा नहीं आएगा, बल्कि आपको खुद ही पोर्टल पर जाकर अपने लिए तारीख तय करनी होगी. या फिर सीधे सेंटर पर जाकर भी बात कर सकते हैं. इसके लिए अपने पहचान पत्र के अलावा वो सर्टिफिकेट भी ले जाएं, जो पहली खुराक के बाद आपको दिया गया था.

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ऑनलाइन रजिस्टेशन में समस्या होने पर क्या किया जा सकता है?

वैसे तो कोविन पोर्टल काफी स्मूद ढंग से काम कर रहा है और आम लोग इसपर आसानी से रजिस्टर कर सकें, इस तरह से डिजाइन किया गया है, लेकिन इसके बाद भी अगर रजिस्ट्रेशन में कोई समस्या आए तो नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल किया जा सकता है. यहां सारी सूचनाएं मिल जाएंगी.
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