लाइव टीवी

देश में अब भी खिला हुआ कमल, 16 राज्यों में है भारतीय जनता पार्टी की सरकार

News18Hindi
Updated: December 24, 2019, 3:14 PM IST
देश में अब भी खिला हुआ कमल, 16 राज्यों में है भारतीय जनता पार्टी की सरकार
अब भी देश के कई राज्यों में बीजेपी का चुनाव चिन्ह लहरा रहा है.

अब भी भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की 16 राज्यों में सरकार है. इनमें वो राज्य भी शामिल हैं जहां बीजेपी के समर्थन से बनी हुई सरकारें हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 24, 2019, 3:14 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. झारखंड का चुनाव (Jharkhand Election Results) हारने के साथ ही बीजेपी ने बीते एक साल के भीतर 5वां महत्वपूर्ण राज्य खोया है. पार्टी ने कई बड़े राज्यों में चुनाव गंवाए हैं. केंद्र में तो उसने 5 साल बाद दोबारा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई लेकिन राज्यों में उसे हार का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि अब भी भारतीय जनता पार्टी की 16 राज्यों में या तो खुद की सरकार है या फिर वहां पार्टी के समर्थन से बनी हुई सरकार है.

उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में फरवरी-मार्च 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 403 सदस्यों वाली विधानसभा में 325 सीटें जीतीं. इसके बाद फायरब्रांड हिंदू नेता योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की गद्दी मिली. राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने अकेले पूर्ण बहुमत हासिल किया था. बीजेपी ने राज्य में सिर्फ जीत नहीं हासिल की बल्कि लंबे समय राज्य में शासन कर रही सपा-बसपा के जनाधार को झकझोर कर रख दिया. स्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि राज्य की दो पुरानी प्रतिद्वंद्वी पार्टियों (सपा-बसपा) ने 2019 में एक होकर लोकसभा का चुनाव लड़ा. लेकिन यहां भी प्रचंड मोदी लहर के सामने उन्हें मात मिली. बीजेपी ने संयुक्त सपा-बसपा के सामने 64 सीटों पर जीत हासिल की. सपा-बसपा गठबंधन को 15 सीटों पर कामयाबी मिली थी.

yogi adityanath



उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश से अलग होकर अलग राज्य बने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. साल 2017 में पार्टी ने यहां भी जबरदस्त जीत हासिल की थी. 70 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 57 सीटें हासिल हुई थीं. मुख्यमंत्री पद के लिए के पुराने नेताओं के नाम सामने आए थे. लेकिन आखिरकार शीर्ष नेतृत्व ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को राज्य की जिम्मेदारी सौंपी.

बिहार
बिहार में चुनावी गणित पिछली बार से बिल्कुल उलट हो चुका है. बीते चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए 2015 में दो पुराने प्रतिद्वंद्वी आरजेडी और जेडीयू एक हो गए थे. इस गठबंधन ने बीजेपी को बड़ी मात दी थी. लेकिन फिर बाद में नीतीश कुमार बीजेपी के साथ आ गए और इस बार का चुनाव उन्हीं के नेतृ्त्व में लड़ा जाएगा. ऐसे में सहयोगी पार्टी जेडीयू के साथ तालमेल बिठाकर राज्य की सत्ता में बने रहना बीजेपी की प्राथमिकता में होगा. हालांकि पिछले कुछ समय में पार्टी के संबंध सहयोगी पार्टियों के साथ तीखे हुए हैं. महाराष्ट्र में शिवसेना सबसे प्रमुख उदाहण है.

गुजरात
गुजरात भारतीय जनता पार्टी के गढ़ के तौर पर देखा जाता है. राज्य में बीते 21 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. खुद पीएम मोदी राज्य के 12 साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे. साल 2017 में बीजेपी ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाई. वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की सभी 26 सीटें जीती थीं. ये कारनामा पार्टी ने 2014 में भी किया था.

कर्नाटक
साल 2018 के बीच में हुए चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी राज्य में बहुमत के आंकड़े के थोड़ा पीछे छूट गई थी. कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बना ली. लेकिन ये गठबंधन ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया और 2019 में बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाई. दरअसल कांग्रेस-जेडीएस ने 15 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था जिसकी वजह से बीजेपी बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई.

उपचुनाव के नतीजों से कर्नाटक विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हो गया है.

हरियाणा
हरियाणा में बीजपी की सरकार साल 2014 से है. अभी कुछ समय पहले विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी तो बनी लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई. पार्टी ने दुष्यंत चौटाला की जेजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है. मनोहर लाल खट्टर एक बार फिर सीएम बने हैं तो वहीं दुष्यंत चौटाला को डिप्टी सीएम बनाया गया है.

हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के बारे में कहा जाता है कि वहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच पांच सालों में सत्ता परिवर्तन होता रहता है. नवंबर 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में वापसी की. हालांकि राज्य में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला लेकिन सीएम पद के घोषित प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल चुनाव हार गए. बाद में पार्टी नेतृत्व ने रमेश ठाकुर को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया.

असम
असम की जीत भारतीय जनता पार्टी के लिए पूर्वोत्तर के द्वार खोलने जैसी थी. बीजेपी की इस जीत को लेकर किताबें तक लिखी गईं. असम में पार्टी की जीत में कांग्रेस से आए हेमंत बिस्वसरमा ने बहुत बड़ा योगदान दिया. माना जाता है कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी बीजेपी के फैलाव में उनका बड़ा योगदान है. 2016 में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 86 सीटें जीतकर राज्य में एक दशक से चले आ रहे कांग्रेस के शासन का अंत किया. इससे पहले तरुण गोगोई राज्य के मुख्यमंत्री हुआ करते थे.

त्रिपुरा
त्रिपुरा को लंबे समय से कम्युनिस्ट पार्टी के गढ़ के रूप में देखा जाता था. वहां के मुख्यमंत्री माणिक सरकार को ईमानदार और सादगी पसंद मुख्यमंत्री रूप में ख्याति मिली हुई थी. 2018 में त्रिपुरा में लेफ्ट का 25 साल पुराना किला ढहाते हुए बीजेपी गठबंधन को 43 सीटें मिली. वहीं सीपीएम ने 16 सीटें जीतीं. लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद मणिक सरकार की सत्ता से विदाई हुई और बिप्लव कुमार देब ने राज्य की कमान संभाली. त्रिपुरा में पार्टी की जीत को खुद बीजेपी ने खूब प्रचारित प्रसारित किया था. वामपंथी गढ़ को ढहाने बीजेपी ने बड़े स्तर पर जश्न मनाया था.

Biplab Deb - Mughals intended to destroy cultural wonders of Tripura

गोवा
गोवा में 2017 में विधानसभा चुनाव हुए थे. तब मनोहर पर्रिकर केंद्र में रक्षा मंत्री थे और राज्य की राजनीति से केंद्र की तरफ का रुख कर चुके थे. लेकिन चुनाव के बाद पर्रिकर को वापस मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के लिए भेजा गया. 2019 में उनके निधन के बाद प्रमोद सावंत को मुख्यमंत्री बनाया गया.

मणिपुर
मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में पहली अपनी सरकार बनाई. मुख्यमंत्री बनाए गए एन बीरेन सिंह पूर्व फुटबॉलर हैं. उनसे पहले राज्य में 15 सालों तक कांग्रेस की सरकार थी. दिग्गज कांग्रेसी नेता ओकराम इबोबी सिंह मुख्यमंत्री हुआ था करते थे. हालांकि चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर कांग्रेस ही उभरी थी.

उत्तर पूर्व के अन्य राज्य
इन राज्यों के अलावा उत्तर पूर्व के अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय, सिक्किम और मिजोरम में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू मुख्यमंत्री हैं जो दिसंबर 2016 में भाजपा में शामिल हुए. नगालैंड में फरवरी 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए की कामयाबी के बाद नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के नेता नेफियू रियो ने मुख्यमंत्री पद संभाला. मेघालय में 2018 में एनपीपी नेता कॉनराड संगमा ने बीजेपी और अन्य दलों के साथ मिल कर सरकार का गठन किया. सिक्किम में बीजेपी का एक भी विधायक नहीं है. लेकिन राज्य में सत्ताधारी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा है. मिजोरम की सरकार में भी बीजेपी का समर्थन है.

ये भी पढ़ें:

आप सोच भी नहीं सकते इंटरनेट शटडाउन से कितना बड़ा होता है नुकसान
क्या सरकार के पास है दंगाइयों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार, जानें कानून
कभी बीजेपी की तारीफों के पुल बांधा करते थे इतिहासकार रामचंद्र गुहा
तो क्या फिर सच साबित होगी डोनाल्ड ट्रंप को लेकर प्रोफेसर की भविष्यवाणी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 24, 2019, 2:38 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर