क्या है क्षुद्रग्रह सुरक्षा मिशन जिसके लिए यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने किया समझौता

क्या है क्षुद्रग्रह सुरक्षा मिशन जिसके लिए यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने किया समझौता
क्षुद्रग्रहों (Asteroid)के पृथ्वी (Earth) के टकराने के खतरे को देखते हुए यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) नासा (NASA) के इस अभियान से जुड़ी है.(तस्वीर: Pixabay)

यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) ने नासा (NASA) के साथ समझौता किया है जिसके तहत वह नासा के डार्ट (DART) मिशन का हिस्सा बनेगा जिसमें एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) की दिशा बदलने की कोशिश की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 1:08 PM IST
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पृथ्वी (Earth) के पास से बहुत से क्षुद्रग्रह (Asteroid) गुजरते रहते हैं. उनके पृथ्वी से टकराने की संभावना कम होती है, लेकिन ज्यादातर पिंड पृथ्वी से सुरक्षित दूरी से होकर गुजर जाते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि पृथ्वी से कभी भी कोई पिंड टकरा (Collide) नहीं सकता. इसी खतरे से निपटने की तैयारी के लिए नासा (NASA) ने एक खास मिशन तैयार किया है और अब यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) उसका हिस्सा बन गई है.

कितना बड़ा समझौता किया है ईएसए ने
यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने 12.9 करोड़ यूरो यानि 15.4 करोड़ डॉलर का एक समझौता किया है. इसके तहत वह नासा के साथ एक संयुक्त प्रोजेक्ट करेगा जिसमें दोनों ऐसा अंतरिक्ष यान बनाएंगे जिसका काम पृथ्वी कि ओर आ रहे क्षुद्रग्रहों की दूसरी दिशा में धकेलना होगा.

क्या है यह मिशन
यह सब नास के डबल एस्ट्रॉइड रीडायरेक्शन टेस्ट (DART) मिशन के तहत हो रहा है. इस मिशन का उद्देश्य एक ग्रह की सुरक्षा केलिए क्षुद्रग्रह की दिशा बदलने की तकनीका का परीक्षण करना है. डार्ट अंतरिक्ष यान एक गतिक टकराव पैदा करेगा जो नियोजित तरीके से क्षुद्रग्रह से टकराए जिससे क्षुद्रग्रह की गति की दिशा बदल जाएगी.



अगले साल जाएगा नासा का यान
नासा की योजना अगले साल जून में एक अंतरिक्ष यान भेजने की है जो डिमोर्फस नाम के क्षुद्रग्रह से टकराने का परीक्षण करेगा. इस परीक्षण से यह जांचा जाएगा कि क्या पृथ्वी की ओर आने किसी पिंड को धक्का देकर उसे दूसरे सुरक्षित रास्ते पर भेजा जा सकता है या नहीं.



फिर ईएसए का यान करेगा जांच
इसके बाद ESA अक्टूबर 2024 में अपना एक अंतरिक्ष यान भेजेगा. इसका नाम विवाह की ग्रीक देवी हैरा के नाम पर रखा गया है. हैरा का काम नासा के डिमोर्फस के टकराव के बाद के नतीजों का अध्ययन करना होगा जिसमें क्रेटर के अध्ययन और क्षुद्रग्रह के भार का अध्ययन शामिल होगा. यह यान 2026 के अंत तक पहुंचकर निर्धारित इलाके में छह महीने का सर्वे करेगा.

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एक फिल्म भी बन चुकी है इस मिशन पर
यह मिशन एक हॉलीवुड फिल्म आर्मागेडेन पर आधारित लगता है जो साल 1998 में बनी थी जिसमें ब्रूस विलिस उस टीम के सदस्य की भूमिका में हैं जिसे उस क्षुद्रग्रह को नष्ट करने के लिए भेजा जाता है जो पृथ्वी से टकराने वाला है.

कितना बड़ा है यह क्षुद्रग्रह
डायमोर्फस नाम के इस क्षुद्रग्रह का व्यास 160 मीटर है वैसे तो यह पृथ्वी से टकरना की स्थिति में नहीं है, लेकिन अगर यह पृथ्वी से टकराता है तो मिस्र के गीजा पिरामिड के आकार यह क्षुद्रग्रह एक पूरे शहर को नष्ट करने में सक्षम है.

Asteroids, Earth, NASA
क्षुद्रग्रह (Asteroids) आमतौर पर पृथ्वी (Earth) से नहीं टकराते लेकिन फिर भी नासा (NASA) इस मिशन की तैयारी कर रहा है.


कैसा होगा ESA का यान
जहां तक हैरा का सवाल उसका आकार केवल एक टेबल के बराबर ही होगा जो क्षुद्रग्रह के आसपास स्वतंत्र रूप से घूमेगा और आंकड़े जमा करेगा. इसके अलावा वह कुछ 10 सेंटीमीटर के कुछ छोटी सैटेलाइट्स भी लॉन्च करेगा जो क्षुद्रग्रह की सतह के बहुत पास से उड़ सकेंगे.

बिलियर्ड्स के खेल जैसा
हैरा अंतरिक्ष यान को विकसित करने वाले जर्मनी के OHB तकनीकी ग्रुप के प्रमुख मार्को फूक्स  का कहना है कि क्षुद्रग्रह की दिशा मोड़ना एक तरह से बिलियर्ड्स खेलना है. उन्होंने माना कि एक छोटे से खगोलीय पिंड को दिशा देना बहुत चुनौतीपूर्ण काम है.

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क्षुद्रग्रह जैसे पिंड को दिशा देने के बादा काम भी आसान नहीं हैं. मार्को का कहना है कि इसके लिए उसके बारे में पता लगाना होगा और फिर उसके पास इस तरह से जाना होगा जिससे आप उसका अवलोकन कर सकें जिसे टकराव का परिणाम समझा जा सके.
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