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वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे तेज चलने वाला तारा, जानिए कैसे मिलती है इसे गति

वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे तेज चलने वाला तारा, जानिए कैसे मिलती है इसे गति

हमारी गैलेक्सी में इस तरह की घटना पहली बार देखने को मिली है.   (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हमारी गैलेक्सी में इस तरह की घटना पहली बार देखने को मिली है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मिल्की वे (Milky Way) गैलेक्सी (Galaxy) के केंद्र में स्थित ब्लैकहोल (Back hole) के पास एक ऐसा तारे) को खोजा गया है जो प्रकाश की गति के 8 प्रतिशत गति जितना तेज चलता है.

    ब्रह्माण्ड (Universe) में करोड़ों अरबों तारे (Stars) हैं जो किसी गैलेक्सी (Galaxy) या उसके ब्लैकहोल (Black hole) का चक्कर लगा रहे हैं. कुछ की गति धीमी है तो कुछ की तेज. हाल ही में खगोलविदों ने एक ऐसा तारा (Star) खोजा है जो अब तक अवलोकित सबसे तेज गति (Fastest Speed) से चलने वाला तारा माना जा रहा है. यह तारा प्रकाश की गति (Speed of light) की 8 प्रतिशत गति से चलता है. इसकी गति की व्याख्या आइंस्टीन (Einstein) के सिद्धांतों से संभव है.

    कहां है यह तारा
    हमारी गैलेक्सी मिल्की वे केंद्र में सैकड़ों तारे एक सुपरमासिव ब्लैक होल (supermassive black hole) का चक्कर लगा रहे हैं. इनमें से ज्यादातर तारों का कक्षा इतनी ज्यादा बड़ी है कि उनकी गति की व्याख्या न्यूटन के गुरुत्व और केप्लर के गति के नियमों के मुताबिक की जा सकती है. लेकिन कुछ की कक्षाएं ब्लैकहोल के इतनी पास हैं कि इनकी व्याख्या आइंस्टीन के सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत के जरिए ही सटीकता से हो सकती है.

    ब्लैकहोल के पास होने का असर
    सबसे छोटी कक्षा वाले तारे को S62 कहा जाता है. ब्लैकहोल के सबसे पास होने के कारण इसकी गति प्रकाश की गति के 8 प्रतिशत से कुछ अधिक है. हमारी गैलेक्सी के इस सुपरमासिव ब्लैक होल का नाम सैजिटैरियस A* (Sagittarius A*) या SagrA* है. इस ब्लैकहोल का भार हमारे सूर्य से 40 लाख गुना अधिक है. हम इस भार के बारे में उसके आसपास चक्कर लगाने वाले तारों के जरिए जान सके.

    कैसे पता चलता है ब्लैकहोल का भार
    खगोलविद दशकों से इन तारों की गति का अवलोकन कर रहे हैं.  उनकी कक्षा की गणना करने हम SagrA* का भार का पता  लगा सकते हैं. हाल के कुछ सालों में हमारा अवलोकन इतना सटीक हो गया है कि हम ब्लैकहोल के भार से ज्यादा कुछ जान सकते है. हम इसकी भी जांच कर सकते हैं कि ब्लैकहोल के बारे में हमारी जानकारी कितनी सटीक है.

    Stars
    ब्रह्माण्ड में सभी तारों की गति अलग-अलग होती है. लेकिन कोई भी तारा स्थिर नहीं हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    पहले इस तारे पर थी खगोलविदों की नजर
    SagrA* के चक्कर लगाने वाले तारों में सबसे ज्यादा अध्ययन S2 का हुआ है. यह नीला चमकदार विशाल तारा ब्लैकहोल का 16 सालों में एक चक्कर लगाता है. साल 2018 में S2 ब्लैक होल के सबसे पास था. यहां पर शोधकर्ताओं का सापेक्षता के एक प्रभाव का अध्ययन करने का मौका मिला जिसे ग्रैविटेशनल रेड शिफ्ट (gravitational redshift) कहते हैं.

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    ग्रैविटेशनल रेड शिफ्ट ने की मदद
    जब आप हवा में गेंद उछालते हैं वह ऊपर उठने के साथ ही धीमी हो जाती है, लेकिन यदि आप प्रकाश की बीम आकाश में भेजेंगे तो प्रकाश धीमा नहीं होगा, लेकिन गुरुत्व उसकी कुछ ऊर्जा जरूर ले लेगा. इसी वजह से प्रकाश जैसे इस गुरुत्व के कुएं से बाहर निकल रहा होता है, प्रकाश की बीम रेडशिफ्टेड (Redshifted) हो जाती है, यानि कि प्रकाश के कणों फोटोन की वेवलेंथ, स्पैक्ट्रम विश्लेषण में लाल रंग की वेवलेंथ की ओर चली जाती है.

    S2 में दिखाई दिया यह प्रभाव
    इस प्रभाव को हम प्रयोगशाला में अवलोकित कर सकते हैं, लेकिन S2 ने हमें इस वास्तविक दुनिया में अवलोकित करने का मौका दिया है. जैसा कि अनुमान लगाया गया था, ब्लैकहोल के पास पहुंचने पर S2 का प्रकाश लाल की ओर खिसक गया.

    Star gazing
    वैज्ञानिक इस ब्लैकहोल के पास के तारों का तीन दशकों से अध्ययन कर रहे थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    फिर पता चला इस नए तारे के बारे में
     S2 के बारे में सालों से यही सोचा जा रहा था कि यह SgrA* के सबसे नजदीक का तारा है, लेकिन फिर S62 की खोज हुई.  हाल ही में खोजे गए इस तारे का भार हमारे सूर्य से दोगुना है और यह ब्लैकहोल का एक चक्कर केवल 10 साल में पूरा कर लेता है. शोधकर्ताओं की गणना के अनुसार जब यह तारा ब्लैकहोल के सबसे पास होता है, तब इसकी गति प्रकाश की गति की 8 प्रतिशत हो जाती है. यहीं पर समय के फैलाव (Time dilation) की भूमिका आती है जहां गुरुत्व या सापेक्षता के कारण दो अलग घड़ियां अलग समय बताती हैं. S2 के एक घंटे में पृथ्वी के 100 मिनट होते हैं.

    अलग ही नियम लागू होते हैं इस तारे पर
    SgrA* के पास होने के कारण S62 की कक्षा पर कैप्लर के नियम लागू नहीं होते. यहां उसकी कक्षा एक दीर्घवृत्ताकार होती है और यह स्पाइरोग्राफ गति से चलता है. इस तरह की गति हमारे सौरमंडल के बुध ग्रह की कक्षा में बहुत कम प्रभाव के रूप में दिखाई देती है.

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    साल 2022 की सर्दियों में S62 फिर से SgrA* के नजदीक आएगा. इस समय खगोलविदों के मौका होगा जिससे वे सापेक्षता के सिद्धांतों को एक बार फिर से अवलोकित कर और सटीकता से उसका मापन कर सकेंगे.

    Tags: Black hole, Research, Science, Space, Stars

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