जानिए राज्यसभा में खाली हो रही हैं कितनी सीटें, कैसे होगा इन पर चुनाव

जानिए राज्यसभा में खाली हो रही हैं कितनी सीटें, कैसे होगा इन पर चुनाव
26 मार्च को राज्यसभा की 55 सीटों के लिए मतदान होगा.

अप्रैल में देश के कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल राज्यसभा सांसद के रूप में पूरा हो रहा है. इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, एनसीपी नेता शरद पवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, मोतीलाल वोरा, विजय गोयल, कुमारी शैलजा और दिग्विजय सिंह शामिल हैं.

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आगामी 26 मार्च को भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा (Rajya Sabha) की 55 सीटों के लिए चुनाव होने जा रहा है. सभी राजनीतिक पार्टियां इस चुनाव की तैयारी में दमखम के साथ लग गई हैं. इन 55 में से 51 सीटों पर मौजूदा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है. जबकि चार सीटों पर सांसदों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है. जिन चार सांसदों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है उनका कार्यकाल भी अप्रैल महीने में ही समाप्त हो रहा है. इस चुनाव में नामांकन की आखिरी तिथि 13 मार्च है. वोटों की गिनती 26 मार्च शाम को ही होगी.

दिग्गज नेताओं का कार्यकाल हो रहा है पूरा
अप्रैल में देश के कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल राज्यसभा सांसद के रूप में पूरा हो रहा है. इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, एनसीपी नेता शरद पवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, मोतीलाल वोरा, विजय गोयल, कुमारी शैलजा और दिग्विजय सिंह शामिल हैं.

किन राज्यों से कितनी सीटें
महाराष्ट्र-7, तमिलनाडु-6, पश्चिम बंगाल-5, बिहार-5, ओडिशा-4, गुजरात-4, आंध्र प्रदेश-4, असम-3, मध्य प्रदेश-3, राजस्थान-3, तेलंगाना-2, छत्तीसगढ़-2, हरियाणा-2, झारखंड-2, हिमाचल प्रदेश-1, मणिपुर-1, मेघालय-1



बीजेपी को कितनी सीटों की उम्मीद
अगर बीजेपी 12 से 13 सीटें जीत जाती है तो उच्च सदन में इसकी कुल सीटों की संख्या बढ़कर 94-95 हो जाएगी. इसके बाद अगले चरण के चुनाव नवंबर में होने हैं, जिसमें पार्टी की सीटों की संख्या में और इजाफा होना तय है, क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश से कुछ फायदा मिलेगा. हालांकि यह मुश्किल ही लगता है कि बीजेपी राज्यसभा में बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकेगी.

2020 में कुल 73 सीटें होंगी खाली
अगर मार्च के चुनाव से इतर बात की जाए तो 2020 में राज्यसभा की कुल 73 सीटें खाली होंगी. 2020 में अकेले यूपी की 10 सीटें खाली होंगी. राज्य में बीजेपी की सरकार है, इसलिए ज्यादातर सीटें उनके खाते में जाएंगी. यहां पर सबसे ज्यादा नुकसान अखिलेश यादव की अगुआई वाली समाजवादी पार्टी को होगा.

अंकगणित बीजेपी के खिलाफ
बीजेपी ने बीते दो सालों के दौरान कई महत्वपूर्ण राज्य गंवाए हैं जिनका नतीजा राज्यसभा चुनावों में पड़ने वाला है. राज्यों का अंकगणित इस बार बीजेपी के खिलाफ जा रहा है. कांग्रेस के लिए ये चुनाव सुखद हो सकता है क्योंकि पार्टी ने कई राज्यों में सरकार बनाने में सफलता पाई है. यहां से उसे सीधा फायदा हो सकता है. 245 सदस्यीय राज्यसभा में पार्टी की स्थिति मजबूत होती दिख रही है.

वर्तमान में किसके कितने सदस्य
वर्तमान में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पास 83 तो कांग्रेस के 46 सदस्य हैं. गौरतलब है कि राज्यसभा में सभी सदस्यों की संख्या 250 होती है. इसमें 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं. जबकि 238 सीटों पर चुनाव होते हैं.

क्या होती है राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया
राज्यसभा में राज्यवार सांसदों की संख्या राज्य की जनसंख्या के हिसाब से तय की जाती हैं. राज्यसभा सांसदों का चुनाव उस राज्य के चुने हुए विधायक करते हैं. इसलिए जिस राज्य में जिस पार्टी का बहुमत रहता है या फिर विधायकों की संख्या ज्यादा होती है, उसे इस चुनाव में फायदा होता है. राज्यसभा सांसद के चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया दिलचस्प है. इसे महाराष्ट्र के उदाहरण से समझा जा सकता है. मान लीजिए महाराष्ट्र में 7 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. राज्य की विधानसभा में चुने हुए विधायकों की कुल सीटें हैं 288. अब अगर किसी राज्यसभा सांसद को चुनाव जीतना है तो 288 में 7 से भाग देकर 1 जोड़ दिया जाएगा.  यानी अगर किसी सांसद को महाराष्ट्र से चुनाव जीतना है तो उसे 42 विधायकों के वोट की आवश्यकता पड़ेगी.

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