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दीपिका पादुकोण के मम्मी-पापा और बहन के बारे में कितना जानते हैं आप?

News18Hindi
Updated: November 14, 2018, 5:02 PM IST
दीपिका पादुकोण के मम्मी-पापा और बहन के बारे में कितना जानते हैं आप?
रणवीर और दीपिका की शादी होने वाली है

दीपिका पादुकोण की मम्मी का नाम उजाला है और बहन का नाम अनीशा, जो एक गोल्फर हैं.

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  • Last Updated: November 14, 2018, 5:02 PM IST
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बॉलीवुड के बाजीराव-मस्तानी यानी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह फाइनली एक दूसरे के हो गए हैं. दोनों ने इटली के कोमो लेक में पारंपरिक कोंकणी रीति-रिवाज से एक-दूसरे से शादी की. बताया जा रहा है कि बुधवार को दोनों सिंधी रीति रिवाजों से दोबारा एक-दूसरे के साथ फेरे लेंगे. लेक कोमो में शादी के वेन्यू को दुल्हन की तरह सजाया गया है.

हालांकि दीपिका के पिता प्रकाश पादुकोण को ज्यादातर लोग जानते हैं. और उन्हें ऐसे लोगों में भी गिना जाता है जिन्होंने अपनी लाइफ और करियर में गजब का संतुलन बनाकर दिखाया है. उनकी बेटी दीपिका पादुकोण आज एक इंटरनेशनल फिल्म स्टार हैं. और छोटी बेटी का नाम अनीशा है, जो कामयाब गोल्फर हैं. जाहिर सी बात है कि इसमें प्रकाश की पत्नी उजाला का रोल भी कम महत्वपूर्ण नहीं है.

बहरहाल वे प्रकाश पादुकोण ही हैं, जिन्होंने भारत में बैडमिंटन की लोकप्रियता में गजब तेजी लाई थी. पिछले 50 सालों में एक तेज बैडमिंटन खिलाड़ी अलावा उन्होंने एक कोच, एक अच्छे पिता की जिम्मेदारी भी निभाई है. कर्नाटक की एक छोटी सी जगह कुंदापुर से निकलकर विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में नंबर 1 बनने वाला लड़का. 10 जून, 1955 को पैदा हुए और मात्र 25 साल की उम्र में दुनिया के सबसे महान बैडमिंटन खिलाड़ियों में गिने जाने लगे. प्रकाश पादुकोण ही पहले भारतीय थे जिन्होंने ऑल इंग्लैण्ड चैम्पियनशिप जीती थी.

आज हमारा देश अगर बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल लाने लगा है तो इसकी शुरुआत प्रकाश पादुकोण ने ही की थी. जिसके चलते उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट का खिताब भी दिया गया है.

प्रकाश पादुकोण के पिता रमेश पादुकोण भी एक बैडमिंटन खिलाड़ी ही थे. ऐसे में बचपने से ही उन्हें इस खेल की समझ मिली. और निस्संदेह उनके पिता का उन्हें बैडमिंटन सिखाने में खास रोल रहा.

1964 में प्रकाश पादुकोण ने बैडमिंटन में स्टेट जूनियर का खिताब जीता. प्रकाश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता ही मैसूर बैडमिंटन एसोशियन के अध्यक्ष थे. और हालांकि उन्हें एक बड़े खिलाड़ी ने इस चैंपियनशिप में हराया था लेकिन जब वे हारने के बाद रोने लगे तो उन्हें बेस्ट लूजर की ट्रॉफी दी गई.

इसके बाद उनका परिवार बेंगलुरू चला आया. जहां उन्हें बैडमिंटन के लिए ज्यादा अच्छी सुविधाएं मिलीं और वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे.1972 तक उनके पास नेशनल लेवल जूनियर और सीनियर दोनों का खिताब था. इसके बाद प्रकाश पादुकोण ने कॉमनवेल्थ खेलों में मेडल जीता. जिसके बाद तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिलकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बैडमिंटन रिंग में खड़ा कर दिया.

1980 में प्रकाश पादुकोण ने ऑल इंग्लैण्ड चैंपियनशिप जीती और विश्व रैंकिंग में नंबर 1 बने. खुद प्रकाश पादुकोण भी इसे अपनी जिंदगी की सबसे यादगार जीत मानते हैं.

1972 में प्रकाश पादुकोण को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया और 1982 में उन्हें पद्मश्री मिला. 1991 में इस महान खिलाड़ी ने रिटायरमेंट ले लिया. लेकिन तब तक यह खिलाड़ी चीनी और इंडोनेशियाई खिलाड़ियों के प्रभुत्व वाले इस खेल में भारत की ओर से सेंध लगा चुका था.

अब प्रकाश पादुकोण कोच हैं और उन्होंने नए बैडमिंटन विजेता देश को दिए हैं. जिनमें पुलेला गोपीचंद, अपर्णा पोपट, अनूप श्रीधर, अरविंद भट, तृप्ति मुरगुंडे, अदिती मुतातकर, सयाली गोखले और अश्विनी पोनप्पा आदि को तैयार किया है.

प्रकाश पादुकोण का करियर आज एक बैडमिंटन खिलाड़ी और कोच के तौर पर प्रकाश पादुकोण का करियर आज 50 साल से भी ज्यादा का हो चुका है. और वे अपने करियर को बहुत ही संतोषपूर्ण मानते हैं.

दीपिका की छोटी बहन हैं अनीशा पादुकोण, जो लाइमलाइट से दूर ही रहना पसंद करती हैं. दीपवीर की शादी के बाद वे रणवीर की साली कहलाएंगी. आपको बता दें कि दीपिका जहां ग्लैमरस हैं वहीं बहन अनीशा एकदम उनके उलट है. गोल्फ अनीशा का पसंदीदा खेल है और वे कई बार इंटरनेशनल लेवल पर भारत को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं. अनीशा ने मात्र 12 साल की उम्र में ही गोल्फ खेलना शुरू कर दिया था. वे गोल्फ के अलावा क्रिकेट, हॉकी, टेनिस और बैडमिंटन भी खेल चुकी हैं.

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First published: November 14, 2018, 3:43 PM IST
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