Fact Check: क्या वाकई मच्छरों के काटने से फैलता है कोरोना वायरस

मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस फैलने को लेकर विशेषज्ञों की राय आम राय से काफी अलग है.
मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस फैलने को लेकर विशेषज्ञों की राय आम राय से काफी अलग है.

कोरोना संकट (Coronavirus in India) के बीच मौसम बदलने के साथ मच्‍छरों का प्रकोप भी शुरू हो गया है. इसके साथ ही लोगों के मन में ये सवाल भी उठने लगा है कि क्‍या मच्‍छरों के काटने (Mosquito Bites) से भी कोरोना वायरस फैल सकता है. आइए जानते हैं कि इस बारे में क्‍या है विशेषज्ञों की राय...

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कोरोना वायरस (Coronavirus in India) अब तक 44.30 लाख लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. वहीं, 2.98 लाख लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है. भारत में ही अब तक 78 हजार से ज्‍यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें 2,500 से ज्‍यादा की मौत हो चुकी है. इस बीच कभी मौसम गर्म हो रहा है तो कभी बारिश होने से फिर ठंडा हो जा रहा है.

बार-बार बदलते मौसम की वजह से कभी आर्द्रता बढ़ रही है तो कभी घट रही है. ये मौसम मच्‍छरों के पनपने के लिए सबसे उपयुक्‍त होता है. ऐसे में लोगों को एक सवाल भी परेशान कर रहा है कि क्‍या मच्‍छरों के काटने (Mosquito Bites) से भी कोरोना वायरस फैल सकता है. संक्रमित व्यक्ति का खून चूसने के बाद अगर मच्छर किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काट ले तो उसे कोविड-19 होगा या नहीं?

डब्‍ल्‍यूएचओ और सीडीसी की क्‍या है राय
वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन ने बताया था कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में फैला है. संक्रमण के शुरुआती मामले चीन के वुहान शहर में मांस बाजार से ही सामने आए थे. कोरोना वायरस से पहले भी कई वायरस मच्‍छरों के काटने से इंसानों में फैल चुके हैं. ऐसे में लोगों के मन में मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस का डर फैलना चौंकाने वाला नहीं है. सोशल मीडिया पर लोग इस तरह के सवाल पूछ रहे हैं.
अब तक डब्‍ल्‍यूएचओ ने ऐसी एक भी रिपोर्ट नहीं दी है, जिसमें मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस फैलने का मामला सामने आया हो.




इस बारे में डॉक्‍टर्स का स्‍प्‍ष्‍ट तौर पर कहना है कि मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है. इस बीच डब्‍ल्‍यूएएचओ और अमेरिका का सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) ने भी साफ कर दिया है कि इस तरह से संक्रमण फैलने की सूचनाएं अफवाहें हैं. अब तक डब्‍ल्‍यूएचओ ने ऐसी एक भी रिपोर्ट नहीं दी है, जिसमें मच्‍छरों के काटने से कोरोना वायरस फैलने का मामला सामने आया हो.

कौन से वायरस फैला सकते हैं मच्‍छर
न्यू साउथ वेल्स (NSW) हेल्थ पैथोलॉजी की कुछ समय पहले सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल करीब पांच लाख लोगों की मौत मच्छरों के फैलाए संक्रमण के कारण होती है. हालांकि, अभी तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह दावा किया जा सके कि कोरोना वायरस मच्छरों के काटने से भी फैल सकता है.

डॉ. कैमरन वैब ने अपनी इस रिपोर्ट में दावा किया है कि मच्छरों से कोरोना वायरस नहीं फैलता है. यह एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो छींक या खांसी के जरिये एक से दूसरे व्‍यक्ति में फैलता है. कैमरन ने बताया कि मच्छर केवल डेंगू, येलो फीवर, चिकनगुनिया और जीका वायरस फैला सकते हैं. कोरोना वायरस के अलावा एचआईवी और इबोला भी ऐसे ही वायरस हैं, जो मच्छरों के काटने से नहीं फैलते हैं.

सीडीसी साफ कर चुका है कि खांसते या छींकते समय अगर किसी संक्रमित व्‍यक्ति के ड्रॉपलेट्स स्वस्थ व्यक्ति पर गिर जाएं तो वह कोरोना वायरस का शिकार हो सकता है.


फिर कैसे फैल सकता है ये वायरस
सीडीसी के मुताबिक, कोरोना वायरस ज्यादातर एकदूसरे के संपर्क में आने से फैलता है. खांसते या छींकते समय अगर किसी संक्रमित व्‍यक्ति के ड्रॉपलेट्स स्वस्थ व्यक्ति पर गिर जाएं तो वह कोरोना वायरस का शिकार हो सकता है. इस महामारी के फैलने की रफ्तार इसलिए भी ज्‍यादा है, क्योंकि यह किसी भी संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक, मुंह और चेहरा छूने से फैल जाती है. यानी किसी संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स जमीन, प्लास्टिक या स्टील पर गिरने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को चपेट में ले सकते हैं. ये वायरस हवा में भी करीब 3 घंटे तक रहता है. राहत की बात ये है कि सतह पर रहने वाले इस वायरस को इथेनॉल, हाइड्रोजन-पेरोक्साइड या ब्लीच से बने क्लीनर से मारा जा सकता है.

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