उम्मीद से 10 गुना ज्यादा तेजी से बदल रही है पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड

उम्मीद से 10 गुना ज्यादा तेजी से बदल रही है पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड
पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड में बदलाव तेजी से हो रहे हैं, लेकिन यह अनुमान से कहीं ज्यादा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नए अध्ययन से पता चला है कि पृथ्वी (Earth) की मैग्नेटिक फील्ड (Magnetic Field) में बदलाव की रफ्तार जितनी सोची गई थी वह उम्मीद से 10 गुना ज्यादा है.

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हाल ही में वैज्ञानिकों ने पिछले कुछ सालों के अध्ययन के बाद पाया की पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड (Magnetic Field) तेजी से अपनी जगह बदल रही है. जहां करीब सौ साल पहले मैग्नेटिक नॉर्थ (Magnetic North) उत्तरी अमेरिका में स्थित था तो वह अब साइबेरिया (Siberia) की ओर चला गया है. इस बदलाव का असर हमारे नैविगेशन सिस्टम (Navigation Systems) पर पड़ रहा है जो जीपीएस (GPS) के जरिए हमें बता सकते हैं कि हम कहा पर हैं. ताजा अध्ययन से वैज्ञानिकों ने लैब में सिम्यूलेशन्स का उपयोग करते हुए पता किया है कि अब पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड की दिशा उस गति से 10 गुना ज्यादा तेजी से बदल सकती है जितना कि पहले सोचा गया था.

कैसे पता चली यह बात
नेचर कम्यूनिकेशन्स में प्रकाशित शोध ने पृथ्वी की आंतरिक परतों में हो रहे बदलाव पर अध्ययन कर यह नतीजा निकाला है. उन्होंने पृथ्वी की सतह के अंदर पिघले लोहे के बहाव का अध्ययन कर यह पता लगाया है कि वह पिछले सौ सालों से हमारी पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड की गतिविधि को किस तरह से प्रभावित कर रहा है.

बहुत तेजी से हो रहे हैं बदलाव
इस अध्ययन के शोधकर्ता यूके की लीड्स यूनिवर्सिटी के क्रिस डेविस ने बताया, “हमारे पास पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड की 400 साल से पुरानी उपलब्ध जानकारी काफी अधूरी थी. चूंकि तेजी से हुए ये परिवर्तन तरल क्रोड (Liquid Core) के चरम बर्ताव को प्रदर्शित करते हैं, इससे हमें पृथ्वी की गहराई के बारे में बहुत ही अहम जानकारी प्रदान कर सकते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारी पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड पृथ्वी के बाहरी क्रोड (Outer Core) में बने पिघली धातुओं के संवहनीय (Convective) बहाव की वजह से बनी और कायम है. लेकिन यह मैग्नेटिक फील्ड लगातार बदल रही है.



Interior of Earth
इस बदलाव का कारण हमारी पृथ्वी के कोर में हो रहे हैं परिवर्तन हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


पुराने आंकड़ों को भी किया गया अध्ययन में शामिल
सैटेलाइट की वजह से हमें इसमें हुए बदलाव को नापने और नजर रखने का नया तरीका मिला है, लेकिन यह फील्ड उससे काफी पहले से मौजूद है जब इंसान ने इसके बारे में जानकारी हासिल कर रिकॉर्ड रखना शुरू किया था. लेकिन सदियों पहले इन मैग्नेटिक फील्ड का बर्ताव कैसा था  यह वे लावा के बहाव, अवसादों (Sediments)  और पुराने जमाने में इंसान के बनाई हुईं शिल्पकृतियों के अध्ययन के जरिए जानने की कोशिश कर रहे हैं.

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बहुत चुनौतीपूर्ण है ऐसी जानकारी हासिल करना
पृथ्वी के क्रोड़ की फील्ड के संकेतों की सटीक जानकारी हासिल करना बहुत ही ज्यादा चुनौतीपूर्ण कार्य है. इसलिए इस प्रकार के विश्लेषणों के जरिए इसमें हुए बदलावों का अनुमान लगाना अब भी बहस का विषय है.

Earth atmosphere
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के बदलाव पहले भी हो चुके हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


अब तक क्या बताई जा रही थी गति
शोधकार्ताओं ने इस फील्ड के पैदा होने की प्रक्रिया के कम्प्यूटर सिम्यूलेशन्स और हाल ही में प्रकाशित हुए उसके बारे में बदलाव के पिछले एक लाख सालों के बदलाव को मिलाकर अध्ययन किया. उनके अध्ययन से पता चला कि पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड की दिशा में बदलाव की गति ताजा बताए गए बदलावों की गति से 10 गुना ज्यादा तक पहुंच गई है. इससे पहले यह गति एक डिग्री प्रति वर्ष बताई गई थी. शोधकर्ताओं का कहना है कि इतने तेजी हो रह बदलाव की वजह मैग्नेटिक फील्ड का स्थानीय स्तर पर कमजोर होना है.

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पुराने बदलाव को भी जानकारी
शोधकर्ताओं ने बताया कि 39 हजार साल पहले जियोमैग्नेटिकफील्ड में 2.5 डिग्री का तेज बदलाव हुआ था. तब इसका संबंध भी स्थानीय स्तर पर इस फील्ड के कमजोर होने से था. उससे दो हजार साल पहले भी इस तरह एक और बदलाव हुआ था. इसी तरह से कम्प्यूटर सिम्यूलेशन के जरिए पुरातन काल में हुए बड़े बदलाव के बारे में पता लगाया जा सकता है.
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