धूमकेतु में मिले जीवन के लिए जरूरी सभी अहम तत्वों के संकेत, जानिए इसका महत्व

धूमकेतु में जीवन दिखा- सांकेतिक फोटो (flickr)

धूमकेतु में जीवन दिखा- सांकेतिक फोटो (flickr)

अभी तक धूमकेतु (Comets) में जीवन के लिए आवश्यक CHOPS तत्वों (Elements) में से फॉस्फोरस (Phosphorus) को छोड़ कर सभी तत्व मिल चुके हैं, लेकिन इस अध्ययन से फॉस्फोरस की स्पष्ट मौजूदगी मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 7, 2020, 6:31 AM IST
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पृथ्वी पर जीवन कैसे आया. उस पर पानी और जीवन के लिए जरूरी तत्व क्या पृथ्वी पर ही विकसित हुए या वे पृथ्वी पर बाहर से आए थे. इस सवाल ने वैज्ञानिकों को काफी उलझाकर रखा हुआ है. अब तक इस विषय पर बहुत से शोध हो चुके हैं लेकिन इस विषय पर निर्णायक प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं. ताजा शोध ने इस धारणा को मजबूत किया है कि पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक तत्व धूमकेतु से आए थे. इस शोध में पता चला है कि 67P/चुर्युमोव गेरासिमेन्को (67P/Churyumov-Gerasimenko) नाम के धूमकेतु में जीवन के लिए जरूरी तत्व मौजूद हैं.

इस अभियान के आंकड़ों से हुआ अध्ययन

यूरोपीय स्पेस एजेंसी के रोसेटा अभियान के आंकड़ों से हुए अध्ययन  से पता चला है कि 67P/ धूमकेतु में जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व फोस्फोरस की मौजूदगी है. फिनलैंड में तुर्कू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं साथ एस्ट्रोफिजिसिस्ट और सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस्को गार्डनर की अगुआई में हुए अध्ययन में यह अध्ययन मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है.

छह जरूरी तत्व
जीवन के लिए जरूरी तत्वों को CHOPS  कहा जाता है जिसमें कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, फॉस्फोरस और सल्फर शामिल हैं.  इन्ही छह तत्वों का मिश्रण  पृथ्वी के ज्यादातर जैविक अणुओं का निर्माण करते हैं. वैज्ञानिकों ने इससे पहले धूमकेतुओं में दूसरे पांच खोज लिए थे. लेकिन फोस्फोरस इस पहेली के अंतिम हिस्से के जैसा था.

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माना जाता है कि खास तरह के फॉस्फोरस (Phosphorus) के अणुओं के पृथ्वी (Earth) पर आने के बाद ही यहां जीवन की शुरुआत हो सकी थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

कैसे मिला फोस्फोरस



67P/चुर्युमोव गेरासिमेन्को धूमकेतु पर शोधकर्ताओं ने फॉस्फोरस और फ्लोरीन उसके अंदरूनी कोमा में पाया है. ये दोनों तत्व रोसेटा के सीओमेट्री सेकेंडरी आयन मास एनालाइजर (COSIMA) उपकरण ने धूमकेतु से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर जमा किए गए ठोस कणों में मौजूद थे. ये कण उपकरण की टारगेट प्लेट्स पर जमा किए गए थे जिसके बाद उनकी दूर से तस्वीर ली गई थी. इस पूरे कार्य का नियंत्रण पृथ्वी से ही किया गया था.

पहले भी दिखे थे फॉस्फोरस के संकेत

ऐसा नहीं है कि पहले फॉस्फोरस धूमकेतुओं में नहीं पाया गया, 1987 में हेली धूमकेतू, 2006 में 81P/वाइल्ड में भी फॉस्फोरस देखा गया था. लेकिन यह पड़ताल कुछ अलग है.  इस बार शोधकर्ताओं ने या तो खनिज या धातु फॉस्फोरस क ठोस कणों में फॉस्फोरस आयन बहुत ही स्पष्टता से खोजे हैं. यह सब साल 2016 में ली गईं रोसेटा की तस्वीरों से संभव हो सका है.

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क्या है इस शोध की अहमियत

शोध की प्रेस रिलीज ने बताया गया कि यह पहली बार है कि जीवन के लिए जरूरी CHOPS तत्व धूमकेतु के ठोस पदार्थ में पाए गए हैं. यह शोध इस सवाल के जवाब की खोज के लिहाज से महत्वपूर्ण है कि पृथ्वी पर जीवन कैसे आया. फॉस्फोसर पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत अधिक महत्व रखता है.


खास तरह के फॉस्फोरस की भूमिका

शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र में लिखा कि जीवन के निर्माण की प्रक्रिया में पानी में घुलने और प्रतिक्रिया करने वाले फॉस्फोरस यौगिकों की सक्रिय न्यूक्लियोटाइड के निर्माण में आवश्यकता पड़ती है.  धूमकेतु में इस तरह काफॉस्फोरस ही नहीं मिल रहा था. पृथ्वी पर शुरुआत में घुलने वाले फॉस्फोसर अणुओं की कमी थी. प्रयोगों ने बताया है कि घुलने वाले फॉस्फोरस की जैविक अणुओं की उत्पत्ति में अहम भूमिका थी.

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इस तरह के जैविक अणुओं के निर्माण में जिस तरह के फॉस्फोरस की जरूरत पड़ती है वह उल्कापिंडों के पदार्थों में मिलता है. अभी तक यही माना जाता था कि उल्कापिंड के जरिए ही इस तरह का फॉस्फोरस पृथ्वी पर आया होगा. शोधकर्ताओं का मानना है कि इसदिशा में और स्पष्टता के लिए धूमकेतु से नमूनों को लाकर उनका अध्ययन करने की जरूरत  है.

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