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Delhi Results 2020: क्या पूर्वांचली वोटर्स फिर दे गए बीजेपी को गच्चा

Vivek Anand | News18Hindi
Updated: February 11, 2020, 6:56 PM IST
Delhi Results 2020: क्या पूर्वांचली वोटर्स फिर दे गए बीजेपी को गच्चा
पूर्वांचल वोटर्स को प्रभावित करने के लिए मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था.

एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में बिहार और यूपी के रहने वाले पूर्वांचली वोटर्स (purvanchali voters) दिल्ली की करीब 25 से 30 सीटों पर अपना असर रखते हैं. इनमें 15 पूर्वांचल बहुल सीटें हैं.

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  • Last Updated: February 11, 2020, 6:56 PM IST
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दिल्ली के चुनाव (Delhi Assembly election) में पूर्वांचली वोटर्स (Purvanchali voters) की अहम भूमिका होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए साल 2016 में मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. लेकिन जिन पूर्वांचली वोटर्स ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को झोली भर-भर के वोट दिए, उसने विधानसभा चुनाव में बीजेपी को गच्चा दे दिया. पूर्वांचली वोटर्स पिछले दो बार से विधानसभा चुनाव में बीजेपी को गच्चा देते आए हैं.

एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में बिहार और यूपी के रहने वाले पूर्वांचली वोटर्स दिल्ली की करीब 25 से 30 सीटों पर अपना असर रखते हैं. इनमें 15 सीटें पूर्वांचल बहुल सीटें हैं. इन सीटों की किस्मत पूर्वांचल के वोटर्स ही तय करते हैं. पूर्वांचल के वोटर्स चालाकी से वोट करते हैं. केंद्र के चुनाव में उनके बीजेपी को वोट करने का पैटर्न मिलता है, तो राज्य के चुनाव में आम आदमी पार्टी को.

पूर्वांचली वोटर्स ने दिया आम आदमी पार्टी का साथ
हालांकि आज के चुनाव नतीजों में बीजेपी जिन 7 सीटों पर आगे चल रही है, उनमें 6 सीटें पूर्व और उत्तरपूर्व दिल्ली की सीटें हैं. इन्हीं इलाकों में पूर्वांचली सबसे ज्यादा रहते हैं. लेकिन बीजेपी के लिए ये आंकड़ा नाकाफी है. जिस तरह का असर पूर्वांचली पूर्वी और उत्तरपूर्वी दिल्ली में रखते हैं उसके हिसाब से ये टैली कुछ भी नहीं है. इस चुनावी नतीजे से पता चलता है कि 2015 की तरह इस बार भी पूर्वांचली वोटर्स ने आम आदमी पार्टी को ही वोट दिया है.

पूर्वांचली के वोटिंग पैटर्न को लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया था. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद सीएसडीएस ने पूर्वांचली वोटर्स पर एक सर्वे करवाया. इस सर्वे में जिन 56 फीसदी पूर्वांचली ने लोकसभा के चुनाव में बीजेपी को वोट दिया था, उनमें से 24 फीसदी पूर्वांचली ने कहा कि वो राज्य विधानसभा के चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट करेंगे. मतलब बीजेपी के आधे वोटर्स पहले से ही मन बना चुके थे कि वो 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट करेंगे. नतीजों से ऐसा लग भी रहा है.

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दिल्ली में एक बार फिर केजरीवाल की सरकार बन रही है


पूर्वांचली वोटर्स पर नहीं पड़ा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे का असरपूर्वांचल के इन वोटर्स के लिए हिंदुत्व और राष्ट्रवाद एक बड़ा मुद्दा है. इसलिए दिल्ली चुनावों के दौरान इन मुद्दों को बीजेपी ने जोरदार तरीके से उठाया भी. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा जैसे नेताओं ने भड़काऊ और तीखे बयान भी दिए. लेकिन फिर भी उनके वोट हासिल नहीं कर सके. केजरीवाल ने अपनी सधी और संयमित प्रतिक्रिया से मामले को और बिगड़ने नहीं दिया.

एक बड़ी बात ये भी रही है कि दिल्ली में पूर्वांचल के ज्यादातर वोटर्स वर्किंग क्लास से आते हैं. बहुत सारे लोग मेहनत मजदूरी करने वाले हैं. इन लोगों के लिए केजरीवाल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने काम किया. इस वजह से भी एक तरफ वो मोदी के चेहरे को केंद्र में देखना चाहते थे तो राज्य में उन्हें केजरीवाल जैसा सीएम ही चाहिए था. दिल्ली का मिडिल क्लास पूर्वांचली वोटर्स भी आम आदमी पार्टी का समर्थक है- वजह है बिजली और पानी पर मिलने वाली छूट. सरकारी स्कूलों की बेहतर हालत और स्वास्थ्य सेवाओं की सुधरती स्थिति.

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अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के सीएम बनने जा रहे हैं


2015 में भी पूर्वांचली वोटर्स ने दिया था आप का साथ
2015 में भी पूर्वांचली वोटर्स ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया था. 2015 में आप से जीते 67 उम्मीदवारों में 13 पूर्वांचल से थे. इस जीत के बाद भी केजरीवाल ने पूर्वांचली वोटर्स तक अपनी पहुंच और ज्यादा पहुंचाई. छठ पर्व के मौकों पर घाटों की साफ सफाई इसी कड़ी का एक हिस्सा थी.

इसी भरोसे के चलते इस बार के चुनाव में आप ने सबसे ज्यादा 13 पूर्वांचली उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. बीजेपी ने 57 उम्मीदवारों में से 8 पूर्वांचलियों को टिकट दिया था. कांग्रेस ने सिर्फ 3 पूर्वांचली मैदान में उतारे थे. जेडीयू ने भी 2 पूर्वांचली को टिकट दिया था.

2015 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी ने 13 पूर्वांचली उम्मीदवार उतारे थे. उन सभी ने जीत हासिल की थी. जबकि बीजेपी ने सिर्फ 3 पूर्वांचली को टिकट दिया था.

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First published: February 11, 2020, 5:08 PM IST
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