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लापरवाही से खांसने-छींकने पर दर्ज हो रहे हैं क्रिमिनल केस, माना जा रहा आतंकी

News18Hindi
Updated: March 25, 2020, 7:53 PM IST
लापरवाही से खांसने-छींकने पर दर्ज हो रहे हैं क्रिमिनल केस, माना जा रहा आतंकी
गलत जानकारियां देने या फैलाने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो रहा है

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के लगातार फैलने के बीच लगभग सारे देश पूरे या आंशिक तौर पर लॉकडाउन (lockdown) हैं. ऐसे में कई मुल्क उन पर कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं जो लोग जानबूझकर संक्रमण फैलाते दिख रहे हैं.

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  • Last Updated: March 25, 2020, 7:53 PM IST
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खतरनाक कोरोना वायरस (coronavirus) को लेकर पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है, यहां तक कि खांसते या छींकते हुए अगर सावधानी न बरती जाए तो आप पर आपराधिक मामला (criminal chase) भी दर्ज हो सकता है.

ऐसा ही एक मामला अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में सामने आया. Reuters में छपी एक खबर के मुताबिक न्यू जर्सी के 50 साल के जॉर्ज फाल्कन के ऊपर इसी तरह के चार्जेज लगे हैं. न्यू जर्सी के अटार्नी जनरल के दफ्तर ने इस बात की पुष्टि की है.

दरअसल जॉर्ज रविवार की शाम सुपरमार्केट में थे. वहां पर एक कर्मचारी ने उनसे फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने को कहा तो कथित तौर पर जॉर्ज उस कर्मचारी के पास जाकर खांसने लगे. बाद में हंसते हुए उन्होंने कहा कि मैं कोरोना वायरस इंफेक्टेड हूं.

उनकी इस हरकत के बाद सुपर मार्केट ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. जॉर्ज पर कार्रवाई की मांग की गई. इसके बाद जॉर्ज पर आतंकी हमले की कोशिश समेत कई आपराधिक चार्ज लगे. बीमारी की गंभीरता को हल्के तौर पर लेने के लिए सख्ती दिखाने के प्रतीक के तौर पर ये किया जा रहा है.



इसे आतंकी कार्रवाई माना जा रहा है
इस बारे में Justice Department के नेताओं को मैमोरेंडम दिया गया. इसमें डिप्टी अटार्नी जनरल Jeffrey Rosen ने साफ कहा है कि अगर कोई जानबूझकर किसी में वायरस फैलाने की कोशिश करता भी दिखता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. वायरस को ‘biological agent’ की तरह देखा जा रहा है जो देश के खिलाफ आतंकी कार्रवाई की तरह है. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि ये वायरस किसी देश ने जानबूझकर फैलाया है.

कोई संदिग्ध कोरोना की जांच से इनकार करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी


साउथ कोरिया में एक महिला ने भी यही किया
साउथ कोरिया भी वायरस से बुरी तरह से प्रभावित देशों में है. यहां पर भी कुछ ऐसा ही देखने में आया है. यहां अब तक 9,137 मामले आ चुके हैं. दक्षिण कोरिया में भी कुछ ऐसा ही देखने में आ रहा है. माना जा रहा है कि यहां के एक चर्च में काम करने वाली कोरोना मरीज ने लगभग 5 हजार लोगों को संक्रमित किया है.

मरीज की पहचान गुप्त रखने के लिए उसे पेशेंट 31 नाम दिया गया है. चर्च का नाम Shincheonji Church of Jesus है. 61 साल की महिला इसी चर्च की सदस्य थी. कोरिया के Taegu शहर की ये महिला 7 फरवरी को अस्पताल गई जहां खुद उसने ही किसी भी जांच से इनकार कर दिया.

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार दूसरी बार भी अस्पताल जाने पर उसने यही किया, जबकि वो खुद ही लगातार गले में दर्द और बुखार की शिकायत कर रही थी. 17 फरवरी को हालत बिगड़ने पर जांच हुई तो उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया. माना जा रहा है कि फिलहाल दक्षिण कोरिया के कुल मामले में हर 5 में 1 मरीज किसी न किसी तरह इसी महिला से संबंधित रहा है.

चर्च और महिला के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
चर्च ने इस दौरान बहुत गैरजिम्मेदाराना व्यवहार दिखाया. महिला के आने-जाने के बारे में सब कुछ सीक्रेट रखा क्योंकि वो वहां की सदस्य थी. Seoul Metropolitan Government ने उस महिला के अलावा चर्च के खिलाफ भी हत्या की कोशिश की फॉर्मल शिकायत दर्ज की है.

अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज सहयोग नहीं करता दिखे तो वो भी इसी दायरे में आता है


चीन में सार्वजनिक तौर पर थूकने या खांसने पर दर्ज हो रहा है केस
चीन के हुबई प्रांत, जहां से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला, वहां भी Public Security Department ने एक नोटिस जारी किया है. इसके अनुसार अगर कोई सार्वजनिक जगहों पर थूकता या बिना मास्क खांसता दिखे तो उस पर आपराधिक मुकदमा चलेगा. इसके अलावा अगर कोई संदिग्ध कोरोना की जांच से इनकार करता है या अस्पताल में इलाज के दौरान सहयोग नहीं करता दिखे तो वो भी इसी दायरे में आता है. 30 जनवरी से ही चीन के हुबई में ये लागू हो चुका है. ये खबर सीएनएन में प्रकाशित हुई है.

फिलीपींस में भी कोरोना वायरस के संबंध में गलत जानकारियां देने या फैलाने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो चुका है. इस बारे में Philippine National Police (PNP) ने 17 फरवरी को बताया कि एक अस्पताल के बारे में गलत जानकारी देने के बाद उस शख्स को पकड़ा गया. Penal Code 154 के तहत उस पर कार्रवाई की गई. इसके बाद खुद फिलीपींस के कानून मंत्री ने National Bureau of Investigation को आदेश दिया कि कोरोना के मामले में इस तरह की गलत जानकारियां देने वालों की खोज की जाए और उन पर कार्रवाई हो.

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First published: March 25, 2020, 7:14 PM IST
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