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दुनिया के कई देशों में मिलती हैं फ्री सुविधाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा, पेंशन के साथ बहुत कुछ

News18Hindi
Updated: February 12, 2020, 9:03 PM IST
दुनिया के कई देशों में मिलती हैं फ्री सुविधाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा, पेंशन के साथ बहुत कुछ
दुनियाभर में कई देशों की सरकारें अपने नागरिकों को बेहतर जीवन देने के लिए फ्री सुविधाएं देती हैं.

यूरोपीय देशों (European Countries)में स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर यात्रा तक की फ्री सुविधाएं हैं. साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन सहित कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती हैं जिससे नागरिकों की जिंदगी की मुश्किलें कम हो सकें.

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दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwar) की फ्री बिजली-पानी की योजना देश भर में बहुचर्चित रही है. लोगों का मानना है कि उनकी दूसरी बार जीत में इन योजनाओं का बहुत बड़ा योगदान है. साथ ही अरविंद केजरीवाल द्वारा महिलाओं को फ्री बस यात्रा देने के साथ ही शिक्षा बजट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

सिर्फ दिल्ली ही नहीं भारत के कई राज्यों में इस तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं. सुशासन बाबू के रूप में मशहूर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इंटर पास करने पर छात्राओं के लिए फ्री साइकिल देने की योजनाएं चलाई थीं. वहीं यूपी में अखिलेश यादव सरकार में छात्रों को लैपटॉप दिए जाने का प्रावधान किया गया था. इन्हें चुनावी योजनाएं भी माना जाता है. काफी सारी चीजें सरकारों द्वारा फ्री में दिए जाने के बावजूद भारत में आज भी फ्री शिक्षा और फ्री स्वास्थ्य की अच्छी व्यवस्था सपना ही है.

CM Kejriwal

अगर फ्री सुविधाओं की बात करें तो दुनिया के कई देशों में नागरिकों की सुविधाओं के लिए इस तरह की व्यवस्था की गई हैं. कई यूरोपीय देशों में फ्री स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर यात्रा तक की सुविधाएं हैं. साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन सहित कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती हैं जिससे नागरिकों की जिंदगी पर दबाव कम हो सके. ये योजनाएं राज्य के लोक कल्याणकारी होने की अवधारणा को पुष्ट करती हैं. विशेष रूप से यूरोप के स्कैंडिविनियाई देशों जैसे नॉर्वे, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड में आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जाते हैं.

फ्री शिक्षा
हाल ही में जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय में फीस बढ़ाए जाने को लेकर जबरदस्त विवाद हुआ था. छात्रों ने इसके विरोध में जमकर प्रदर्शन किए. इस दौरान विभिन्न देशों में फ्री शिक्षा व्यवस्था को लेकर काफी बहस शुरू हो गई थी. अगर इसे वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखें तो स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और जर्मनी जैसे कई देश हैं जहां पर उच्च शिक्षा का खर्च तकरीबन न के बराबर है. इसके अलावा चेक रिपब्लिक, इटली, फ्रांस, स्पेन और ग्रीस जैसे देशों में सरकारी यूनिवर्सिटीज में उच्च शिक्षा तकरीबन मुफ्त है. इन देशों की सरकारी यूनिवर्सिटीज में प्रशासनिक खर्च के नाम पर कुछ फीस ली जाती है लेकिन वो बेहद कम है.

स्वीडन की गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी समेत स्कैंडिविनियाई देशों की तकरीबन सभी यूनिवर्सिटी में शिक्षा व्यवस्था मुफ्त है.
यूरोपीय स्कैंडिविनियाई देशों में भी फिनलैंड में तो शिक्षा बिल्कुल मुफ्त है. यहां पर स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक खर्च वहन सरकारें ही करती हैं. यहां पर नागरिकों और गैर नागरिकों सभी के लिए पब्लिक इंस्टीट्यूशन्स में पढ़ाई के पैसे नहीं लगते. पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टोरल स्तर की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. यहां के उच्च शिक्षा सिस्टम को दुनिया के सबसे बेहतरीन सिस्टम में से एक माना जाता है. यहां पर स्कूली स्तर की पढ़ाई भी बेहतरीन है.

फ्री स्वास्थ्य सेवा
भारत में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चलाई गई आयुष्मान योजना बहुत बड़े स्तर पर मीडिया में सुर्खियां बनी. लेकिन अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च की बात की जाए तो भारत इस मामले में बेहद पीछे है.  2017 में इंडिया टुडे मैगजीन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत उन देशों की लिस्ट में है जो अपने यहां स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे कम खर्च करते हैं. स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होने के मामले में भारत 195 देशों में 154वीं पायदान पर है. भारत के हालात बांग्लादेश, नेपाल, घाना और लाइबेरिया से भी बदतर हैं. अगर फ्री स्वास्थ्य सेवाओं की बात की जाए तो दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो अपने नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं. फिदेल कास्त्रो द्वारा क्यूबा में शुरू की गईं फ्री स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दुनियाभर में तारीफ की जाती है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर


दुनिया के विकसित देशों से लेकर विकासशील देशों तक कई ऐसे हैं जो अपने यहां नागरिकों को फ्री हेल्थ सर्विस मुहैया कराते हैं. इजरायल, जापान जैसे देशों में नागरिकों के स्वास्थ्य सेवाएं बिल्कुल मुफ्त हैं. इसके अलावा अगर यूरोप की बात की जाए तो मोटे तौर पर तकरीबन पूरे उपमहाद्वीप के देशों में हेल्थकेयर की सुविधा या तो मुफ्त है या फिर नागरिक पूरी तरह से एन्श्योर्ड हैं. संपूर्ण मुफ्त स्वास्थ्य सेवा वाले देशों में ऑस्ट्रिया, बेलारूस, क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन सहित अन्य देश शामिल हैं.

फ्री बस-मेट्रो का सफर
सरकारी परिवहन में फ्री यात्राएं देने का चलन भी काफी देशों में हैं. आगामी 1 मार्च से यूरोपीय देश लक्ज़ेमबर्ग पहला मुल्क बनने वाला है जहां पर नागरिकों को बिल्कुल फ्री यात्रा की सुविधा सरकार देगी. वहीं जर्मनी इसकी तैयारी में है नागरिकों को सरकारी परिवहन में बिल्कुल यात्रा की सेवा मुहैया कराई जाए. इससे पहले बेल्जियम के शहर हैसलेट में 1997 से ही नागरिकों के लिए मुफ्त परिवहन सेवाएं काम कर रही हैं. इसके अलावा स्वीडन में भी फ्री नागरिक परिवहन के प्रयास गंभीर स्तर पर जारी हैं.

कनाडा के कई शहरों में यात्रियों की सुविधा के लिए फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था शुरू की जा चुकी है.


पेंशन योजनाएं
नागरिकों की जिंदगी आसान बनाने के लिए यूरोपीय देशों सहित कई अन्य देशों में पेंशन योजनाए सहित कई अन्य स्कीम चलाई जाती हैं. बेरोजगारी भत्ते का प्रचलन पूरे यूरोप में है जिससे बरोजगार युवाओं को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता. उदाहरण के तौर पर स्कैंडिविनियाई देश स्वीडन में अगर किसी बाहरी देश का व्यक्ति भी 5 सालों तक लगातार काम कर लेता है तो उसके लिए भी पेंशन की व्यवस्था की जाती है. वैसे पेंशन योजनाएं इस समय पूरी दुनिया में चल रही हैं लेकिन इस मामले में स्कैंडिविनियाई देश बेजोड़ हैं

महिलाओं के लिए सुविधाएं
ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ के मुताबिक अगर आप महिला हैं और आपको समान अधिकार चाहिए तो दुनिया के 6 देश सबसे बेहतरीन जगह हैं. अखबार ने इस लिस्ट में बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, लातविया, लक्जे़मबर्ग और स्वीडन को रखा है. अगर भारत की बात जाए तो यहां पर बड़ा वोटबैंक होने की वजह से सरकारें अक्सर महिलाओं के अलग स्कीम बनाती हैं. हाल ही में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा की घोषणा की थी. अगर महिलाओं के अलग से सुविधाएं देने की बात की जाए तो कई देशों की सरकारें इनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए विभिन्न स्कॉलरशिप प्रोग्राम चलाती हैं.

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First published: February 12, 2020, 9:03 PM IST
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