अगर उस जमाने में स्पेसशिप होतीं, तो आज जिंदा होते डायनासोर- एलन मस्क

एलन मस्क (Elon Musk) के ट्वीट ने उनके मंगल ग्रह की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

एलन मस्क (Elon Musk) के ट्वीट ने उनके मंगल ग्रह की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

एलन मस्क (Elon Musk) का कहना है कि अगर क्षुद्रग्रह के पृत्वी से टकराव (Asteroid Strike) के समय अंतरिक्ष यान होते तो शायद डायनासोर (Dinosaurs) आज भी पृथ्वी पर घूम रहे होते.

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बताया जाता है कि 6.6 करोड़ साल पहले पृथ्वी से एक क्षुद्रग्रह टकराया (Asteroid Strike) था. यह टकराव 10 अरब आणविक बमों के बराबर शक्तिशाली था इसकी वजह से पृथ्वी पर ऐसे बदलाव आए की डायनासोर (Dinosaur) सहित दुनिया के दो तिहाई जीवों को समूल नाश हो गया. लेकिन अपने एक दिलचस्प ट्वीट में मंगल पर जाने की चाह रखने वाले एलन मस्क (Elon Musk)  ने कहा है कि अगर उस समय स्पेसशिप होते आज डायनासोर पृथ्वी पर घूम रहे होते.

इस टकराव पर हुआ थे गहरा शोध

साल 2019 में इस विनाशकारी टकराव और उसके प्रभावों पर एक शोध किया गया था. वैज्ञानिकों ने मैक्सिको के युकाटैन प्रायद्वीप में हुए इस टकराव में बिखरे सैंकड़ों पत्थरों का अध्ययन किया. उनका मानना है कि इस टकराव से दुनिया भर में सुनामी, और जंगलों में आग जैसी घटनाएं हुई और पृथ्वी के वायुमंडल में विशाल मात्रा में सल्फर छा गया था और लंबे समय तक पृथ्वी पर सूर्य की किरणें नहीं पहुंच सकी थीं.

एक साथ नष्ट नहीं हुए सभी डायनासोर
इस अध्ययन में बताया गया कि टकराव से बहुत से डायनासोर मारे गए थे, पर सभी का सफाया नहीं हुआ था. लेकिन बाद की घटनाओं से पृथ्वी पर जो ठंडक का वातावरण बना उसमें डायनासोर खुद को बचा नहीं सके थे और पूरी तरह से नष्ट हो गए थे. इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया था कि टकराव के कारण क्रेटर में बहुत से पदार्थ बने थे तो बहुत सारे सुनामी में समुद्र के पानी में बह गए थे.

डायनासोर बच जाते अगर

स्पेस एक्स और टेस्ला के मालिक एलन मस्क का कहान है कि अगर उस समय तक डायनासोर का इंसानों के स्तर का तकनीकी विकास हो पाता तो टकराव के बाद बचे हुए डायनासोर खुद को बचाने में सफल जरूर हो जाते. डायनासोर के एक मीम का जवाब देते हुए मस्क ने बताया कि अगर डायनासोर के पास केवल स्पेसशिप ही होते तो वे आज जिंदा होते.



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एलन मस्क (Elon musk) ने डायनासोर के बचाव का समाधान स्पेसशिप बताया है. (Twitter/ @elonmusk)

ऐसे बचते डायानासोर

जहां कई लोगों को यह अजीब बात या मजाक लग सकता है, लकिन मस्क के द्वारा जताई गई संभावना में छिप सुझाव को आसानी से समझा जा सकता है कि हालात ठीक होने तक डायनासोर खुद को स्पेसशिप में रख कर उस समय के पर्यावरण के दुष्प्रभाव से बचा सकते थे. मस्क पहले ही मंगल पर इंसानों के बसाने की अपनी योजनाएं लोगों को बता चुके हैं.

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मंगल पर जाने के लिए

मस्क का मानना है कि अगले साढ़े पांच सालों में वे अपना यह सपना पूरा कर सकते हैं. लेकिन इससे डेडलाइन से पहले उनके मुताबिक बहुत से तकनीकी उपलब्धियां हासिल करनी होंगे. मस्क का जोर देकर कहना है कि मंगल पर हमें आत्मनिर्भर कॉलोनी बनानी होगी. उल्लेखनीय है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल पर पहला मानव रखने का समय साल 2033 तक का रखा है.

मंगल पर जाने का विरोध

मस्क को अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना का विरोध भी झेलना पड़ रहा है. उनके विरोधियों का मानना है कि मस्क को मंगल पर जाने की तैयारी से पहले पृथ्वी को बचाने के लिए काम करना जाहिए ना कि मंगल पर बस्ती बसाने की योजना पर. लॉस एंजेलिस की क्रिएटिव एजेंसी एक्टिविस्टा ने स्पेसएक्स के कैलिफोर्निया मुख्यालय के सामने एक बोर्ड में लिखा है, “मंगल निचोड़ लेता, लेकिन जो नहीं निचोड़ती है वह है पृथ्वी, लेकिन जिस तरह से हम उससे बर्ताव करते हैं वह जरूर निचोड़ लेता है.”

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एलन मस्क (Elon Musk) मंगल पर इंसानी बस्ती बसाने की योजना बना रहे हैं(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

बिल गेट्स भी सहमत नहीं

इसी तरह माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ बिल गोट्स का मानना ह कि मस्क का मंगल पर कॉलोनी बनाने का समाधान वास्तविक समाधान नहीं है. गेट्स का कहना था कि मंगल पर इंसान नहीं बल्कि रॉकेट समाधान  हैं. गेट्स को लगता है कि इस मामले में दूसरे उद्योगको भी शामिल होना चाहिए. गेट्स कई बार कह चुके हैं कि वे रॉकेट में निवेश करने के बजाए किसी बीमारी के टीके में निवेश करना पसंद करेंगे.

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वैसे बहुत से वैज्ञानिकों का यह मानना है कि अगर डायनासोर महाविनाश के कुछ समय बाद कहीं रहकर वापस भी आते तो वे पृथ्वी के नए माहौल में जिंदा नहीं रह पाते. मस्क का मानना है कि एक दिन ऐसा अवश्य आएगा जब में पृथ्वी का विकल्प खोजना ही होगा और इसकी हमें पहले से तैयारी करनी होगी.

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