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क्या है राफेल डील, क्यों इसे लेकर आया सियासी भूचाल

News18Hindi
Updated: November 14, 2019, 2:20 PM IST
क्या है राफेल डील, क्यों इसे लेकर आया सियासी भूचाल
File photo of a French Rafale fighter aircraft

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में सरकार को बड़ी राहत दी है. आइए जानते हैं कि क्या है राफेल डील और क्यों ये इतना बड़ा विवाद बन गया

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  • Last Updated: November 14, 2019, 2:20 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राफेल डील (Rafale Deal) मामले में मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अगुआई वाली बेंच ने राफेल मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. आइए, जानते हैं क्या है राफेल डील और इसको लेकर क्यों है इतना विवाद?



राफेल क्या है?
राफेल कई भूमिकाएं निभाने वाला और दोहरे इंजन से लैस फ्रांसीसी लड़ाकू विमान है और इसका निर्माण दसॉ एविएशन ने किया है. राफेल विमानों को वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सक्षम लड़ाकू विमान माना जाता है.

यूपीए सरकार का क्या सौदा था?
भारत ने 2007 में 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी, जब तत्कालीन रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने भारतीय वायु सेना से प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी.

लंबी प्रक्रिया के बाद दिसंबर 2012 में बोली लगाई
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इस बड़े सौदे के दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन के एफ-16, यूरोफाइटर टाइफून, रूस के मिग-35, स्वीडन के ग्रिपेन, बोइंड का एफ/ए-18 एस और दसॉ एविएशन का राफेल शामिल था. लंबी प्रक्रिया के बाद दिसंबर 2012 में बोली लगाई गई. दसॉ एविएशन सबसे कम बोली लगाने वाला निकला. मूल प्रस्ताव में 18 विमान फ्रांस में बनाए जाने थे जबकि 108 हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किये जाने थे.

यूपीए सरकार ने संकेत दिया था कि सौदा 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा
यूपीए सरकार और दसॉ के बीच कीमतों और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण पर लंबी बातचीत हुई थी. अंतिम वार्ता 2014 की शुरुआत तक जारी रही लेकिन सौदा नहीं हो सका. प्रति राफेल विमान की कीमत का विवरण आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया था, लेकिन तत्कालीन संप्रग सरकार ने संकेत दिया था कि सौदा 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा. कांग्रेस ने प्रत्येक विमान की दर एवियोनिक्स और हथियारों को शामिल करते हुए 526 करोड़ रुपये (यूरो विनिमय दर के मुकाबले) बताई थी.

दशहरे के मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस जाकर राफेल विमान का शस्त्र पूजन किया था


मोदी सरकार द्वारा किया गया सौदा क्या है?
फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान, 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि सरकारों के स्तर पर समझौते के तहत भारत सरकार 36 राफेल विमान खरीदेगी. घोषणा के बाद, विपक्ष ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी के बिना कैसे इस सौदे को अंतिम रूप दिया. मोदी और तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलोंद के बीच वार्ता के बाद 10 अप्रैल, 2015 को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि वे 36 राफेल जेटों की आपूर्ति के लिए एक अंतर सरकारी समझौता करने पर सहमत हुए.

अंतिम सौदा?
भारत और फ्रांस ने 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 23 सितंबर, 2016 को 7.87 अरब यूरो (लगभग 59, 000 करोड़ रुपये) के सौदे पर हस्ताक्षर किए. विमान की आपूर्ति सितंबर 2019 से शुरू होगी.

भारत अब फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है


क्या था कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस ने इस सौदे में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया था. उसका कहना था कि सरकार प्रत्येक विमान 1,670 करोड़ रुपये में खरीद रही है जबकि संप्रग सरकार ने प्रति विमान 526 करोड़ रुपये कीमत तय की थी. पार्टी ने सरकार से जवाब मांगा है कि क्यों सरकारी एयरोस्पेस कंपनी एचएएल को इस सौदे में शामिल नहीं किया गया.

सरकार ने भारत और फ्रांस के बीच 2008 समझौते के एक प्रावधान का हवाला देते हुए विवरण साझा करने से इनकार कर दिया.

राफेल विमानों की पहली खेप भारत अगले साल मई में पहुंचेगी


भारत ने राफेल क्‍यों चुना?
केवल राफेल ही भारत की इकलौती पसंद नहीं था. कई अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियों ने लड़ाकू विमान के लिए टेंडर दिए थे. 126 लड़ाकू विमानों के लिए छह कंपनियां दौड़ में थीं. इनमें लॉकहीड मार्टिन, बोइंग, यूरोफाइटर टाइफून, मिग-35, स्‍वीडन की साब और फ्रांस की दसॉ शामिल थी. वायुसेना की जांच परख के बाद यूरोफाइटर और राफेल को शॉटलिस्‍ट किया गया. राफेल को सबसे कम बोली के कारण मौका मिला.

अब क्या स्थिति है
भारत को अक्टूबर महीने में फ्रांस में सौदे के तहत पहला राफेल विमान सौंपा गया. इस मौके पर एक समारोह हुआ. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल विमान का दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजन भी किया. हालांकि राफेल विमानों का पहला जत्था भारत मई 2020 में ही पहुंचेगा. भारत अंतिम तौर पर ऐसे 36 विमान खरीद रहा है.

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First published: November 14, 2019, 12:03 PM IST
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