दिल्ली के 1 लाख लोग सिर्फ 17 बसों से कैसे सफर करें?, जानें पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हाल

दिल्ली में एक लाख लोगों पर सिर्फ 17 बसें हैं, जबकि बीजिंग में एक लाख लोगों पर बसों की संख्या 107 है

News18Hindi
Updated: July 10, 2019, 2:07 PM IST
दिल्ली के 1 लाख लोग सिर्फ 17 बसों से कैसे सफर करें?, जानें पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हाल
डीटीसी में है बसों की भारी कमी
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Updated: July 10, 2019, 2:07 PM IST
गुड़गांव से किसी शाम आप दिल्ली के लिए निकलें तो रास्ते में कारों का काफिला दिखेगा. कई किलोमीटर तक रेंगती कारें. ट्रैफिक फ्री रोड पर भी आपको हजारों कारों को लंबा काफिला दिखेगा. लेकिन आपको इस काफिले में शायद एक भी बस न दिखे. यही है दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की हकीकत. इस हकीकत की पोल खोलती एक नई रिपोर्ट सामने आई. जिसने साफ कर दिया है कि दिल्ली की सड़कों पर कारें ज्यादा और बसें कम क्यों है. क्यों हमारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम चरमराया हुआ है.

पर्यावरण और प्रदषण विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में एक लाख लोगों पर सिर्फ 17 बसें हैं. अब जरा सोचिए कि सिर्फ 17 बसों के जरिए एक लाख की आबादी किस तरह से सफर करेंगी. यही वजह है कि दिल्ली की सड़कों पर कारों का काफिला दिखता है और ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बनी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक इसी वजह से प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है.

दिल्ली के 1 लाख लोगों पर सिर्फ 17 बसें

रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख लोगों पर जो 17 बसे हैं, वो भी काफी पुरानी हो चुकी हैं. दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की सभी 3600 बसें 8 साल पुरानी हैं. और अगले कुछ ही साल में इन्हें फेज आउट हो जाएंगी. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को एफिडेविट देकर भरोसा दिया है कि सरकार नई बसें लाने वाली हैं. लेकिन एनवॉयरमेंट एंड पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी ने इसे भी नाकाफी बताया है. ईपीसीए का कहना है कि जिस हिसाब से नई बसों की जरूरत है, उस लिहाज से काम सही नहीं चल रहा है.

भारत जैसे देश में एक आम नागरिक सबसे पहले बस के सफर को तरजीह देता है. क्योंकि उसे सिर्फ सफर ही नहीं करना है बल्कि कम पैसों में सफर करना है. पैसे भी बचाने हैं. लेकिन देश की राजधानी की हालत ये है कि 1 लाख लोगों पर सिर्फ 17 बसें हैं. दूसरे क्लास में ऐसे लोग भी आते हैं, जो बस के सफर को कंफर्टेबल नहीं मानकर कार में सफर करते हैं. यानी बस की सफर को आरामदायक बनाने की भी जरूरत है. वैसी कंफर्टेबल बसें हमारे यहां नहीं हैं.

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दिल्ली में नए बसों की जरूरत है


दिल्ली को कितनी बसों की जरूरत है ?
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2018 में दिल्ली में बसों की जरूरत को लेकर एक स्टडी हुई थी. उसके मुताबिक दिल्ली की बस रूटों के हिसाब से शहर को कुल 11,500 बसों की जरूरत है. इसमें 9,915 बसें बड़े साइज की हों. 1481 बसें मिडिल साइज की हों और करीब 824 मिनी बसों की जरूरत है. लेकिन दिल्ली के पास सिर्फ 5,279 बसें हैं.

बाकी देशों की तुलना में कैसा है हमारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट

इस हकीकत को जान लेने के बाद अब ये जान लेना जरूरी है कि बाकी देशों की तुलना में हमारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम कैसा है. तो कड़वी सच्चाई सुन लीजिए. देश की राजधानी दिल्ली में जहां एक लाख लोगों पर 17 बसे हैं वहीं चीन की राजधानी बीजिंग में एक लाख लोगों पर 107 बसें हैं. यानी दिल्ली की तुलना में बीजिंग में बसों की संख्या 6 गुना से भी ज्यादा है.

अब जरा अमेरिका से तुलना करके देखते हैं. अमेरिका में एक हजार लोगों पर 819 मोटर गाड़ियां हैं जबकि भारत में एक हजार लोगों पर मोटर गाड़ियों की संख्या सिर्फ 12 है. पूरी दुनिया में भारत का रैंक 70वां हैं. अमेरिका में भारत की तुलना में 68 गुना ज्यादा मोटर गाड़ियां हैं. वहीं पैंसेजर कार की तुलना करें तो भारत में एक हजार लोगों पर 8 पैसेंजर कारें है, जबकि अमेरिका में एक हजार लोगों पर 450.67 पैसेंजर कारें हैं. भारत का रैंक पूरी दुनिया में 82वां हैं. अमेरिका में भारत की तुलना में 56 गुना ज्यादा पैसेंजर कारें हैं.

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First published: July 10, 2019, 1:55 PM IST
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