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वो नवाब जिसने खास कुतिया की शादी में उड़ा दिए करोड़ों, तीन दिन चली दावत

जूनागढ़ के नवाब महावत खां कुत्तों को लेकर गजब क्रेजी थे. उनकी खास कुतिया रोशनआरा की शादी में तो उन्होंने करोड़ों उड़ा दिए. स्टेशन से लेकर महल तक दूल्हा बने डॉग का जुलूस निकला. देशभर से राजा शादी में बुलाए गए. तवायफों को नचाया गया
जूनागढ़ के नवाब महावत खां कुत्तों को लेकर गजब क्रेजी थे. उनकी खास कुतिया रोशनआरा की शादी में तो उन्होंने करोड़ों उड़ा दिए. स्टेशन से लेकर महल तक दूल्हा बने डॉग का जुलूस निकला. देशभर से राजा शादी में बुलाए गए. तवायफों को नचाया गया

जूनागढ़ के नवाब महावत खां कुत्तों को लेकर गजब क्रेजी थे. उनकी खास कुतिया रोशनआरा की शादी में तो उन्होंने करोड़ों उड़ा दिए. स्टेशन से लेकर महल तक दूल्हा बने डॉग का जुलूस निकला. देशभर से राजा शादी में बुलाए गए. तवायफों को नचाया गया

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2020, 7:39 PM IST
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आजादी के पहले जूनागढ़ के नवाब अपने कुत्ते पालने के शौक के कारण जाने जाते थे. लेकिन एक बार तो उन्होंने गजब ही कर दिया. उन्होंने तय किया था कि अपनी पसंदीदा कुतिया की शादी किसी राजघराने के डॉग से ही करेंगे. ये शादी ऐसी होगी कि लोग उसको याद करेंगे और वास्तव में ऐसा ही हुआ.
जूनागढ़ के इस नवाब का नाम सर महावत खां रसूल खां था. उनके पास 800 से ज्यादा कुत्ते थे. ये सभी खास सुख सुविधा के बीच रखे जाते थे. लेकिन इन सबके बीच नवाब को सबसे प्रिय थी रोशनआरा. हां रोशनआरा उनकी पसंदीदा कुतिया का नाम था.
दीवान जरमनी दास ने अपनी किताब महाराजा में देश के तमाम राजा-महाराजाओं की सनक के बारे में लिखा है. उनकी इसी किताब में जूनागढ़ के नवाब की सनक का भी विस्तार से जिक्र किया गया. कैसे नवाब ने जब अपनी पसंदीदा कुतिया की शादी की तो वो देशभर में चर्चा का विषय बन गई.

नवाब ने रोशनआरा को बहुत ऐशो-आराम से पाला था. उसको वो कभी अकेला नहीं छोड़ते थे. फिर जब वो बड़ी हुई तो नवाब को लगा कि उसकी शादी होनी चाहिए. उसके लिए ऐसा कुत्ता तलाशा गया जो खुद किसी राजघराने से ही ताल्लुक रखता हो.
आखिर मंगलौर के राजघराने में मिला दूल्हा डॉग
आखिरकार बात मंगलौर के नवाब के शिकारी कुत्ते पर खत्म हुई. रिश्ता पक्का हो गया. देशभर के राजा-महाराजाओं, नवाबों और जागीरदारों को तो निमंत्रण भेजे ही गए साथ ही वायसराय लार्ड इर्विन को भी न्योता भेजा गया. करीब करीब सभी लोगों ने शादी में शरीक होना मंजूर कर लिया. केवल वायसराय ही इस शादी में नहीं आए.उनकी नजर में ये नवाब का फितूर था.



उस दिन रोशनआरा को इत्र से नहलाया और सजाया गया
शादी के दिन रोशनआरा को इत्र और सेंट से नहलाया गया. फिर उसे लाखों के कीमती जेवरात से सजाया गया. गले में मोतियों का हार. बाजूबंद, पैरों में बंधे हुए जेवरात फिर वो सजी संवरी दरबार हॉल में लाई गई. जो इस शादी की खुशी में सजा हुआ था. दूल्हे कुत्ते को भी सजाया गया. दोनों रेशमी जरी की पोशाक पहने हुए थे.

जूनागढ़ के नवाब को डॉग लवर्स माना जाता था. वो करीब 1000 कुत्ते पालते थे. उसके लिए उन्होंने एक अलग सुविधापूर्ण महल बनवाया हुआ था, जिसे कुत्ताघर कहा जाता था


नवाब ने स्टेशन पर जाकर की दूल्हे कुत्ते की आगवानी
हद तो तब हो गई जबकि जूनागढ़ का नवाब कुत्ते की आगवानी के लिए बकायदा रेलवे स्टेशन तक भी पहुंचा. फिर वहां से जेवरात से सजे करीब 250 कुत्तों और हाथियों के जुलूस के साथ उसे महल लाया गया. नवाब के सभी मंत्री और अधिकारी भी दूल्हे कुत्ते की आगवानी पर स्टेशन पर मौजूद थे. कुत्ते का नाम था बूबी. स्टेशन पर लाल कालीन बिछी हुई थी.

50 हजार लोगों को दी तीन दिनों तक दावत
शादी के बाद मेहमानों समेत करीब 50 हजार लोगों को शानदार खाना खिलाया गया. शादी का कार्यक्रम तीन दिन तक चला. इस दौरान पूरे राज्य में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया. शादी में जहां तीन वक्त शानदार खाने का इंतजाम रहता था, वहीं बाहर से खूबसूरत तवायफें मेहमानों के मनोरंजन के लिए बुलाई गईं थीं.
निकाह की रस्म काजियों ने पढ़ी. निकाह बिल्कुल उसी तरह हुआ जिस तरह शानदार शादियां होती हैं. निकाह के बाद रोशनआरा को खास इज्जत के साथ बूबी के साथ बिठाया गया. उनके सामने भी उम्दा और लजीज मांसाहारी खाना परोसा गया.

जूनागढ़ नवाब महावत खां जब पाकिस्तान के लिए भागे तो उनके बारे में कहा जाता है कि वो अपने साथ कई पालतू कुत्ते भी ले गए


रिपोर्टर बुलाए गए. फिल्म बनी
अखबारों के लोग इस शादी की रिपोर्टिंग करने आए थे. नवाब ने इस शादी की फिल्म भी बनवाई. फोटो खींचे गए. इस मौके पर नवाब ने ऐलान किया कि वो अपने घर पर करीब 100 और कुत्ते पालेंगे.

एसी रूम में रहती थी रोशनआरा
शादी के बाद रोशनआरा अपनी ससुराल नहीं गई बल्कि दूल्हे के साथ उसे जूनागढ़ में ही रखा गया. उसे जीवनभर खास खाना मिलता था. वो कीमती मखमल की गद्दियों पर सोती थी. एसी कमरों में रहती थी. हालांकि बाद में उसके शौहर बूबी को दूसरे कुत्तों के साथ नवाब के कुत्ता घर में डाल दिया गया. बाद में इसकी देखादेखी में कई और राजाओं ने अपने कुत्ते-कुतियाओं की शादी रचाई.

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