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हार्ट अटैक पर आंकड़े बहुत डराने वाले, भारत में बीमारियों में हर चौथी मौत इससे

दुनियाभर में अब लगातार बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक से जुड़े मामले

दुनियाभर में अब लगातार बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक से जुड़े मामले

बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला (Siddharth Shukla) महज 40 साल की उम्र के बाद देश में हार्ट अटैक (Heart Attack) को लेक ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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    बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ की हार्ट अटैक के बाद जाहिर होता है कि ये बीमारी कैसे युवाओं को भी चपेट में ले रही है. हालांकि दुनियाभर में हार्ट से जुड़ी बीमारियों के खतरे लगातार बढ़ रहे हैं. अगर हार्ट अटैक या हृदय से जुड़ी बीमारियों से मरने वालों की बात करें तो दुनियाभर में इसके आंकड़े डराने वाले हैं. पिछले कुछ सालों में दुनियाभर में लोग इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं. भारत में भी पिछले एक दशक में इस बीमार के शिकार लोगों में 50 फीसदी से ज्यादा की बढोतरी हो चुकी है.

    आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक और हृदय से जुड़ी बीमारियों को लेकर तमाम संस्थाओं और एजेंसियों की रिपोर्ट क्या कहती है औऱ क्या कहते हैं उनके आंकड़े. कहा जा सकता है कि दुनियाभर में जितनी तेजी से हार्ट अटैक लोगों को अपना शिकार बनाने लगा है, उसकी बड़ी वजह हमारी बदलती वो जीवनशैली है, जिसमें तनाव, दबाव और प्रकृति से दूर होते जाने की वजहें काफी ज्यादा हैं.

    53 फीसदी इजाफा
    नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े कहते हैं कि भारत में वर्ष 2014 के बाजद हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या बढ़ी है
    – वर्ष 2014 में अगर इससे मौतों की संख्या 18309 था तो वर्ष 2019 में बढ़कर 28,005 हो गया
    – पांच साल में हार्ट अटैक से जुड़ी बीमारियों और मौतों में 53 फीसदी का इजाफा देखा गया
    – हार्ट से जुड़ी बीमारियां अब हर एज ग्रुप में बढ़ रही हैं

    – भारत में अब हर 04 बीमारी से मरने वाली मौतों में एक मौत हार्ट अटैक से होती है
    – लेंसेट की रिपोर्ट कहती है कि अब शहरी लोगों से ज्यादा गांवों के लोगों को ये बीमारी ज्यादा शिकार बनाने लगी है.
    – एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि ये बीमारी अब हर 14-18, 18-30, 30-34 आयु वर्ग में भी खूब हो रही है. हालांकि अब भी ये 45-60 उम्र के लोगों में ज्यादा है

    अमेरिका में मौतों की सबसे बड़ी वजह
    – अमेरिका में ये मौतों की सबसे बड़ी वजह है
    – सेंटर ऑफ डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंसन यानि सीडीसी की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका में हर 36 सेकेंड में एक मौत हार्ट से जुड़ी बीमारियों से होती है.
    – अमेरिका में हर 6.55 लाख लोग हृदय से जुड़ी बीमारियों से मरते हैं
    – अमेरिका में हर चौथी मौत हार्ट अटैक से हो रही है
    – अमेरिका में हर 40 सेकेंड में एक शख्स को हार्ट अटैक होता है. ये बीमारी अमेरिका की इकोनामी पर सबसे ज्यादा असर डालती है.
    – हालांकि अमेरिका में हृदय से जुड़ी बीमारियों में जो सबसे ज्यादा कॉमन है, वो है कोरोनेरी हार्ट डिसीज

    दुनिया में 32 फीसदी मौत हार्ट डिसीज से
    वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में बीमारियों की वजह से होने वाली मौतों में सबसे बड़ा हिस्सा कार्डियोवास्कुलर डिसीजेज (CVDs) (सीवीडीज) का होता है. इससे हर साल 17.9 मिलियन यानि करीब 02 करोड़ लोग मरते हैं. दरअसल कार्डियोवास्कुलर डिसीजेज हृदय और रक्त धमनियों के डिसआर्डर के साथ हृदय धमनियों के साथ कारण होती हैं.
    – सीवीडी की हर 05 में 04 मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक के कारण होती है. हालांकि एक तिहाई लोगों की मौत इसकी वजह से 70 साल की उम्र से पहले ही हो जाती है.

    क्यों ज्यादा होने लगी हैं हृदय से जुड़ी बीमारियां
    – डब्ल्यूएचओ इसकी वजह अस्वास्थ्यकर खाने, शारीरिक सक्रियता के अभाव, तंबाखू सेवन और शराब के हानिकारक सेवन से हो रहा है. तंबाखू का इ्स्तेमाल खत्म करने के साथ खानपान में नमक कम करने और ज्यादा फल-हरी सब्जियां खाने से नियमित फिजिकल एक्टीविटीज से इस पर कंट्रोल हो सकता है.

    Tags: Heart attack, Siddharth Shukla

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