Doctors Day2020 : वो भारतीय डॉक्टर, जो 18 दिनों तक घर से अलग रहीं, कोरोना इलाज करती रही

Doctors Day2020 : वो भारतीय डॉक्टर, जो 18 दिनों तक घर से अलग रहीं, कोरोना इलाज करती रही
डॉ. सुशीला ने 18 दिनों तक परिवार से बिल्कुल अलग रहकर इटैलिय मरीजों को ठीक किया है.

डॉक्टर्स डे 2020 पर जानिए कि किस तरह एक भारतीय महिला डॉक्टर ने दिन-रात इंटली के कोरोना रोगियों की सेवा करके लोगों को बचाया. कौन हैं ये भारतीय डॉक्टर, जिनके बारे में हमें भी जानना चाहिए

  • Share this:
आज दुनियाभर में डॉक्टर्स डे मनाया जा रहा है. कोरोना के इस दौर में ये दिन वाकई मायने रखता है. खासकर तब जबकि दुनियाभर में डॉक्टर अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन रात खुद को जोखिम में डालकर लोगों का इलाज कर रहे हैं. भारत में घूमने आए करीब 14 इतालवी लोगों को कोरोना हो गया. उनके इलाज की जिम्मेदारी जिस भारतीय डॉक्टर को दी गई, वो एक महिला डॉक्टर थीं. उन्होंने बखूबी दिन-रात जूझते हुए रोगियों को ठीक किया.

18 दिनों तक परिवार से अलग रहीं
कोरोना के खिलाफ मरीजों को ठीक करने में जुटीं इस डॉक्टर का नाम है सुशीला कटारिया. सुशील कटारिया वो डॉक्टर हैं जिन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 14 इटैलियन मरीजों के इलाज के जिम्मेदारी मिली. इन 14 मरीजों के कोरोना संक्रमण का पता राजस्थान में चला था.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते 4 मार्च को मेदांता अस्पताल को प्रशासन द्वार जानकारी दी गई कि ये 14 मरीज आपके यहां भेजे जा रहे हैं. जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन ने नया वार्ड बनाया, नई टीम बनाई और इस टीम का हेड बनाया गया डॉक्टर सुशीला कटारिया को.







सभी मरीज थे उम्रदराज
अस्पताल के लिए चिंताजनक बात ये थी कि ये सभी मरीज 65 साल की उम्र से ज्यादा के थे. गौरतलब है कि कोरोना के मामले में ज्यादातर मौतें उम्रदराज लोगों की ही हो रही हैं. मामला विदेशी नागरिकों का होने की वजह से और भी संवेदनशील था.

सुशीला कटारिया ने इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट में बताया,  हम सभी के लिए ये बिल्कुल नया था. क्योंकि हमने इससे पहले ऐसा कोई केस डील नहीं किया था. लेकिन हम लोग मेडिकल के प्रोफेशन में है और नई जिम्मेदारियां से किनारा नहीं कर सकते. मेरा काम है लोगों की सेवा करना और मैं इसमें हिचकिचाती नहीं.


अस्पताल में ही गुजारती हैं ज्यादातर समय
सुशीला कटारिया अपना ज्यादातर समय अस्पताल में ही गुजारती रहीं. उनके पति को इन्फ्लेमेटरी आर्थराइटिस की प्रॉब्लम है. वो घर से दूर गुरुग्राम में ही एक अलग जगह शिफ्ट हो गए. दोनों तब 18 दिनों तक नहीं मिले. व्हाट्सअप और कॉल के जरिए एक दूसरे से कनेक्टेड रहे.

घर में भी रहीं आइसोलेटेड
जहां सुशीला के पति रहने के लिए अलग जगह शिफ्ट हो गए हैं वहीं वो खुद अपने घर में एकदम आइसोलेट रहीं. घर जाने के बाद भी उन्होंने खुद को अलग रखा.

coronavirus in india ,corona virus india ,coronavirus update india ,corona virus update ,italy coronavirus ,coronavirus italy ,coronavirus in india update ,coronavirus in pakistan ,coronavirus in kolkata ,coronavirus in italy ,calcutta university ,coronavirus in west bengal ,coronavirus kolkata ,coronavirus case in india ,kolkata coronaviru, कोरोना वायर, कोविड-19, भारत में कोरोना वायरस

डॉ. सुशीला कटारिया मेदांता अस्पताल में साल 2010 से काम कर रही हैं. मेदांता में सुशीला डायरेक्टर ऑफ इंटरनल मेडिसिन हैं. साल 2015 में जब मुलायम सिंह यादव को मेदांता भर्ती कराया गया था तब भी डॉ. सुशीला ने उस मामले की मॉनिटरिंग की थी.
ये भी देखें:

कोरोना वायरस से जंग में दक्षिण कोरिया सबसे आगे, काम कर रहा ये तरीका

Coronavirus: पीएम मोदी ने घंटा, ताली, शंख बजाकर आभार जताने को ही क्‍यों कहा ? जानें वैज्ञानिकता और फायदे

पहले ही कोरोना की भविष्यवाणी कर चुके वैज्ञानिक ने बताया, मारे जाएंगे 16 करोड़ से ज्यादा

Coronavirus: दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर ने खोज निकाली कोरोना वायरस की काट!

ये टेस्ट सिर्फ 30 मिनट में बता देगा कि कोरोना है या नहीं
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading