Home /News /knowledge /

मां को पैसा देने से बच्चों के दिमाग के विकास पर होता है अच्छा असर - शोध

मां को पैसा देने से बच्चों के दिमाग के विकास पर होता है अच्छा असर - शोध

अध्ययन में गरीबी (Poverty) का बच्चों के विकास के से सीधा संबंध पाया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Anirut Thailand / Shutterstock)

अध्ययन में गरीबी (Poverty) का बच्चों के विकास के से सीधा संबंध पाया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Anirut Thailand / Shutterstock)

गरीबी (Poverty) बच्चों के मस्तिष्क (Brain) विकास पर कितना असर डालती है इस पर एक अनोखे अध्ययन में चौंकाने वाले नतीजे मिले हैं. इस अध्ययन में पाया गया है कि अगर नवजात शिशु की गरीब मां को अलग से बिना किसी शर्त के पैसे दिए जाएं तो बच्चों के मस्तिष्क का बेहतर विकास होता है. अमेरिका (USA) में हुए इस अध्ययन में कुछ महिलाओं को कुछ समय तक पैसे दिए गए और उनके बच्चों के मस्तिष्क का अध्ययन किया गया.

अधिक पढ़ें ...

    शिशुओं के मस्तिष्क (Babies brain) और मानसिक विकास में सामाजिक परिस्थितियों और कारकों की भी भूमिका होती है. इस विषय पर कई तरह के अध्ययन किए जाते रहे हैं. अमेरिका (USA) में इस तरह के अवलोकन आधारित अध्ययन में बहुत बार पारिवारिक आय का बाल विकास से गहरा संबंध पाया गया है. लेकिन पहली बार शोधकर्ताओं ने ऐसे प्रयोगात्मक प्रमाण पाए हैं कि गरीबी किस तरह से इन बदलावों को प्रभावित करती है. उन्होंने पाया कि माताओं (Mothers) के हाथ में रकम देने से उनके शिशुओं के मस्तिष्क को आकार मिलने में मदद मिलती है.

    गरीबी का क्या असर
    बेबीज फर्स्ट ईयर के नाम के चल रहे इस अध्ययन में ये नतीजे सामने आए हैं. इसमें यह आंकलन करने का प्रयास किया गया था कि गरीबी का कम होना कैसे छोटे बच्चों में संज्ञानात्मक और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है. कोलंबिया यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट किंबरली नोबल ने इस बारे में विस्तार से बताया.

    गरीबी के जोखिम
    किंबरली ने बताया कि हम काफी सालों से जानते हैं कि गरीबी में पलने से बच्चों में स्कूल के वातावरण में कम उपलब्धियों, कम आय और खराब सेहत का जोखिम बढ़ जाता है. लेकिन अब तकयह नहीं कहा जा सकता था कि  क्या केवल गरीबी ही बाल विकास में इस तरह केअंतर के लिए जिम्मेदार है.

    माताओं की भर्ती
    अब तक यह भी स्पष्ट नहीं था कि क्या गरीबी में ही पलने बढ़ने का इन अंतरों के दूसरे कारकों से सीधा संबंध है. यह जानने के लिए किए जा रहे अध्ययन में अमेरका की एक हजार ऐसी माताओं की भर्ती की गई जिन्होंने हाल ही में  बच्चे को जन्म दिया है. ये महिलाएं न्यूयॉर्क शहर, न्यू ओर्लीन्स, ओमाहो या मिनी पोलिस/ सेंट पॉल शहर में से शामिल की गईं थी.

    Research, Health, Brain, USA, Child development,  Poverty, Women, Infant, Child brain,

    गरीबी (Poverty) का बच्चों के मानसिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    इस तरह के भत्ते दिए गए
    इन महिलाओं को या तो बिना शर्त 333 डॉलर मासिक भत्ता दिया गया था या फिर बच्चे की चार साल की उम्र तक बिना शर्त 20 डॉलर मासिक भत्ता दिया गया था. इसके लिए चयन भी अनियमित तौर पर हुए थे. दुर्भाग्य से महामारी के कारण केवल 435 परिवार ही परीक्षण के लिए आ सके जिसमें शोधकर्ता शिशु के मस्तिष्क की गतिविधियों की विद्युतीय सक्रियता माप सकें.

    यह भी पढ़े:  ‘म्यूटेशन होते हैं पूरी तरह अनियमित’ डार्विन के सिद्धांत को मिली चुनौती

    क्या मिला अंतर
    नमूनों का आकार छोटा होने के बाद भी आंकड़े दर्शाते हैं कि कम आय वाली माताओं को वित्तीय सहायता देने से पहले साल में नवजातों के मस्तिष्क की गतिविधि सीधे तौर पर बदल जाती है.  जिन नवजातों की माताओं को ज्यादा नकद भुगतान किया गया था, कम भुगतान वाली माताओं के बच्चों की तुलना में, उनमें ज्यादा आवृत्ति की मस्तिष्क गतिविधियां पाई गईं.

    Research, Health, Brain, USA, Child development,  Poverty, Women, Infant, Child brain,

    इस अध्ययन के नतीजों से मनोचिकित्सकों (Psychologist) से लेकर नीति निर्माताओं को भी मदद मिल सकेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    आगे भी अध्ययन
    अभी इस विषय पर और अध्ययन किए जाने की जरूरत है क क्या मस्तिष्क की गतिविधियों में इस तरह के बदलाव लंबे टिकते हैं या नहीं या क्या वे बेहतर संज्ञानात्मक विकास में तब्दील हो पाते हैं या नहीं. लेकिन ऐसा  हो सकता है, यह मानने के अच्छे कारण हैं. कुछ छोटे अध्ययनों ने यह दर्शाया कि उच्च आय वाले परिवारों में पैदा होने वाले बच्चों में ज्यादा आवृत्ति की मस्तिष्क गतिविधि देखने को मिलती है.

    यह भी पढ़े: HIV मलेरिया से नहीं, बैक्टीरिया वायरस की विशेष क्षमता से मर रहे हैं ज्यादा लोग

    PNAS में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि स्वस्थ्य मस्तिष्क अपने वातावरण और अनुभवों के कारण आकार लेते हैं. अब शोधकर्ता और गहन कारकों के आधार पर इस अध्ययन को आगे बढ़ाने की सोच रहे हैं. इसमें मातापिता का  बर्ताव, पारिवारिक संबंध या तनाव आदि जैसे कारक शामिल किए जाएंगा. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि नीति निर्माता अब इस अध्ययन के नतीजों में ध्यान रखकर काम करेंगे तो फायदा होगा.

    Tags: Brain, Health, Research, USA, World

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर