• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • वो मुल्क, जहां अडॉप्टेड बेटी के 13 साल के होने पर उससे शादी कर सकता है पिता

वो मुल्क, जहां अडॉप्टेड बेटी के 13 साल के होने पर उससे शादी कर सकता है पिता

13 साल की होने पर अडॉप्टेड बेटी से पिता शादी कर सकता है- सांकेतिक तस्वीर (Photo-pixabay)

13 साल की होने पर अडॉप्टेड बेटी से पिता शादी कर सकता है- सांकेतिक तस्वीर (Photo-pixabay)

ईरान (Iran) में गोद ली हुई बेटी पिता के सामने परदे में ही आ सकती है. परदे से निजात दिलाने के लिए ईरान की सरकार (Iran government) ने ये कदम उठाया. इसके तहत 13 साल की होने पर अडॉप्टेड बेटी से पिता शादी कर (father can marry his adopted daughter) सकता है. कोर्ट को इसमें कोई एतराज नहीं होगा.

  • Share this:
    ईरान में हाल ही में ऑनर किलिंग (owner killing) की एक घटना में पिता ने अपनी 14 साल की बेटी की गला काटकर हत्या कर दी. बेटी का जुर्म ये था कि उसका 34 साल का एक प्रेमी था. इसके बाद पिता ने खुद ही अपना गुनाह कुबूल कर लिया. हालांकि उसका आत्मसमर्पण कोई बड़ी बात नहीं क्योंकि इस देश में शरिया कानून के तहत ऑनर किलिंग पर खास सजा नहीं. इधर बच्ची की हत्या से गुस्साए देश में सोशल मीडिया पर पिता के खिलाफ जमकर कार्रवाई की मांग उठ रही है. ट्विटर (twitter) पर फारसी में रोमिना अशरफी (romina ashrafi) हैशटैग चल रहा है.

    वैस ईरान में लड़कियों के साथ भेदभाव कोई नई बात नहीं. इस शिया मुस्लिम देश में साल 1979 में इस्लामिक क्रांति हुई. इसके बाद यहां महिलाओं पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं.

    जैसे हाल तक यहां पर औरतें मैदान में जाकर फुटबॉल मैच नहीं देख सकती थीं. इस बारे में इस्लामिक धार्मिक गुरुओं का तर्क था कि औरतों को मर्दों वाले खेल देखने या वैसे माहौल से बचना चाहिए. हालांकि फुटबॉल प्रेमी सहर खोडयारी की खुदकुशी से ईरान को झुकना पड़ा. 29 साल की सहर को मैदान में बैठकर मैच देखने की इतनी चाह थी कि वह पुरुषों का भेष बनाकर खेल देखने पहुंच गईं. लेकिन सुरक्षा गार्ड्स ने शक की बिना पर उन्हें रोक लिया और कोर्ट ने उन्हें छह माह की कैद की सजा तय की. सदमे में सहर ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद दुनियाभर में ईरान की इस नीति का जमकर विरोध हुआ. अब तेहरान के आजादी स्टेडियम में कंबोडिया के खिलाफ होने वाले वर्ल्ड कप 2022 क्वालिफायर मैच में 3500 महिलाओं को बैठ सकने की इजाजत मिली है.

    देश में कानून के तहत ऑनर किलिंग पर खास सजा नहीं सांकेतिक तस्वीर (Photo-pixabay)


    यहां औरतों के गैर मर्दों से हाथ मिलाने पर मनाही है. अगर सार्वजनिक जगहों पर कोई महिला किसी पुरुष से हाथ मिलाती देखी जाए तो उस पर जुर्माना और कैद भी हो सकती है. यही वजह है कि जब ईरानी महिला टीम ने ग्लोबल चैलेंज टूर्नामेंट जीता था तो टीम के कोच ने अपनी खिलाड़ियों से एक क्लिपबोर्ड की मदद से हाथ मिलाया और उन्हें शाबाशी दी थी.

    इस देश के इस्लामिक धर्मगुरुओं का मानना है कि 12 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों की चेहरा या शरीर का कोई भी हिस्सा पिता, पति या भाई के अलावा कोई नहीं देख सकता. यहां हिजाब नहीं पहनने पर सख्त सजा का प्रावधान है. जब-तब इस पाबंदी का विरोध होता है लेकिन अब तक इसमें कोई रियायत नहीं बरती गई.

    सबसे भयावह कानून यहां साल 2013 में पास हुआ था, जिसके तहत पिता अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर सकता है. The Islamic Consultative Assembly जिसे मजलिस भी कहा जाता है, ने ये नियम बनाया. उनका तर्क था कि इससे 13 साल की लड़कियों को अपने पिता के ही सामने हिजाब पहनने से आजादी मिल जाएगी. ये खबर The Guardian में छपी थी.

    ईरान में 13 साल या ज्यादा उम्र की गोद ली हुई बेटी को पिता के सामने हिजाब पहनना होता है सांकेतिक तस्वीर (Photo-pixabay)


    बता दें कि ईरान में 13 साल या इससे ज्यादा उम्र की गोद ली हुई बेटी को पिता के सामने हिजाब पहनना होता है. इसी तरह 15 साल से ऊपर के गोद लिए बेटे के सामने मां को हिजाब पहनना पड़ता है. मजलिस के अनुसार लड़कियों को घर में हिजाब से छुटकारा दिलाने के लिए पिता से शादी का ये नियम बनाया गया. ऐसी शादी के लिए पिता को 2 शर्तें पूरी करनी होती हैं, बेटी की उम्र 13 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए और पिता को ये तर्क देना होता है कि ये काम वो बेटी की भलाई के लिए कर रहा है. इस कानून का सोशल एक्टिविस्टों ने जमकर विरोध किया.

    ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट इसे बाल यौन शोषण को कानूनी जामा पहनाना कहते हुए इसका लंबे अरसे से विरोध करते आ रहे हैं. फिलहाल इस कानून में कोई बदलाव हो सका है या तो इसी तरह से चला आ रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है.

    यहां साल 1979 से ही औरतों से तलाक लेने के हक पर पाबंदी लगा दी गई. यानी पुरुषों को तो तलाक का अधिकार है लेकिन कोई पत्नी ये मांग नहीं कर सकती चाहे पति उसके साथ घरेलू हिंसा करे. यहां तक कि बीवियां को बाहर काम करने के लिए भी पति की इजाजत चाहिए होती है और इसे कंपनी में दिखाना होता है तभी उसे हायर किया जाता है.

    ये भी पढ़ें:

    रहस्य बन चुका है पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा, अब तक नहीं खोल सका कोई

    अपनी ही बेटी को अपनाने से बचने के लिए स्टीव जॉब्स ने खुद को बता दिया नपुंसक

    मेडिटेशन करने वाले इस समुदाय को चीन की सरकार ने कहा शैतानी मजहब, 20 सालों से हो रहा जुल्म

    भारत-मलेशिया की 'नई दोस्ती' तो हो गई है लेकिन जाकिर नाईक का प्रत्यर्पण नहीं आसान

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज