सूर्य के निकटतम तारे के पास पृथ्वी जैसे ग्रह की हुई पुष्टि, जानिए क्यों है खास

सूर्य के निकटतम तारे के पास पृथ्वी जैसे ग्रह की हुई पुष्टि, जानिए क्यों है खास
यह ग्रह प्रॉक्सिमा सेंचुरी के पास दिखाई दिया था.

शोधकर्ताओं ने पृथ्वी (Earth) जैसे ग्रह की पुष्टि की है जो हमारे सौरमंडल (Solar System) के सबसे पास है. वैज्ञानिक इसमें जीवन की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं.

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नई दिल्ली:  पृथ्वी के बाहर जीवन की संभवनाओं की तलाश में वैज्ञानिकों को पृथ्वी जैसे ग्रहों में खास दिलचस्पी होती है. इस तरह ग्रह वैसे तो हमारे सौरमंडल (Solar System) के बाहर खगोलविदों (Astromers) को मिलते रहते हैं, लेकिन इस बार वैज्ञानिकों ने हमारे सूर्य के सबसे पास के तारे का आसपास पृथ्वी (Earth) के आकार के ग्रह के होने की पुष्टि की है.

कैसा है यह ग्रह
यह ग्रह प्रॉक्सिमा सेंचुरी के पास मिला है जो सूर्य से सबसे करीब स्थित तारा माना जाता है. इसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने की है जिसमें जेनेवा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता भी शामिल हैं. इस शोध के नतीजे एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित हुए हैं, जिनके अनुसार प्रॉक्सिमा बी का वजन पृथ्वी के वजन से 1.17 गुना ज्यादा है और यह अपने तारे की हैबिटेबल जोन में स्थित है. यह अपने तारे की परिक्रमा 11.2 दिन में पूरी कर लेता है.

कैसे खोजा गया इसे



यह खोज स्विस निर्मित स्पैक्टोग्राफ एसप्रेसो (ESORESSO) के सटीक रेडियल वैलोसिटी के मापन से संभव हुए हैं. इसे चीली के VLT में स्थापित किया गया है. प्रॉक्सिमा बी को सबसे पहले चार साल पहले एक पुराने स्पैक्ट्रोग्राफ हार्प्स (HARPS) से देखा गया था. इसे भ जेनेवा की ही एक टीम ने बनाया था. इस स्पोक्ट्रोग्राफ ने तारे की गति के हलकी हलचल को पकड़ा जिससे इस ग्रह की उपस्थिति का अंदाजा लग सका. हार्पस पिछली पीढ़ी का उपकरण है.



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प्रॉक्सिमा सेंचुरी हमारी गैलेक्सी में सबसे नजदीकी तारा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


एसप्रेसो ने दिए ज्यादा सटीक मान
जेनेवा यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोनॉमी विभाग के प्रोफेसर फ्रांसिसको पोप ने कहा,”हम पहले से ही हार्पस के निष्पादन से काफी खुश थे जिसने पिछले 17 सालों में इसके जैसे सैंकड़ों बाह्य ग्रहों की खोज की है. हमें खुशी है कि एस्प्रेसो ने इससे भी ज्यादा सटीक मापन किए और यह पिछले 10 साल के टीमवर्क की मेहनत का नतीजा है.शोध के प्रमुख लेखक एलेजेंड्रो सुआरेज मास्करेनो ने बताया, “प्रॉक्सिमा बी के हने की पुष्टि एक अहम कार्य था. यह हमारे सौरमंडल के पास का सबसे दिलचस्प ग्रह है. एस्प्रेसो के मापन से इस ग्रह का वजन पृथ्वी से 1.17 गुना ज्यादा पाया गया है, जबकि अब तक यह पृथ्वी से1.3 गुना ज्यादा पाया गया था.

और क्या है यहां जीवन की संभावना
प्रॉक्सिमा बी अपने तारे से पृथ्वी और सूर्य की दूरी के मुकाबले 20 गुना ज्यादा पास है. यह लगभग पृथ्वी जीतनी ही ऊर्जा लेता है इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि यहां की सतह का तापमान पानी के तरल रूप में मौजूद हो. इसलिए यहां जीवन भी संभव हो सकता है.

लेकिन अभी कई सवालों के देने हैं जवाब
लेकिन प्रॉक्सिमा पर जीवन की संभावना का दावा करना जल्दबाजी होगी. प्रॉक्सिमा तारा एक सक्रिय छोटा लाल तारा है जो अपने ग्रह पर एक्स रे छोड़ता रहता है. यह पृथ्वी पर आने वाली एक्स रे से 400 गुना ज्यादा है. एस्प्रोसे के आंकड़ों का प्रसंस्करण करने वाले जेनेवा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता क्रिस्टोफे लोविस कहते हैं, “क्या किसी भी ग्रह का वायुमंडल इन खतरनाक किरणों को रोक सकता है. अगर ऐसा हुआ भी तो क्या ऐसा वायुमंडल जीवन के विकास को बढ़ावा देने वाला होगा. ऐसे हालात कितने समय से होंगे.”

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फिलहाल पृथ्वी की तरह जीवन के अनुकूल परिस्थितियां किसी दूसरे ग्रह पर नहीं हैं.


भविष्य के ये उपकरण करेंगे मदद
क्रिस्टोफे का कहना है, “हमें ऐसे सवालों का जवाब ढूंढना होगा खासतौर पर जब हमारे पासे रिस्टरेटो (RISTRETTO) जैसे स्पैक्ट्रोमीटर उपलब्ध होंगे जो हम खास तौर पर प्रॉक्सिमा  बी के लिए बना रहे हैं. इसके अलावा HIRES जैसे अतिविशाकाय टेलीस्कोप भी मदद करेंगे जो चिली की यूरोपियन साउदर्न ऑबजर्वेटरी में स्थापित होने जा रहा है.

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First published: May 29, 2020, 3:07 PM IST
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