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धोलावीरा: UNESCO की विश्व धरोहर सूची में नया नाम, जानें हड़प्पा काल के शहर में क्या है खास

गुजरात में अब तक तीन स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल हो चुके हैं. (File Pic)

गुजरात में अब तक तीन स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल हो चुके हैं. (File Pic)

Dholavira World Heritage: यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज कमेटी ने कहा कि दक्षिण एशिया में तीसरी से दूसरी मध्य सहस्राब्दी ईसा पूर्व के बीच यह सबसे उल्लेखनीय और अच्छी तरह से संरक्षित की गई शहरी बस्ती है.

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    गांधीनगर. गुजरात (Gujarat) के धोलावीरा को मंगलवार को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है. सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) के पांच बड़े शहरों में से एक धोलावीरा, भुज से करीब 250 किमी की दूरी पर है. हड़प्पा काल के इस शहर को विश्व धरोहर बनाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी खुशी जाहिर की है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में इस शहर की योजना और वास्तुकला की भी काफी तारीफ की गई है.

    सरकारी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, इस धरोहर के दो हिस्से हैं. एक दिवार से घिरा हुआ शहर और इसके पश्चिमी हिस्से में एक कब्रिस्तान स्थित है. कहा जाता है कि यह शहर करीब 1500 सालों तक फला-फूला. ASI के अनुसार, धोलावीरा में हुई खुदाई में सात सांस्कृतिक चरणों का पता चला है, जो सिंधु घाटी सभ्यता के विकास और पतन की गवाही देते हैं. इसके अलावा धोलावीरा के दो खुले मैदानों और जल संचयन प्रणाली का खासतौर से जिक्र किया गया है.

    यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज कमेटी ने कहा कि दक्षिण एशिया में तीसरी से दूसरी मध्य सहस्राब्दी ईसा पूर्व के बीच यह सबसे उल्लेखनीय और अच्छी तरह से संरक्षित की गई शहरी बस्ती है. विज्ञप्ति के अनुसार, '1968 में खोजी गई यह जगह अपनी खास विशेषताओं के कारण अलग है. जैसे- जल प्रबंधन, कई स्तरों वाली रक्षा व्यवस्था, निर्माण में पत्थरों का अत्याधिक इस्तेमाल और दफन करने की खास संरचनाएं.' इसके अलावा शहर के साथ जुड़ी कला भी खास है.

    यह भी पढ़ें: यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में शामिल किया गया गुजरात का हड़प्पा काल का शहर धोलावीरा, पीएम मोदी ने दी बधाई

    खुदाई के दौरान यहां तांबे, पत्थर, टेराकोटा के आभूषण, सोने की कलाकृतियां मिली थीं. ASI का कहना है कि सभ्यता के शुरुआती चरणों से पता चलता है कि निवासी भवनों को प्लास्टर करने के लिए रंगीन मिट्टी को तवज्जो देते थे, लेकिन बाद में यह अचानक से खत्म हो गया... जैसे कोई शाही फरमान जारी किया गया हो या लोगों ने आपसी सहमति बना ली हो.

    भाषा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वह इस खबर से बहुत खुश हैं. उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि धोलावीरा एक महत्वपूर्ण शहरी केंद्र था और यह हमारे अतीत के साथ एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण संपर्क है. मोदी ने ट्वीट किया, ‘वहां अवश्य जाना चाहिए, विशेष रूप से इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व में रूचि रखने वालों को.’

    संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक ट्वीट में कहा, ‘मुझे भारतवासियों से यह साझा करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि अब धोलावीरा के रूप में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची भारत का 40 वां स्थल शामिल हो गया है. ’ उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए, विशेष रूप से गुजरात के लिए गर्व का दिन है. मंत्री ने कहा, ‘2014 से विश्व धरोहर सूची में भारत के 10 नये स्थान शामिल किये गये हैं जो हमारे ऐसे स्थलों का एक चौथाई हिस्सा है....’

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