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Asteroid गुजरने जैसी घटना की क्यों नहीं थी तैयारी, विशेषज्ञ ने उठाए सवाल

Asteroid गुजरने जैसी घटना की क्यों नहीं थी तैयारी, विशेषज्ञ ने उठाए सवाल

पृथ्वी के पास से बहुत से क्षुद्रग्रह गुजरते रहते हैं.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पृथ्वी के पास से बहुत से क्षुद्रग्रह गुजरते रहते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ब्रिटेन के एक विशेषज्ञ ने सवाल उठाए हैं कि दुनिया के लोग क्षुद्रग्रह (Asteroid) के पृथ्वी की ओर आने और कोरोना जैसे संकटों के लिए पहले से तैयार क्यों नहीं थे.

नई दिल्ली: आमतौर पर क्षुद्रग्रह (Aseroids) पृथ्वी से नहीं टकराते. लेकिन जब भी कोई क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरता है, लोगों के मन में यह आशंका पैदा हो जाती है कि कही यह पृथ्वी से टकरा तो नहीं जाएगा. ऐसा ही कुछ हुआ जब वैज्ञानिकों कुछ समय पहले ऐलान किया कि बीते 29 अप्रैल को 1998 OR2 नाम का क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरेगा. यह हमें बिना कोई नुकसान पहुंचने गुजर गया, लेकिन एक विशेषज्ञ का कहना है हमें ऐसी अनपेक्षित घटनाओं के लिए तैयार रहना होगा.

कोरोना वायरस के संकट के समय गुजरा
यह महज संयोग ही है  जब यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरा तब पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कारण फैली कोविड-19 महामारी के संकट से जूझ रही थी. जहां नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के नुकासन पहुंचाए बिना गुजर जाएगा. वहीं एक्स्प्रेस डॉटसीओडॉटयूके की खबर के मुताबिक टाइम्स के स्तंभकार मैथ्यूज पैरिस का दावा है कि कोविड-19 की महामारी और क्षुद्रग्रह दोनों से बचने की तैयारियों में काफी समानता थी.

हम आखिर तैयार क्यों नहीं थे
पेरिस का कहना था कि जब बड़ा क्षुद्रग्रह पृथ्वी की ओर आ रहा था तो सवाल उठेंगे ही कि हम तैयार क्यों नहीं थे. उन्होंने इस बात का तुलना कोविड-19 महामारी के लेकर कई देशों की तैयारी से की. उन्होंने कहा कि हमें विनाशाकारी घटनाओं से निपटने की तैयारी और उनकी संभावनाओं की समझ के बीच संतुलन लाना होगा.

हम ऐसी आपदाओं के लिए तैयार क्यों नहीं रहते
पेरिस ने दलील दी कि माना कि यह क्षुद्रग्रह लाखों किलोमीटर दूर से निकल गया. लेकिन उन्होंने कहा कि यदि बड़ा क्षुद्रग्रह हमसे टकरा जाता है तो अखबारों के स्तंभ यह कहते नजर आएंगे कि हम कितने मूर्ख थे. ये चीजें हो सकती हैं. हो चुकी हैं और हमें इनके लिए तैयार होना चाहिए.

Asteroid-1998-OR2
29 अप्रैल 2020 को यह विशाल क्षु्द्रग्रह (asteroid) पृथ्वी के पास से गुजरा.


संतुलन पर भी देना होगा ध्यान
पेरिस ने इस तरह के खतरों से निपटने के लिए जरूरी उपायों के लिए आवश्यक निवेश के मुद्दे के बारे में भी बात की. उनका मानना है कि जब कुछ हो जाता है तब लोग समझ पाते हैं कि यह पहले भी हो सकता था. इस बारे में हमें संतुलन बनाए रखना चाहिए.

कितनी दूर से गुजरा यह क्षुद्रग्रह
उल्लेखनीय है बीते 29 अप्रैल को 1998 OR2 पृथ्वी के पास लगभग 70 लाख किलोमीटर दूर से निकल गया था. पहले कहा गया था कि यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से 16 गुना ज्यादा होगी और ऐसा ही हुआ. वैज्ञानिकों ने यह भी कहा था कि इस क्षुद्रग्रह को नंगी आंखों और यहां तक कि छोटे टेलीस्कोप तक से नहीं देखा जा सकता था. 1998 OR2 की खोज 1998 में ही की गई थी. यह हर 32 साल में एक बार पृथ्वी के पास से गुजरता है. यह क्षुद्रग्रह 1.8 किलोमीटर चौड़ा और 4 किलोमीटर लंबा है. यह करीब हिमालय से 10 गुना बड़ा है.

क्या कोरोना संकट से वाकई कोई संबंध था क्षुद्रग्रह से
यह महज एक संयोग ही था कि क्षुद्रग्रह उसी दौरान आया जब दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही थी. वैज्ञानिक तौर पर क्षुद्रग्रह के आने और कोरोना संक्रमण के फैलना का आपस में कोई संबंध नहीं था. इतिहास भी इस बात की पुष्टि नहीं करता कि जब भी कोई क्षुद्रग्रह इस धरती से के पास से गुजरा हो तब कोरोना संकट जैसा कोई संकट पृथ्वी पर छाया हो.

क्यों आशंका रहती है लोगों को
उल्लेखनीय है कि एक बड़ा  क्षुद्रग्रह 1908 में साइबेरिया में एक 50 मीटर टकराया था. उससे पहले अमेरिका के ऐजोरिना में करीब 50 हजार साल पहले भी 1.2 किलोमीटर बड़ा क्षुद्रग्रह टकराया था. उससे पहले  एक बहुत बड़ा क्षुद्रग्रह 650 लाख साल पहले पृथ्वी पर मैक्सिको में टकराया था जिससे डायनासोर प्रजाति खत्म हो गई थी इसी लिए लोगों में क्षुद्रग्रह को लेकर इतनी आशंका रहती है.

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Tags: Research, Science, Space

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