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क्या है ग्रेविटी कंबल जो डिप्रेशन कम करता है

News18Hindi
Updated: November 24, 2019, 12:28 PM IST
क्या है ग्रेविटी कंबल जो डिप्रेशन कम करता है
इनसे कई तरह की मनोवैज्ञानिक समस्याओं में भी राहत मिलती है (प्रतीकात्मक फोटो)

भारी कंबल ओढ़ने से कई मनोवैज्ञानिक समस्याएं (psychological problems) भी कम होती हैं, इसे डीप-टच प्रेशर कहा जाता है.

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  • Last Updated: November 24, 2019, 12:28 PM IST
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सर्दियों के मौसम में रजाई ओढ़कर सोने से अच्छा शायद ही कोई काम लगे. उसमें भी रजाई या कंबल जितना भारी हो, उतना अच्छा. लेकिन क्या भारी कंबल सचमुच ज्यादा गर्मी देता है या भार से गर्मी का संबंध महज हमारी कल्पना है! इसपर कई तरह के शोध लगातार हो रहे हैं, जो बताते हैं कि भारी कंबल न केवल गर्मी देते हैं, बल्कि अच्छी नींद में भी मदद करते हैं. साथ ही इनसे कई तरह की मनोवैज्ञानिक समस्याओं में भी राहत मिलती है. जानिए कैसे ये एक तरह के 'कामिंग टूल' की तरह काम करते हैं.

भारी कंबल को पश्चिमी देशों में 'ग्रेविटी कंबल' भी कहा जाता है. पहले इनका उपयोग अस्पतालों में और मनोचिकित्सा केंद्रों पर होता था लेकिन अब ये आम घरों तक पहुंच चुका है. जैसा कि नाम से ही साफ है, इस कंबल में काफी भार होता है और ये आमतौर पर एक लेयर के होते हैं.

वजन ज्यादा होने की वजह से इसके अपने खतरे भी हैं. जैसे कई ऐसे मामले लगातार सामने आते रहे हैं, जिनमें भारी कंबल में दम घुटने से बच्चों की मौत हो गई. यही वजह है कि हमारे शरीर के वजन के हिसाब से भी कंबल बनाए जा रहे हैं जो कि बच्चों, वयस्कों, बूढ़ों और ऑटिस्टिक लोगों के लिए अलग वजन के होते हैं.

वजन ज्यादा होने की वजह से इसके अपने खतरे भी हैं


अमेरिका के मेसाचुसेट्स में स्पाइरल फाउंडेशन में इसपर काफी शोध हो रहा है. शोधार्थियों का मानना है कि भारी कंबल गर्मी देते हैं और इसी वजह से इससे नींद भी अच्छी आती है. हालांकि इसका वजन बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है और दम घुटने जैसी दुर्घटना हो सकती है.

भारी कंबल के कई फायदे भी हैं, जिनकी वजह से मनोवैज्ञानिक इसका इस्तेमाल करते आए हैं. ऑक्युपेशनल थैरेपी में ये उपयोग होते हैं, जिसके तहत दिव्यांग या किसी तरह की मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहे लोगों को आराम दिया जाता है.

इसकी गर्मी और वजन से भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसे डीप-टच प्रेशर के नाम से भी जाना जाता है. डीप टच प्रेशर के पीछे ये विज्ञान काम करता है कि गर्मी और वजन से सेरेटोनिन और डोपामिन हॉर्मोन निकलते हैं जो मस्तिष्क को आराम देते हैं. यही वजह है कि ग्रेविटी कंबल ओढ़ने से अवसाद, अनिद्रा, ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर और एंजाइटी में आराम मिलता है.
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ऑक्युपेशनल थैरेपी में ये उपयोग होते हैं


ऑक्युपेशनल थैरेपी इन मेंटल हेल्थ में 33 वयस्कों पर शोध किया गया. उन्हें 5 मिनट के लिए वजनी कंबल (13.6 किलोग्राम) ओढ़ाया गया. लगभग 85 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इससे उन्हें आराम महसूस हुआ, वहीं बाकी लोगों को ब्लैंकेट के नीचे परेशानी हुई. ऑस्ट्रेलेशियन साइकेट्री में भी इसी कंबल पर शोध किया गया. इसमें मनोचिकित्सकों ने मनोवैज्ञानिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर प्रयोग किया, जिसके नतीजे सकारात्मक रहे.

पीडियाट्रिक्स जर्नल में ऑटिस्टिक बच्चों पर शोध हुआ जो नींद की कमी से परेशान थे. उनकी नींद और नींद में खलल के लिए एक्टिविटी मॉनिटर लगाया गया. इसके नतीजे भी मिलते-जुलते रहे. हालांकि इसमें ये भी सामने आया कि भारी कंबल को ऑटिस्टिक बच्चे हटा नहीं पाते हैं और दम घुटने जैसे हालात बन सकते हैं.

इसे 'प्लासिबो इफेक्ट' से भी जोड़ा जा रहा है जिसे डमी ट्रीटमेंट भी कहते हैं. इसमें कंबल ओढ़ने वाले व्यक्ति को लगता है कि वजन की वजह से गर्मी ज्यादा है और वो आराम से सो सकता है. मनोवैज्ञानिक समस्याओं के इलाज के दौरान भी ये कंबल इसी थ्योरी पर काम करता है, जिसमें ये कंबल इलाज के 'टूल' की तरह लगता तो है लेकिन दरअसल इलाज में इसकी कोई भूमिका नहीं होती है.

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First published: November 24, 2019, 12:28 PM IST
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