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कोरोना वायरस से मरने वालों का नहीं हो पा रहा है अंतिम संस्कार, वेटिंग लिस्ट में हैं लाशें

News18Hindi
Updated: March 23, 2020, 11:55 AM IST
कोरोना वायरस से मरने वालों का नहीं हो पा रहा है अंतिम संस्कार, वेटिंग लिस्ट में हैं लाशें
परिवार के लोग अंतिम संस्कार भी विधि-विधान से नहीं कर पा रहे

दुनिया में खतरनाक ढंग से फैलता जा रहा कोरोना वायरस (coronavirus) अब तक 192 देशों को अपने शिकंजे में ले चुका है. संक्रमण का डर इतना ज्यादा है कि अब मरीज की मौत के बाद परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 11:55 AM IST
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रहस्यमयी वायरस के बारे में अब तक इससे ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है कि वो खांसने-छींकने या शरीर से किसी भी तरह के तरल के रिसाव से हो सकता है. ऐसे में अगर किसी कोरोना पॉजिटिव की मौत हो रही है तो परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार भी विधि-विधान से नहीं कर पा रहे. ये हालात लगभग सभी देशों में हैं.

क्या हैं इन देशों में हाल
जैसे कोरोना की चपेट में आ चुके यूरोपियन देश आयरलैंड में अंतिम संस्कार को लेकर गाइडलाइन जारी हो चुकी है. इसके अनुसार मृतक को छूना, चूमना, गले लगाना और यहां कि तक बिना बॉडी बैग के उसे देखने की भी मनाही हो चुकी है. इस बारे में कैथोलिक चर्चों और अंतिम क्रिया करवाने वाली संस्थाओं को भी सख्त हिदायत दी गई है. आयरलैंड में किसी को खो चुके परिवार से मिलने-मिलाने की रस्म भी अंतिम संस्कार का हिस्सा हुआ करती थी लेकिन अब पड़ोसी या बेहद आत्मीय भी एक-दूसरे को तसल्ली देने नहीं जा पा रहे.

संक्रमित की मौत अस्पताल में होती है तो उसे तुरंत ही बॉडी बैग में सील कर दिया जाता है




इटली में शव हैं वेटिंग लिस्ट में
कोरोना से मौत के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ चुके देश इटली की हालत बदतर है. यहां मौत का आंकड़ा साढ़े 5 हजार हो चुका है और लगभग 60 हजार लोग कोरोना पॉजिटिव हैं. मौत के आंकड़ों के बारे में अनिश्चितता है क्योंकि खुद Bergamo शहर के मेयर का कहना है कि बहुत से लोगों की मौत घर पर या फिर किसी निजी नर्सिंग होम में हो रही है. अस्पतालों में ही रही मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ही मृतकों को दफना रहा है और परिवारों को सूचित कर दिया जाता है. शहर के शवदाहगृह चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. यहां तक कि शवों को जलाने के लिए वेटिंग लिस्ट तैयार हो चुकी है. अस्पतालों के मुर्दाघरों में मृतकों के शव बॉडी बैग में अपनी बारी का इंतजार करते पड़े हैं. यहां तक कि शवों को उन शहरों में ले जाकर दफनाया जा रहा है, जहां के हालात कुछ कम खराब हैं.

बता दें कि 8 मार्च से इटली में सख्त लॉकडाउन हो चुका है. ऐसे में मृतक की अंतिम क्रिया के दौरान भी लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. अगर संक्रमित की मौत अस्पताल में होती है तो उसे तुरंत ही बॉडी बैग में सील कर दिया जाता है और कॉफिन में रखकर सीधे कब्रिस्तान पहुंचा दिया जाता है. मृतक के परिवार वाले अगर क्वारंटाइन में नहीं हैं तो वो वहां पहुंचकर एक छोटी प्रार्थना कर सकते हैं और फिर तुरंत शव को दफनाया जा रहा है.

वीडियो के जरिए अंतिम दर्शन
Al Jazeera में आई एक रिपोर्ट के अनुसार एक फ्यूनरल एजेंसी के कार्यकर्ता Carlo Rossini कहते हैं कि अगर ये हाल 6 महीने भी रहा तो हमें विशाल और नए कब्रगाह तैयार करने पड़ जाएंगे. इटली में शवों को आइसोलेशन से निकालकर कब्रगाह तक पहुंचाने के लिए मिलिट्री ट्रकों की तैनाती की गई है ताकि शवों से किसी का संपर्क न हो पाए. Reuters की एक खबर के अनुसार यहां पर अंतिम क्रिया करने वाली एक संस्था वीडियो के जरिए क्वारंटाइन में रह रहे परिवारों को उनके प्रियजनों का अंतिम संस्कार दिखा रही है. इससे परिवार के लोगों को सांत्वना मिल रही है कि अंतिम संस्कार के दौरान प्रार्थना पढ़ने के लिए कम से कम एक पादरी तो था.

एक संस्था वीडियो के जरिए क्वारंटाइन में रह रहे परिवारों को अंतिम संस्कार दिखा रही है


दक्षिण कोरिया के हालात और भी खराब हैं. यहां पर कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद संक्रमण फैलने के डर से परिवार वाले भी अंतिम संस्कार में आने से डर रहे हैं, जिसकी वजह से फ्यूनरल में केटरिंग सर्विंस देने वालों का काम-धंधा बंद पड़ गया है.

ईरान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की दर्ज संख्या 21,638 हो चुकी है. बीमारी से हुई मौतें भी लगातार बढ़ रही हैं. इस वजह से अंतिम संस्कार करने के लिए स्टाफ कम पड़ रहा है और लगातार नए लोगों की नियुक्ति की जा रही है. तेहरान के कब्रिस्तान Behesht-e Zahra के मैनेजर का कहना है कि उनका स्टाफ दिन-रात काम कर रहा है, तब भी लाशें जमा हैं. लाशें लाई जा रही हैं और बिना किसी अंत्येष्टि कर्म के दफनाई जा रही हैं.

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First published: March 23, 2020, 10:42 AM IST
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