वैज्ञानिकों ने खोजा एक मृत तारा जो भेज रहा है खास तरंगें

वैज्ञानिकों ने खोजा एक मृत तारा जो भेज रहा है खास तरंगें
पहली बार एक ही स्रोत से वैज्ञानिकों को विकरणों का ऐसा मिश्रण आते हुए मिला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों को हमारी गैलेक्सी (Galaxy) के एक मृत तारे (Dead star) से मिश्रित विकिरणें (Mix Rays) मिली है जो ब्रह्माण्ड (Universe) के कई रहस्यों पर से पर्दा उठा सकती हैं.

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अभी तक वैज्ञानिकों को फास्ट रेडियो बर्स्ट्स (FBR) और मैग्नेटर्स (Magnetars) के बीच में संबंध की जानकारी नहीं थी. लेकिन हमारी ही गैलेक्सी मिल्की वे (Milky Way) के एक मृत तारे से कुछ इस तरह की तरंगें और विकिरण एक साथ आए हैं जिससे वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे कई तरह के खगोलीय रहस्यों को सुलझा सकेंगे.

किसने देखीं ये तरंगें
यूरोपीय स्पेस एजेंसी की एकीकृत उच्च ऊर्जा अंतरिक्ष वेधशाला और दुनिया के टेलीस्कोप के सहयोग से वैज्ञानिकों ने इन खास विकिरणों को हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के एक मृत तारे से निकलते देखा है. इस अध्ययन के लेखकों के मुताबिक यह खोज लंबे समय से चले आ रहे कॉस्मिक रहस्य को सुलझा सकती है.

मैग्नेटर्स और FRB की भूमिका
ESA ने अपने बयान में कहा है कि इस पड़ताल में दो तरह की खगोलीय परिघटनाएं शामिल हैं. मैग्नेटर्स और फास्ट रेडियो बर्स्ट्स (FRB). इस अध्ययन के नतीजे एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लैटर्स में प्रकाशित हुए हैं. ब्रह्माण्ड में  मैग्नेटर्स के पास बहुत ही तीव्र मैग्नेटिक फील्ड होती है और जब वे सक्रिय होते हैं तो वे उच्च ऊर्जा वाली विकिरणों के छोटे प्रस्फोट पैदा कर सकते हैं जो हमारे सूर्य से अरबों गुना ज्यादा चमकदार होते हैं.



बहुत विरले होते हैं रोडियो बर्स्ट्स
वहीं रेडियो बर्स्ट्स, जिन्हें साल 2007 में सबसे पहले देखा गया था. आज भी रहस्यमयी हैं. वे धुंधले होने से पहले ही कुछ मिली सेकेंड के लिए चमकीली रोडियो तरंगें भेजती हैं और फिर शायद ही कभी फिर दिखाई देते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि रेडियो बर्स्ट्स का सही बर्ताव अभी तक नहीं पता चल सका है. इस तरह की परिघटनाएं अभी तक नहीं देखी गई थीं. लेकिन हाल ही में इन्हें हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के अज्ञात स्रोत से ऐसा होते देखा गया है.



कब हुई थी यह परिघटना      
रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में छह साल पहले वुल्पेक्युला तारा समूह के SGR 1935+2154 नाम का एक मैग्नेटर एक्स रे प्रस्फोट के बाद सक्रिय हुआ. खगोलविदों ने जल्दी ही पता कर लिया कि यह मैग्नेटर एक्स रे और रेडियो तरंगें दोनों ही उत्सर्जित कर रहा है.

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दुनिया भर की वेधशालाओं को किया अलर्ट
इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और मिलान में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के सैंड्रो मेरेगेटी का कहना है कि उन्होंने 28 अप्रैल को इटीग्रल स्पेस ऑबजर्वेटरी का उपयोग कर मैग्नेटर के उच्च ऊर्जा वाले प्रस्फोट को पकड़ा है , इस ऑबजर्वेटरी के बर्स्ट अलर्ट सिस्टम ने केवल कुछ ही सेकेंड्स में दुनिया भर की वेधशालाओं को अलर्ट कर दिया था.

यहां भी हुई इस परिघटना के होने की पुष्टि
कनाडा के चाइम (CHIME) रेडियो टेलीस्कोप का उपयोग करके भी खगोलविदों ने SGR 1935+2154 की दिशा से आ रहे बहुत ही चमकीले छोटी रेडियों तरंगों के प्रस्फोट का पकड़ा. इसकी पुष्टि कुछ घंटों में ही अमेरिका में सर्वे फॉर ट्रांजिट एस्ट्रोनॉमिकल रोडियो एमिशन 2 ने स्वतंत्र रूप से भी की.

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यह परिघटना ब्रह्माण्ड के कई रहस्य सुलझा सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


खास इमेजर के उपयोग से हो सकी पुष्टि
शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने इससे पहले कभी भी मैग्नेटर  इस तरह के प्रस्फोट की रेडियो तरंगे नहीं देखीं जो एक फास्ट रेडियो बर्स्ट से मिलती थीं. इस अध्ययन के सहलेखक और जिनेवा यूनिवर्सिटी के इंटीग्रल साइंस डेटा सेंटर के व्लादिमीर सावशेंको ने बताया कि IBS इमेजर से उहें मैग्नेटर के साथ इस प्रस्फोट की पुष्टि करने का मौका मिल सका.

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मेरेगेटी ने कहा, “पहली बार मैग्नेटर्स और फास्ट रेडियो बर्स्ट्स के बीच का अवलोकन के जरिए संबंध स्थापित हो सका है. यह एक बहुत बड़ी खोज है और इससे इस तरह की रहस्यमयी परिघटना की उत्पत्ति के पर प्रकाश डाला जा सकेगा.”
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