क्यों कह रहा है ये देश-हमारे यहां घूमो, अगर कोरोना पॉजिटिव हो गए तो सारा खर्च देंगे

क्यों कह रहा है ये देश-हमारे यहां घूमो, अगर कोरोना पॉजिटिव हो गए तो सारा खर्च देंगे
यूरोपीय देश साइप्रस ने सैलानियों को सुरक्षित रखने के लिए कई ऐलान किए हैं.

साइप्रस (Cyprus) ने सैलानियों (Tourists) को लुभाने के लिए ऐलान किया है कि उसके देश में अगर कोई टूरिस्ट कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive)निकलता है, तो सारा खर्च सरकार वहन करेगी.

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कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के कई देशों में किए गए लॉकडाउन में अब ढील देने की शुरुआत हो गई है. चौपट हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच अब माना जा रहा है टूरीज्म इंडस्ट्री लंबे समय तक प्रभावित रहेगी. दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था विदेशी सैलानियों पर टिकी होती है. माना जा रहा है कि ऐसे देशों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. कई देश अपने यहां सैलानियों को लुभाने के लिए विशेष पैकेज दे सकते हैं. यूरोपीय देश साइप्रस ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी है.

कोरोना वायरस की वजह से हिचक रहे हैं सैलानी
कोरोना वायरस के डर की वजह से दुनियाभर के लोगों में एक हिचक बनी हुई है. कई देशों में लॉकडाउन में मिली ढील के बावजूद लोग बाजार जाने से कतरा रहे हैं. दूसरे देश घूमने जाने की बात तो अभी दूर-दूर तक सोची भी नहीं जा सकती है. बढ़ती बेरोजगारी की वजह से लोग अभी घूमने के प्लान को लंबे समय तक के लिए टालने की सोच रहे हैं.

ऐसे में कोरोना वायरस का खतरा भी बना ही हुआ है. अब साइप्रस ने सैलानियों को लुभाने के लिए ऐलान किया है कि उसके देश में अगर कोई टूरिस्ट कोरोना पॉजिटिव निकलता है, तो सारा खर्च सरकार वहन करेगी. सिर्फ इलाज का नहीं बल्कि उस टूरिस्ट के आने-जाने का किराया, होटल का बिल, दवा सबकुछ सरकार देगी.



साइप्रस अपने खूबसूरत समुद्री किनारों की वजह से दुनियाभर के सैलानियों के बीच मशहूर है.




प्राकृतिक सुंदरता की वजह से मशहूर है साइप्रस
खूबसूरत समुद्री तटों के लिए के मशहूर साइप्रस में कुछ सैलानियों ने आना भी शुरू किया है. ऐसे में साइप्रस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम चाहते हैं हमारे यहां आने वाला हर सैलानी खुद को सुरक्षित महसूस करे. वो यहां रुकने में घबराए नहीं. इसी वजह से हमने उन्हें सुरक्षा देनी की सोची है.

अर्थव्यवस्था बड़ा हिस्सा है टूरीजम इंडस्ट्री
गौरतलब है कि साइप्रस की कुल अर्थव्यवस्था का 15 फीसदी हिस्सा टूरीजम इंडस्ट्री से आता है. सैलानी पूरे साल देश में आते रहते हैं. दिलचस्प रूप से इतने आवागमन के बावजूद साइप्रस में कोरोना वायरस ने बुरी तरह पैर नहीं पसारे. देश में अब तक कोरोना के कुल 1 हजार मामले ही सामने आए हैं. देश में महामारी से अब तक 17 लोगों की मौत हुई है.

सैलानियों को देश में एंट्री से पहले दिखाना होगा कोरोना निगेटिव डॉक्यूमेंट
अब सरकार इस बात के लिए पूरी तरह सचेत है कि सैलानी साइप्रस में आगे भी सुरक्षित महसूस करते रहें. देश में 1 जून से होटल खोल दिए जाएंगे. तकरीबन एक सप्ताह बाद ही इंटरनेशनल फ्लाइट्स की शुरुआत कर दी जाएगी. एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त ही सैलानियों को अपना कोरोना टेस्ट निगेटिव का डॉक्यूमेंट दिखाना होगा. ये टेस्ट सैलानी के अपने देश से फ्लाइट पकड़ने के 72 घंटे के भीतर का होना चाहिए.



अगर सैलानी के देश में कोरोना टेस्टिंग नहीं हो रही होगी तो उसे पहले एयरपोर्ट पर ही टेस्टिंग करवानी होगी. इसके लिए उसे 60 यूरो देने पड़ेंगे. आगामी 20 जून से साइप्रस में जर्मनी, यूनान, इजरायल और माल्टा जैसे देशों से सैलानियों के आने की बात कही जा रही है.

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First published: May 29, 2020, 10:07 PM IST
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