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जानिए, क्यूबा क्यों है दुनिया का सबसे बड़ा 'डॉक्टर एक्सपोर्टर' देश

News18Hindi
Updated: March 29, 2020, 5:16 PM IST
जानिए, क्यूबा क्यों है दुनिया का सबसे बड़ा 'डॉक्टर एक्सपोर्टर' देश
क्यूबा के डॉक्टर ग्रेजुएशन कर लेते हैं तो उन्हें मुश्किल हालातों से जूझ रहे देश में भेजा जाता है (photo credit- Reuters)

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  • Last Updated: March 29, 2020, 5:16 PM IST
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चीन के बाद अमेरिका और इटली कोरोना महामारी का गढ़ बने हुए हैं. अमेरिका में आंकड़े बीते हफ्तेभर में बढ़े लेकिन इटली के हालात पहले से ही खराब हैं. इस वक्त में इटली की मदद को कई देश आगे आए. इनमें क्यूबा भी एक देश है, जिसने वहां 52 डॉक्टरों की टीम भेजी है.

दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते खतरों के बीच सभी देश मुश्किल में फंसे देशों की मदद कर रहे हैं. ज्यादातर देश एक-दूसरे से आर्थिक मदद या मेडिकल उपकरण भेज रहे हैं तो कैरेबियन सागर के पास बसा देश क्यूबा डॉक्टर भेज रहा है. हाल ही में 22 मार्च को इटली में इसने 52 ऐसे डॉक्टरों की टीम भेजी, जो संक्रामक बीमारियों के विशेषज्ञ हैं. क्यूबन सरकार ने इटली के अलावा विशेषज्ञों की अपनी टीम वेनेजुएला, निकारगुआ, जमैका और सूरीनाम भी भेजी है.

क्या है यहां के डॉक्टरों में खास
जब क्यूबा के डॉक्टर ग्रेजुएशन कर लेते हैं तो उन्हें ऐसे ही किसी देश में भेजा जाता है, जहां संक्रामक बीमारी फैली हो या कोई दूसरी जरूरत हो. अक्सर वे 1 से 2 साल तक वहां काम करते हैं. संक्रमित जगहों पर जाने से पहले अस्पताल उनकी सख्त ट्रेनिंग करवाते हैं, जिसमें पर्सनल सेफ्टी का ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है. साथ ही उन्हें उस देश की भाषा, खानपान और संस्कृति का भी बेसिक ज्ञान मिलता है ताकि वे वहां जाकर लोगों की मदद आसानी से कर पाएं.



डॉक्टरों को बाहर भेजा जाना क्यूबा की अर्थव्यवस्था की कई तरह से मदद करता है




कैसा है हेल्थकेयर सिस्टम
लगभग 1.15 करोड़ की आबादी वाले इस छोटे से देश में कई ऐसी खासियतें हैं, जो इसका हेल्थकेयर सिस्टम पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है. खुद World Health Organization का मानना है कि यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं से सारे देश सीख सकते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल लगभग 60 देशों में क्यबूा के 30 हजार डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं. फिदले कास्त्रो की सरकार बनने के बाद मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा मिला. यही वजह है कि क्यूबा में हर 155 लोगों पर 1 डॉक्टर उपलब्ध है. ये अमेरिका और इटली से बेहतर है. बेहतरीन विशेषज्ञों की वजह से क्यूबा लंबे समय से ही अपने यहां दुनियाभर के डॉक्टरों को ट्रेनिंग दे रहा है.

यहां Latin American School of Medicine (ELAM) में फिजिशियन को प्रशिक्षण मिलता है. साल 1998 से अबतक 123 देशों के डॉक्टर यहां प्रशिक्षण पा चुके हैं. खुद UN के पू्र्व सेक्रेटरी जनरल Ban Ki-moon के अनुसार क्यूबा का मेडिसिन स्कूल ELAM दुनिया का सबसे आधुनिक मेडिकल स्कूल है. यही वजह है कि क्यूबा की मेडिकल सुविधाओं को क्यूबन मॉडल के नाम से दुनिया में जाना जाता है.

हैती में आई बाढ़ के दौरान जब लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में थी, तब क्यूबा ने सबसे पहले अपने डॉक्टर भेजे


परोपकारिता का इतिहास
साल 2004 में क्यूबा के हेल्थकेयर सिस्टम पर सबका ध्यान गया, जब उन्होंने Operation Miracle नाम से एक मुहिम चलाई. इसके तहत लैटिन अमेरिका के उन तमाम नागरिकों की आंखों का इलाज और सर्जरी हुई, जो पैसों की तंगी के कारण किसी समस्या से जूझ रहे थे. इस मुहिम में लगभग 35 लाख लोगों की आंखों की सर्जरी की गई. इसी तरह से हैती में आई बाढ़ के दौरान जब लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में थी, तब क्यूबा ने सबसे पहले अपने डॉक्टर भेजे और वही डॉक्टर सबसे आखिर में लौटे. यहां तक कि अफ्रीका में खतरनाक इबोला के कहर के बाद 165 डॉक्टर तुरंत वहां पर दवाएं और जरूरी सामान लेकर पहुंच गए और लगातार जुटे रहे.

है दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टर निर्यातक देश
इस देश में जानकार डॉक्टर तो हैं लेकिन आर्थिक तंगी है. ऐसे में डॉक्टरों को बाहर भेजा जाना क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर कई तरह से मदद करता है. इस बारे में Economist Intelligence Unit के विशेषज्ञ Mark Keller बताते हैं कि जैसे वेनेजुएला में साल 1998 में अंदरुनी क्रांति हुई, उसके बाद वेनेजुएला और क्यूबा एक-दूसरे की मदद करने लगे. तेल के मामले में मजबूत वेनेजुएला क्यूबा को पैसों और तेल की मदद करता था, तो बदले में क्यूबा उसे डॉक्टर और खेल प्रशिक्षक भेजता रहा. अब भी 21,700 क्यूबन प्रशिक्षक वहां काम कर रहे हैं. इसी तरह ब्राजील, अल्जीरिया, केन्या और युगांडा जैसे देश भी क्यूबा की मदद लेते हैं और बदले में क्यूबन इकॉनमी को मजबूती मिल रही है.

मुश्किल हालातों में डटे डॉक्टरों को भी एक तयशुदा राशि सरकार की ओर से मिलती है


क्या मिलता है डॉक्टरों को
दुनिया के सभी देशों में मुश्किल से मुश्किल हालातों में डटे डॉक्टरों को भी एक तयशुदा राशि सरकार की ओर से मिलती है. जैसे अगर यहां की न्यूनतम मासिक आय 1,871 रुपए हैं तो डॉक्टरों को सीधे इसका दोगुना मिलेगा. इसके अलावा दूसरे देशों की सरकारें भी अपने यहां काम में लगे डॉक्टरों को तनख्वाह देती हैं, जैसे ब्राजील में रह रह क्यूबन डॉक्टरों को इस राशि के अलावा ब्राजील सरकार भी हर महीने लगभग 75 हजार रुपए देती है. हालांकि दूसरे देशों में काम कर रहे इन डॉक्टरों को वहां के स्थानीय डॉक्टरों का सपोर्ट नहीं मिलता है. बाहर से आए ये डॉक्टर अक्सर इस वजह से परेशानियां भी झेलते हैं.

फिलहाल कई देशों में अपनी डॉक्टरी मदद भेज चुका क्यूबा खुद भी कोरोना से संक्रमित देशों में है. यहां पर 119 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इनके इलाज के लिए क्यूबा के हेल्थ एक्सपर्ट Interferon Alfa-2B दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये एक तरह का एंटी-वायरल ड्रग है जो चीन में भी कोरोना के मरीजों पर इस्तेमाल हो चुका है. यहां पर टूरिज्म पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और सिविल अस्पतालों के अलावा मिलिट्री अस्पताल भी तैयार कर दिए गए हैं ताकि एकाएक मरीज आने पर उन्हें पूरा इलाज मिल सके.

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First published: March 29, 2020, 5:15 PM IST
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