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एक्सप्लेनर : क्या दिल्ली के विधायकों का वेतन सबसे कम, दूसरे राज्यों में कितना

बढ़ने वाली है दिल्ली विधायकों की सैलरी.

बढ़ने वाली है दिल्ली विधायकों की सैलरी.

दिल्ली में विधायकों की सैलरी देशभर में सबसे कम कही जा रही है, इसे बढ़ाने के लिए एक बिल 04 जुलाई को दिल्ली विधानसभा में पेश होगा. जानते हैं कि फिलहाल दिल्ली के विधायकों को कितनी सैलरी और कितने भत्ते मिलते हैं. दूसरे राज्यों की तुलना में दिल्ली के विधायक कहां है. उन्हें विधायक निधि के तौर पर कितना धन मिलता है.

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दिल्ली के विधायकों की सैलरी के बारे में कहा जा रहा है कि वो देशभर में सबसे कम है. इसी वजह से दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में 04 जुलाई को एक प्रस्ताव पास करके इस वेतन को करीब दोगुना कर दिया जाएगा. जब पिछली बार दिल्ली के विधायकों की सैलरी बढ़ाने का विधेयक सदन में पेश हुआ था तो उसकी बहुत आलोचना हुई थी. अब हम जानते हैं वास्तव में दिल्ली के विधायकों, मंत्रियों को कितना वेतन मिलता है और ये बढ़कर कितना हो जाएगा.

दिल्ली के विधायकों का पिछली बार 04 नवंबर 2011 में बढ़ा था. तब दिल्ली में शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं. तब विधायकों का वेतन 7000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए महीना कर दिया गया था. साथ में भत्तों को मिलाकर उन्हें हर महीने 54 हजार रुपए मिलते थे.

दिल्ली के विधायकों का मौजूदा वेतन और भत्ते
04 नवंबर 2011 को दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाकर विधायकों की सैलरी और भत्तों में जो बढ़ोतरी की गई थी, वो इस तरह है
सैलरी                                    12,000 रुपए महीना
विधानसभा क्षेत्र अलाउंस          18000 रुपए प्रति माह
सेक्रेटेरियल अलाउंस               10,000 रुपए प्रति माह
वाहन अलाउंस                         6000 रुपया महीना
फोन भत्ता                                8000 प्रति माह

रोजाना भत्ता – 1000 रुपए सदन का सत्र या मीटिंग में हिस्सा लेने पर

इसके अलावा
वाहन अग्रिम – 04 लाख रुपए तक (आफिस टर्म में ही इसे देना होगा)
मेडिकल सुविधा – दिल्ली सरकार या उसके पैनल पर मौजूद सभी अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा
पेंशन – 7500 रुपया और दूसरे कार्यकाल में इसमें हर साल की 1000 रुपए की बढोतरी
फैमिली पेंशन – पूर्व विधायक के निधन के बाद पेंशन परिजनों को मिलेगी
बिजली और पानी सुविधा – 4000 रुपए प्रति माह बिल पर
यात्रा सुविधा – 50,000 रुपए सालाना देश में कहीं भी परिवार के साथ घूमने पर
रिंबर्सेमेंट डाटा एंट्री आपरेटर के लिए – 30,000 रुपए प्रति माह

अब क्या होगी सैलरी
अब सैलरी हाइक के बाद दिल्ली के विधायकों की प्रति माह सैलरी 12,000 रुपए से बढ़कर 30,000 रुपए हो जाएगी. कई भत्तों में भी बढोतरी होगी, जो सैलरी के साथ कुल मिलाकर 90,000 रुपए हो जाएगी.

क्या हैं सांसदों की सैलरी
सांसदों की सैलरी का प्रावधान द सैलरी, अलाउंस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 के तहत किया गया है. इसके अनुसार एमपी को 1,00,000 रुपये की बेसिक सैलरी और 45,000 रुपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता मिलता है. 2018 की शुरुआत तक सांसदों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये हुआ करती थी. इसके अलावा भी सांसदों को कई सारी सुविधाएं मिलती हैं.

दूसरे राज्यों में विधायकों की सैलरी क्या है
विधायकों को सबसे ज्यादा सैलरी और भत्ते देने वाले राज्यों में तेलंगाना सबसे आगे हैं. तेलंगाना में विधायकों की सैलरी और अलाउंस 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह है. उत्तर प्रदेश में विधायकों को हर महीने 1.87 लाख रुपये सैलरी और अलाउंस मिलाकर मिलते हैं. महाराष्ट्र में 1.70 लाख रुपये प्रतिमाह, जम्मू और कश्मीर में 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह और उत्तराखंड में 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह है.

इसके अलावा आंध्र प्रदेश में विधायकों को सैलरी और अलाउंस में हर महीने 1.30 लाख रुपए, हिमाचल में 1.25 लाख रुपए, राजस्थान में 1.25 लाख रुपए, गोवा में 1.17 लाख रुपए, हरियाणा में 1.15 लाख रुपए, पंजाब में 1.14 लाख रुपए मिलते हैं.

07 बहन राज्यों में विधायकों की सैलरी
एक जमाना था जबकि नार्थ ईस्ट के सात राज्यों जिन्हें 07 बहनें भी कहा जाता है, में विधायकों की सैलरी काफी काम थी लेकिन पिछले 03-04 सालों में वहां विधायकों की सैलरी और भत्तों में अच्छा खासा इजाफा हुआ है.
अब उनकी प्रति माह की सैलरी और भत्ता इस तरह है
मेघालय          70,000 रुपए
अरुणाचल       1.0 लाख
मिजोरम          1.5 लाख
असम              1.20 लाख
मणिपुर            1.12 लाख
नागालैंड          1.35लाख

विधायक निधि कितनी होती है
भारत में में कुल 4120 विधायक हैं. विधायक को हर महीने सेलरी के अलावा क्षेत्र के विकास के लिए फंड दिया जाता है, जो हर साल 1 करोड़ रुपये से लेकर 08 करोड़ रुपये तक होता है.

आजादी के बाद से सांसदों का वेतन
आजादी के समय सांसदों का वेतन 400 रुपया महीना था और साथ में भत्ते. 1964 में ये 100 रुपया बढ़ा और 500 रुपया महीना व भत्ते हो गया. 2006 में इसको 16,000 रुपया हुआ. साथ ही भत्तों में भी बढोतरी हुई. 2019 वेतन फिर बढ़ा और 50,000 रुपया हुआ. लेकिन इसके बाद ये यहीं नहीं थमा. वर्ष 2019 में इसे दोगुना करके एक लाख रुपया माहवार कर दिया गया. इसके अलावा सांसदों के भत्तों में भी खासी बढोतरी की गई.

Tags: AAP MLA, Delhi Government, Salary hike

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