अब कपड़ों पर आते ही मर जाएगा कोरोना वायरस, ताजा शोध ने सुझाई तकनीक

अब कपड़ों पर आते ही मर जाएगा कोरोना वायरस, ताजा शोध ने सुझाई तकनीक
कोरोना वायरस कपड़ों से भी फैलता है,लेकिन नई तकनीक से यह कपड़ों पर आते ही बेअसर हो जाएगा.

वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक सुझाई है जिसका कपड़े पर उपोयग करने से कोरोना वायरस (Corona virus) कपड़े पर आते ही निष्क्रिय हो जाएगा.

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona virus) के खिलाफ जंग में कई तरह के शोध चल रहे हैं. दवाओं और वैक्सीन के ट्रॉयल की चरणों में चल रहे हैं तो वायरस के प्रसार के रोकने के लिए भी शोध जारी है. कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में निजी स्तर पर किए जा रहे रोकथाम की अहम भूमिका है. लोग अपने मास्क, अपने कपड़ों को कैसे संभालते हैं यह भी काफी मायने रखता है. एक नए शोध में कपड़ों (Fabric) से संक्रमण न फैले इसका समाधान सुझाया है.

कपड़ों से रहता है संक्रमण का खतरा
जहां मास्क हमें संक्रमण से बचाता है तो उसे छूने से ही हमें संक्रमण हो भी सकता है. यही हमारे कपड़ों के साथ भी है, लेकिन ऐसा खतरा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ज्यादा है चाहे वे कितने ही सुरक्षात्मक PPE कपड़ों का प्रयोग क्यों नहीं कर रहे हों. अमेरिका इंडियाना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने प्रस्तावित शोधपत्र में एक ऐसे कपड़े के बारे में सलाह दी है जिससे कोरोनावायरस का संक्रमण संपर्क से नहीं फैल सकता है.

अभी तक कपड़ों पर नहीं हुआ है शोध



कोरोना वायरस के कपड़ों से संक्रमण के बारे में शोधकर्तोओं ने खास तौर पर कोई शोध नहीं किया है. इसलिए इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है कि यह वायरस कपड़ों पर कितनी देर तक रह पाता है और संक्रमण करने में सक्षम रहता है. लेकिन कपड़ों से संक्रमण नहीं होगा यह बात सभी शोधकर्ता गलत ही मानते हैं. इस शोध में वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कपड़े में एक इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा कर दी जाए तो उसमें लगे वायरस खत्म हो सकते हैं.



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कोरोना संक्रमण कपड़ों से भी उतना ही फैल सकता है जितना है बाकी सतहों से


कम खतरनाक नहीं होता है कपड़ों से संक्रमण
कपड़ों के संक्रमण के बारे में आमतौर पर शोधकर्ताओं का मानना है कि वायरस कपड़ों पर दो दिन तक खत्म हो सकता है. लेकिन काफी कुछ तापमान और कपड़े और उसके आसपास की नमी पर भी निर्भर करता है. फिर भी इससे स्वास्थ्यकर्मियों के कपड़े या उनकी PPE किट से संक्रमण का खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

इलेक्ट्रोस्यूटिकल्स पर किया गया अध्ययन
इस शोध में शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रोस्टेटिक बल का कोरोना वायरस पर प्रभाव का अध्ययन किया. इसमें शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रोस्यूटिकल्स के तहत यह अध्ययन किया है. इलेक्ट्रोस्यूटिकल्स में एक इंसानों को नुकासान न पहुंचाने वाली कमजोर इलेक्ट्रिक फील्ड का उपयोग कुछ बीमारियों को ठीक करने के लिए  किया जाता है.

एक खास कपड़ा मारेगा वायरस को
शोधकर्ताओं ने एक करेंट पैदा करने वाला कपड़ा बनाया है. इससे कपड़े पर लगे वायरस उस करेंट से मर जाएंगे और वे संक्रमण फैलाने से पहले ही कपड़े को वायरस मुक्त कर देंगे. इस शोध के प्रमुख लेखक और इंडियाना सेंटर फॉर रीजनरेटिव मेडिसिन एंड इंजिनियरिंग के निदेशक चंदन सेन और उनके साथियों ने इलेक्ट्रोस्यूटिकल कपड़ों की PPE किट के लिए अधिक उपयोगी बताया है.

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यह तकनीक पीपीई किट पर कारगर हो सकती है.


मास्क पर होने लगे हैं शोध
इस समय  कोरोना वायरस के लिए कपड़ों पर भी कई शोध शुरू हो चुके हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा मास्क पर शोध सामने आए हैं. शोधकर्ता अब इस बात पर शोध कर रहे हैं कि मास्क पर वायरस आते ही मर जाए और बाद में उसे छूने संक्रमण नहीं फैले.

मास्क की तरह कपड़ों से भी संक्रमण फैल सकता है. हवा से संक्रमण फैलाने वाले वायरस कपड़ों पर तो आ जाते हैं, लेकिन वे शरीर पर नहीं आते. लेकिन अगर उन कपड़ों का छू लिया जाए तो फिर वायरस के मुंह तक जाने की संभावना बहुत ही ज्यादा बढ़ जाती है.लेकिन इस शोध ने उम्मीद जगाई है इसकी नौबत ही न आ सके.

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