Home /News /knowledge /

विशाल बाह्यग्रह में मिला पृथ्वी की तरह परतदार वायुमंडल, ओजन के भी दिखे संकेत

विशाल बाह्यग्रह में मिला पृथ्वी की तरह परतदार वायुमंडल, ओजन के भी दिखे संकेत

पहली बार किसी बाह्यग्रह (Exoplanet) के वायुमंडल का इतनी गहराई से किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

पहली बार किसी बाह्यग्रह (Exoplanet) के वायुमंडल का इतनी गहराई से किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

गुरु ग्रह (Jupiter) के आकार जैसे एक बड़े बाह्यग्रह (Exoplanet) में शोधकर्ताओं को पृथ्वी की तरह कई परतों वाला वायुमंडल (Atmosphere) दिखाई दिया है. यह पहली बार है कि इस तरह से किसी बड़े ग्रह पर अलग अलग विशेषताओं वाली परतों का वायुमंडल दिखाई पड़ा. हमारे सौरमंडल के गुरु ग्रह की तरह विशाल यह ग्रह अपने तारे को बहुत ज्यादा पास है और इसी वजह से इस ग्रह के दिन का तापमान 3 हजार डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा है.

अधिक पढ़ें ...

    हमारे सौरमंडल (Solar System) से बाहर गैलेक्सी में सुदूर बहुत से ऐसे बाह्यग्रह (Exoplanet) का अध्ययन कई रहस्य उजागर कर सकता है. इनके अध्ययन से हमारे वैज्ञानिकों को ग्रह निर्माण और उनकी कई प्रक्रियाओं की जानकारी मिल सकती है. इसमें कुछ ग्रह ऐसी अवस्था में हो सकते हैं जो कभी पृथ्वी (Earth) की रही होगी. तो कुछ उन प्रक्रियाओं को पैदा कर रहे होंगे जो आज भी पृथ्वी पर जारी हैं. इसी उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक बड़े बाह्यग्रह के वायुमंडल का विश्लेषण किया है. इसमें उन्होंने पाया है कि उस ग्रह के वायुमंडल में भी अलग अलग विशेषताओं वाली परतें हैं.

    गुरु के आकार की तरह गर्म बाह्यग्रह
    अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की इस टीम में स्वीडन की लुंड यूनिवर्सिटी की अगुआई में बर्न यूनिवर्सिटी, जेनेवा यूनिवर्सिटी और नेशनल सेंटर ऑफ कॉम्पीटेंस इन रिसर्च (NCCR) प्लैनेटएस के शोधकर्ताओं ने ऐसे बाह्यग्रह के वायुमंडल का विस्तार से अध्ययन किया जो अब तक सबसे ज्यादा चरम ग्रह था यानि गुरु के आकार का एक गर्म ग्रह है.

    अलग अलग गुणों वाली परतें
    शोधकर्ताओं ने CHEOPS स्पेस टेलीस्कोप की मदद से इस ग्रह के वायुमंडल का अध्ययन किया जिससे खगोलविदों को पृथ्वी सहित बहुत से ग्रहों और बाह्यग्रहों की जटिलताएं समझ में आ सकती हैं. नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित इस अध्ययन में  पहली बार दर्शाया गया कि किसी ज्ञात चरम ग्रह के वायुमंडल की अलग अलग विशेषताओं के साथ परतें हैं.

    पृथ्वी पर भी ऐसा ही
    गौरतलब है की पृथ्वी के वायुमंडल में भी कई परते हैं. और हर परत के अलग अलग गुण भी हैं.  महसागारों की सतह से लेकर पर्वतों की ऊंचाई तक की परत क्षोभमंडल कहलाती है. इसी परत में पानी वाष्प अवस्था में मौजूद रह सकता है. इसी में सभी मौसमी परिवर्तन होते है. वहीं इससे ऊपर की परत समतापमंडल में मशहूर ओजोन पर भी है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है.

    Research, Space, Earth, Exoplanet, Solar System, Jupiter, Atmosphere, Sun, Star,

    बाह्यग्रहों (Exopalents) पर भी पृथ्वी की तरह अलग अलग गुणों वाली वायुमंडीय परतें हो सकती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    अपने तारे के बहुत करीब
    शोधकर्ताओं ने हमारे सौरमंडल से बाहर WASP189b ग्रह का अध्ययन किया जो पृथ्वी से 322 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है. चिओप्स स्पेस टेलीस्कोप के साल 2020 के गहन अवलोकनों से खुलासा हुआ की यह ग्रह अपने तारे से हमारे सूर्य-पृथ्वी की दूरी की 20 गुना ज्यादा पास है. इसका दिन का तापमान 3200 डिग्री सेल्सियस है.

    यह भी पढ़ें: 60 करोड़ साल तक मंगल पर लगातार हुए थी क्षुद्रग्रहों की बारिश- शोध

    वायुमंडल से गुजरने वाले प्रकाश ने दिए संकेत
    चिली की ला सिला वेधशाला  के हार्प्स (HARPS) स्पैक्ट्रोग्राफ की हालिया पड़तालों से शोधकर्ताओं को पहली बार गुरु जैसे इस विशाल ग्रह के वायुमंडल को नजदीक से देखने का मौका मिला. शोधकर्ताओं ने इस ग्रह के तारे से आने वाले और ग्रह के वायुमंडल से गुजरने वाले प्रकाश का मापन किया. वैसे ही संकेत पाए जो पृथ्वी की ओजोन परत के कारण गुरजने वाले प्रकाश के संकेत होते हैं.

    Research, Space, Earth, Exoplanet, Solar System, Jupiter, Atmosphere, Sun, Star,

    इस अध्ययन से बाह्यग्रहों (Exopalnet) के वायुमंडलों के प्रति नजरिया अब बदल जाएगा. (तस्वीर: @ESO)

    एक खास गैस भी
    इस ग्रह के वायुमंडल के अध्ययन ने शोधकर्ताओं ने रोचक बात यह पाई कि उन्हें इस ग्रह पर टाइटेनियम ऑक्साइड के होने के संकेत दिखाई दिए हैं. यह पदार्थ पृथ्वी पर बहुत ही दुर्लभ पदार्थ माना जाता है. लेकिन WASP-189b के वायुमंडल में इसकी अहम भूमिका हो सकती है. इसकी इस ग्रह पर वही काम हो सकता है जो पृथ्वी पर ओजन परत करती है.

    यह भी पढ़ें: Black Hole सबकुछ निगलने वाली चीज ही नहीं होते, तारे बनाने में भी करते हैं मदद

    शोधकर्ताओं को WASP-189b के वायुमंडल में उम्मीद से अलग तरह के संकेत देखने को मिले हैं. शोधकर्ताओं ने अपने विश्लेषण के नतीजों में पाया है कि इस ग्रह पर अलग अलग विशेषताओं वाली परतें होनी चाहिए. जैसे पृथ्वी पर पानी की भाप और ओजोन अलग अलग परतों पर होती है. इन नतीजों से खगोलविदों का बाह्यग्रहों के अध्ययन का तरीका बदल जाएगा क्योंकि अभी तक यही माना जाता रहा है कि बाह्यग्रहों का वायुमंडल एक ही समान परत का होता है.

    Tags: Earth, Research, Science, Space

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर