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खराब वायु गुणवत्ता के बावजूद जानें कैसे पहले से बेहतर हैं दिल्ली के हालात

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Updated: October 28, 2019, 2:59 PM IST
खराब वायु गुणवत्ता के बावजूद जानें कैसे पहले से बेहतर हैं दिल्ली के हालात
दिल्ली में दिवाली के बाद खराब वायु गुणवत्ता के बावजूद पहले से बेहतर हालात हैं.

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने रविवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण कम रहने के लिए वायु की गति और दिशा उत्तर उत्तरदायी है.

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  • Last Updated: October 28, 2019, 2:59 PM IST
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दिल्ली (Delhi) में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर पिछले सालों की तुलाना में बेहतर है. हालांकि शहर में वायु की गुणवत्ता काफी खराब श्रेणी में पहुंच गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार दिल्ली में सुबह 11 बजे सबसे ज्यादा वायु खराब गुणवत्ता सूचकांक (AQI)आनंद विहार का था. जहां वायु प्रदूषण का स्तर 362 AQI था. जबकि पिछले साल आनंद विहार का वायु प्रदूषण स्तर सर्वाधिक रहा था. पिछले साल प्रदूषण का रिकार्ड स्तर 642 AQI का था. वहीं 2017 में यहां का प्रदूषण स्तर 367 AQI का रहा था.

अर्थ साइंस एंड इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी मंत्रालय के अधीन काम करने वाले पुणे के सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने रविवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में ऐसी संभावना व्यक्त की गई है कि दिल्ली में इस बार दिवाली के बाद वायु की गुणवत्ता का स्तर पिछले तीन सालों की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है. क्योंकि इस बार दिल्ली में हवाएं तेज हैं और ये प्रदूषण को दिल्ली के वायुमंडल से तेजी से हटाने में मदद करेंगी.

पिछले तीन सालों की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है


एयर क्वालिटी इनडेक्स

0-50 के बीच AQI को अच्छा
51-100 के बीच AQI संतोषजनक
101-200 के बीच AQI मध्यम स्तर
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201-300 के बीच AQI खराब स्तर
301-400 के बीच AQI बहुत खराब स्तर
401-500 के बीच AQI गंभीर स्तर का प्रदूषण
500 से ऊपर के AQI को प्लस गंभीर स्तर का प्रदूषण माना जाता है.

उत्तर भारत के अधिकांश शहर खतरनाक वायु प्रदूषण से प्रभावित
बता दें कि उत्तर भारत के अधिकांस शहरों में प्रदूषण का स्तर खराब से बहुत खराब स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली एनसीआर इलाके में स्थित नोएडा की वायु प्रदूषण का स्तर दिल्ली की तुलना में अधिक खराब है. नोएडा के वायु प्रदूषण का स्तर 388 AQI रिकार्ड किया गया है. जबकि गुरुग्राम में इससे बेहतर हालात रहे हैं. वहां का वायु प्रदूषण स्तर 360 AQI का रहा था.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वायु प्रदूषण का स्तर 355 AQI रिकार्ड किया गया है. जो प्रदूषण के के मानक के अनुसार बहुत खराब स्तर का है. जबकि पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ का वायु प्रदूषण का स्तर 349 AQI रिकार्ड किया गया.

लखनऊ में वायु प्रदूषण का स्तर 355 AQI रिकार्ड किया गया.


हालांकि हरियाणा में वायु प्रदूषण का वो स्तर नहीं है जैसा कि दिल्ली या उत्तर प्रदेश का है. फिर भी यहां सर्वाधिक प्रदूषण का स्तर पंचकुला में रिकार्ड किय गया है. जहां का वायु प्रदूषण स्तर खराब स्थित का 280 AQI मापा गया. हरियाणा से सबसे कम वायु प्रदूषण सोनीपत का रहा है. जहां वायु प्रदूषण का मध्यम स्तर 138 AQI मापा गया है.

स्पष्ट कर दें कि देश के अन्य मेट्रो शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर इतना खतरनाक नहीं है जैसे कि दिल्ली या फिर उत्तर भारत के शहरों का है. मुंबई का वायु प्रदूषण मध्यम स्तर का 152 AQI है. वहीं कोलकता में 190 और चेन्नई में 164 AQI रिकार्ड किया गया है.

दिल्ली में सुबह 11 बजे सबसे ज्यादा वायु खराब गुणवत्ता सूचकांक (AQI)आनंद विहार का था.


वायु प्रदूषण कम रहने का कारण
वायु प्रदूषण पर नजर रखने वाली सरकारी संस्था सफर के अनुसार, इस साल दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण कम रहने के लिए वायु की गति और दिशा उत्तर उत्तरदायी है. हालांकि रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता पहले से बेहतर रहने के बावजूद अभी भी बहुत गंभीर स्थित बनी हुई है.

प्रदूषण के खतरनाक तत्व ऑक्सीजन के साथ मिलकर हमारे फेफड़ों और रक्त में घुल रहे हैं. रिपोर्ट का मानना है कि रविवार की रात और सोमवार सुबह दिल्ली एनसीआर में चलने वाली वायु की स्पीड 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रह सकती है. इन हवाओं के चलते पटाखों के जरिए फैले प्रदूषक तत्व जल्द ही दिल्ली के वायुमंडल से हट जाएंगे.

दिल्ली में कम हुआ गाड़ियों का बोझ
दिल्ली में गाड़ियों के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पेरीफेरल रोड़ का निर्माण कराया. जिसके बाद अब अन्य राज्यों को तरफ जाने वाले वाहनों का दिल्ली से गुजरना बंद हो गया. साथ ही संशोधित मोटर वाहन एक्ट लागू होने से भी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर कम हुआ है. इसके अतिरिक्त सरकार दिल्ली में की वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए 2020 से बीएस छह मानक का ईंधन शुरू करने जा रही है.

दिल्ली में 2020 से बीएस छह मानक का ईंधन शुरू होगा.


वायु प्रदूषण के रिपोर्ट पर राजनीति
वहीं वायु प्रदूषण के कम होने की रिपोर्ट आने के बाद राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दावा किया है कि उनकी सरकार के द्वारा किए गए प्रयासों के चलते दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है. जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली सरकार के इस दावे पर प्रश्न उठाया है.

उन्होंने कहा कि मंत्रालय दिवाली के वक्त होनेवाले प्रदूषण के लिए पहले से ऐतिहात बरत रहा है. हवा की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी दल गठित कर छापेमारी की कार्रवाई शुरु कर दी गई है. मंत्री ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता में आए सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा पिछले पांच साले से किए जा रहे सतत उपायों को प्रमुख कारण बताया है. जिसकी शुरुवात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में वायु गुणवत्ता सूचकांक का आगाज करके किया था.

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First published: October 28, 2019, 2:56 PM IST
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