• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • जब ससुराल वालों के साथ लक्षद्वीप गए थे राजीव गांधी, 20 दिन तक आम लोगों की एंट्री पर लग गया था बैन

जब ससुराल वालों के साथ लक्षद्वीप गए थे राजीव गांधी, 20 दिन तक आम लोगों की एंट्री पर लग गया था बैन

लक्षद्वीप दौरे के दौरान पूर्व पीएम राजीव गांधी

लक्षद्वीप दौरे के दौरान पूर्व पीएम राजीव गांधी

पूर्व पीएम राजीव गांधी की लक्षद्वीप इस यात्रा के दौरान उनके वहां ठहरने के लिए विशेष झोपड़ियांं तैयार की गई थीं. इसके लिए अलग से इंजीनियर और मजदूर ले जाए गए थे. उन्होंने लक्षद्वीप में अस्‍थायी हेलीपैड और विशेष किस्म की झोपड़ियां बनाई थीं.

  • Share this:
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का साल 1987 का लक्षद्वीप दौरा फिर से चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आरोप है कि उन्होंने इस दौरे में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS विराट का इस्तेमाल टैक्सी के तरीके से किया. लेकिन दिसंबर 1987 के अखबारों को खंगालने के पर इस यात्रा की कुछ और परतें खुलती हैं. अखबारों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी दिसंबर 1987 में लक्षद्वीप छुट्टी मनाने के लिए गए थे. पूर्व पीएम की ये यात्रा दिसंबर के आखिरी सप्ताह से लेकर 15 जनवरी 1987 तक चली थी.

माहीलैंड से लक्षद्वीप तक रोकी गई थी एंट्री
इंडियन एक्सप्रेस ने राजीव गांधी की छुट्टी को लेकर एक विस्तृत खबर प्रकाशित की थी. इसका शीर्षक People barred entry into Lakshadweep (लक्षद्वीप में लोगों का प्रवेश बाधित) दिया था. खबर के अनुसार जब राजीव गांधी छुट्टी मनाने लक्षद्वीप गए तो वहां माहीलैंड से लक्षद्वीप तक आम लोगों की एंट्री को रोक दिया गया. यह चौंकाने वाला कदम है. क्योंकि इन द्वीपसमूह पर वैसे भी बहुत कम लोग रहते हैं. इसके बावजूद आम लोगों की एंट्री क्यों रोकी गई.

हालांकि, कोच्च‌ि से लक्षद्वीप जाने वाली दो समुद्री जहाजों के आंकड़ों के अनुसार उन दिनों एक सप्ताह के दौरान करीब 1200 यात्री कोच्चि से लक्षद्वीप की यात्रा पर जाते थे. करीबन इतने ही द्वीपसमूह पर रहने वाले भी कोच्चि आया करते थे.

नौसेना अफसरों के साथ पूर्व पीएम राजीव गांधी


जाने के लिए गृह मंत्रालय से लेना होती थी मंजूरी
जानकारी के अनुसार जब लोगों की यात्रा पर रोक लगाई गई, तो पहले से ज्यादा लोग माहीलैंड में जमा हो गए. यहां से आगे जाने के लिए उन्हें भारतीय गृह मंत्रालय से पहले मंजूरी लेनी पड़ती थी. उन्हें द्वीप पर जाने के लिए उचित कारण बताने होते थे. हालांकि, बाद में वहां कोई भी द्वीप प्रशासन कार्यालय से जारी किए टूरिस्ट पास पर जा सकता था. इसके लिए कोच्चि से द्वीप तक चलाई जाने वाली लाइसेंसी शिप में बतौर टूरिस्ट यात्रा कर सकते थे.

यह भी पढ़ेंः नौसेना के पूर्व कमांडर का INS विराट पर नया खुलासा, पूर्व पीएम राजीव गांधी पर आमने-सामने हुए अफसर

ससुराल पक्ष के लोगों संग नये साल की छुट्ट‌ियां मनाने गए थे पूर्व पीएम
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, दिसंबर 1987 के आखिरी सप्ताह में यह यात्रा शुरू हुई थी. पूर्व पीएम की यह यात्रा 15 जनवरी 1988 तक चली थी. इसमें उनके साथ उनके ससुराल पक्ष यानी इटली आए कुछ मेहमान भी उनके साथ थे. इंडियन एक्सप्रेस ने 16 दिसंबर 1987 की अपनी एक रिपोर्ट लिखा कि कांग्रेस (आई) के नेताओं ने कई ठेकेदारों को इस पूरी यात्रा की जिम्मेदारी सौंपी थी.

खाने-पीने का सामान होता था एयरलिफ्ट
जानकारी के अनुसार, क्रिसमस के बाद एक सप्ताह के दौरान लक्षद्वीप पर करीब 200 से 400 किलोमीटर दूर से खाने-पीने की चीजें एयरलिफ्ट की जाती थीं. उस वक्त मछली व नारियल पानी के अलावा वहां के मेहमानों के लिए सबकुछ हवाई मार्ग से पहुंचा जाता था.

पूर्व पीएम राजीव गांधी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विरोध जताते कांग्रेस कार्यकर्ता


झोपड़ी बनाने के‌ लिए गए थे इंजीनियर
पूर्व पीएम की इस यात्रा के दौरान उनके वहां ठहरने के लिए विशेष झोपड़ियां तैयार की गई थीं. इसके लिए अलग से इंजीनियर और मजदूर ले जाए गए थे. उन्होंने लक्षद्वीप में अस्‍थायी हेलीपैड और विशेष किस्म की झोपड़ियां बनाई थीं.

बुक कर लिए गए थे शिप के सारे टिकट
तब कोच्च‌ि से लक्षद्वीप तक तीन समुद्री जहाज चते थे. इनमें 383 यात्री क्षमता वाला एमवी भारत सीमा और 242 यात्रियों की क्षमता वाला एमवी अमीन दिव‌ि व एक अन्य जहाज चला करता था. इसे कोच्चि से द्वीप पहुंचने में पांच दिन लगा करते थे.

इंडियन एक्सप्रेस की ओर से अधिकारियों से बातचीत में बताया गया कि 15 जनवरी तक के लिए शिप के सभी टिकट बुक करा दिए गए हैं. इस दौरान महज कुछ सीटों के टिकट खाली थे जो पीएम के करीबी मंत्रियों और लोगों के लिए थे.

राजीव गांधी पर हुए हालिया बयानबाजी से आहत कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन


जरूरी काम वालों को भी करना पड़ा था पीएम के लौटने का इंतजार
इंडियन एक्सप्रेस की ही खबर में यह खुलासा होता है कि जिन लोगों को द्वीप पर बेहद जरूरी काम थे, वे भी लक्षद्वीप से पीएम राजीव गांधी के छुट्ट‌ियों से लौटने तक का इंतजार करने को मजबूर थे.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज