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Egg-Sperm Interaction के मिले अजीब नतीजे, वैज्ञानिकों को इसमें दिखी उम्मीद

वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानी अंडा (Human egg) शुक्राणु के चयन में अलग अलग आकर्षण करता है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानी अंडा (Human egg) शुक्राणु के चयन में अलग अलग आकर्षण करता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शोध में पाया गया है कि अलग अलग महिलाओं के अंडे (Human Egg) अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणु आकर्षित करते हैं. इस अध्ययन को संतानहीनता की समस्या में मददगार माना जा रहा है.

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नई दिल्ली: वैज्ञानिकों को कई शोध में अजीब नतीजे भी मिलते हैं. फिर भी उन नतीजों से उन्हें कई समस्याओं को सुलझाने में मदद भी मिल सकती है. ऐसे ही एक शोध हुआ है जिसमें शोधकर्ताओं को मानव अंडे (Human Egg) और शुक्राणु (Sperm) के बीच की अंतरक्रिया पर अजीब जानकारी मिली है. इस जानकारी से वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि कई दंपति की संतानहीनता (Fertility) की समस्या को समझने में मदद मिल सकती है.

क्या पता चला है शोध में
इंसान अपना जीवनसाथी चुनने में बहुत समय और ऊर्जा लगता है. कम से कम जानवरों के मुकाबले तो बहुत ज्यादा. लेकिन एक नए शोध से बहुत ही अजीब बात पता चली है. मानव संसर्ग के बाद भी इंसान का अंडा (Human Egg) संसर्ग के बाद भी अपना साथी यानि शुक्राणु (Sperms) ढूंढता रहता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह साथी के शुक्राणु का ही चयन करे.

रासायनिक संकेतों की भूमिका
स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी और मानचेस्टर यूनिवर्सिटी एनएचएस फाउंडेशन ट्र्स्ट (MFT) के शोधकर्ताओं के अध्ययन से पता चला है कि इंसानी अंडा स्पर्मस यानि शुक्राणु को आकर्षित करने के लिए रासायनिक संकेत भेजते हैं. और इन संकेतों का प्रयोग वे शुक्राणु के चयन में करते हैं. अलग अलग महिलाओं के अंडे अलग अलग पुरुषों के शुक्राणु आकर्षित करते हैं और जरूरी नहीं है कि वे शुक्राणु उनके साथी के ही हों. स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन फिट्जपैट्रिक ने बताया, “मानव अंडा (Human egg) एक खास किस्म का कैमिकल निकलता है. जिसे कैमोअट्रैक्टेन्टस (chemoattractants) कहते हैं जो शुक्राणु आकर्षित करता है जिससे अनिषेचित अंडा (unfertilized eggs) बनकर भ्रूण बनने  की प्रक्रिया शुरू हो सके. हम यह जानना चाहते थे कि क्या ये अंडे शुक्राणु को आकर्षित करने के लिए  इन रासायनिक संकेतों का उपयोग करते हैं .”

Egg-sperm
अंडे से शुक्राणु को खास तरह के रासायनिक संकेत मिलते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या पता करना चाहते थे शोधकर्ता
शोधकर्ताओं ने इस बात की पड़ताल की कि शुक्राणु फोलिक्यूलर द्रव्य पर कैसी प्रतिक्रिया करते हैं जो अंडे के आसपास होता है, जिसमें कैमोअट्रैक्टेन्टस होते हैं. शोधकर्ताओं ने यह भी जानना चाहा कि क्या विभिन्न मादाओं का फोलिक्यूलर द्रव्य कुछ नर शुक्राणुओं को अन्य नर शुक्राणु के मुकाबले ज्यादा आकर्षित करता है?

माइक्रोसकोप संसर्ग चयन
प्रोफेसर फिट्जपैट्रिक ने बताया, “ एक मादा फोलिक्यूलर द्रव्य अन्य मादा फोलिक्यूलर द्रव्य के मुकाबले एक नर शुक्राणु को आकर्षित करने में बेहतर पाया गया. वहीं अन्य फोलिक्यूलर द्रव्य अन्य पुरुषों को शुक्राणुओं को आकर्षित करने में बेहतर पाए गए. इससे यह पता चला कि मानव अंडे और शुक्राणु के बीच की अंतरक्रिया महिला और पुरुषों की खास पहचान पर निर्भर करती है. इससे यह भी पता चला है कि अंडा महिला के साथी के चुनाव से सहमत हो यह जरूरी हीं हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि अंडे दूसरे नर शुक्राणु की तुलनना में हमेशा ही अपने साथी के शुक्राणु को ही आकर्षित नहीं करते.

क्या नियंत्रित होता है यह चुनाव?
तो क्या यह अंडे या शुक्राणु की चुनाव होता है. इसका जवाब समझाने के लिए प्रोफेसर फिट्जपैट्रिक कहते हैं कि शुक्राणु का एक ही काम होता है, वह है अंडे को निषेचित करना. ऐसे में इस बात की तुक नहीं होती कि वे चुनाव कर सकते हैं. दूसरी ओर अंडे को जेनेटिक रूप से एक अलग गुणवत्ता वाले शुक्राणु प्रदान किए जा सकते हैं. अंडा बहुत से शुक्राणुओं में से केवल एक ही का चयन करता है.

वैज्ञानिकों को लगता है कि यह शोध संतानहीनता की समस्या में मददगार हो सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या फायदा होगा इस शोध से
इस अध्ययन के एक और  वरिष्ठ लेखक प्रोफेसर डेनियल ब्रिसन का कहना है कि इस तरह से अंडों का शुक्राणु का चयन करना मानव प्रजनन के क्षेत्र में बिलकुल नया है. मानव अंडे और शुक्राणु के बीच की अंतरक्रिया प्रजजन के इलाज में काफी मददगार हो सकती है और यह कुछ दम्पत्तियों में बांझपन के कारणों का पता लगाने में भी मदद कर सकती है. यह लेख “कैमिकल सिग्नल्स फ्रॉम एग्स फैसिलिटेट क्रिप्टिक फीमेल च्वाइस इन ह्यूमन नाम से वैज्ञानिक जर्नल प्रोसिडिंग्स ऑप द रॉयल सोसाइटी बी में प्रकाशित हुआ है.

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