लाइव टीवी

कोरोना वायरस पर आशंकाएं: क्या होता है जैविक हथियार, किन देशों के पास है मौजूद

News18Hindi
Updated: February 18, 2020, 3:51 PM IST
कोरोना वायरस पर आशंकाएं: क्या होता है जैविक हथियार, किन देशों के पास है मौजूद
अमेरिका की बायोलॉजिकल वारफेयर की लेब्रोटरी में काम करते हैं रिसर्च स्कॉलर. ये तस्वीर 1940 के दशक की है.

चीन में कोरोना वायरस को लेकर पश्चिमी मीडिया में कई तरह की कॉन्सपिरेसी थ्योरी चल रही हैं. जैविक हमलों में पहले भी दुनिया में हजारों लोगों ने जान गंवाई है. दुनिया के सर्वाधिक शक्तिशाली देशों ने इस तरह के हमले किए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2020, 3:51 PM IST
  • Share this:
चीन में कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर कई तरह की खबरें चल रही हैं. इनमें कुछ कॉन्सपिरेसी थ्योरी (Conspiracy Theory) भी हैं. इनमें से एक थ्योरी है कि चीन में जैविक हथियारों का विकास किया जा रहा था और कोरोना वायरस उसी का दुष्प्रभाव है. पश्चिमी विशेष तौर पर रूसी मीडिया में तो इसे लेकर कई तरह की रिपोर्ट्स भी प्रकाशित की गई हैं. जैविक हथियारों का जिक्र हाल-फिलहाल के इतिहास में लोगों ने पहली बार इराक के संदर्भ में सुना था.

जब अमेरिका ने इन हथियारों का बहाना लेकर सद्दाम हुसैन शासित इराक पर हमला किया था. हालांकि बाद में पुष्टि हुई सद्दाम हुसैन ऐसा कुछ भी नहीं कर रहे थे और अमेरिका को इसे लेकर वैश्विक आलोचना का सामना भी करना पड़ा था. जैविक हथियारों को लेकर आम लोगों के बीच कौतुहल भी है आखिर ऐसे हमले की स्थिति में क्या हो सकता है? ऐसा हमला कितना विनाशकारी हो सकता है?

कोरोना वायरस से पुरुषों को ज्यादा खतरा
कोरोना वायरस को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तरह-तरह थी थ्योरी तैर रही हैं.


क्या होता है जैविक हथियार



जैविक हथियार कई रोग पैदा करने वाले एजेंट होते हैं जैसे कि बैक्टीरिया, वायरस, रिकेट्सिया, कवक, विषाक्त पदार्थ. इनका प्रयोग मनुष्यों, जानवरों या पौधों के खिलाफ हथियारों के रूप में किया जा सकता है. बेसिलस एन्थ्रेसिस बैक्टीरिया, जो एंथ्रेक्स का कारण बनता है, जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे घातक एजेंटों में से एक है. एंथ्रेक्स का इस्तेमाल जैविक हथियार के रूप में लगभग एक सदी तक पाउडर, स्प्रे, भोजन और पानी के साथ किया गया है. अदृश्य, संक्रामक, गंधहीन और बेस्वाद बीजाणु एंथ्रेक्स को एक लचीला जैव हथियार बनाते हैं.

किन देशों के पास हैं जैविक हथियार
जैविक हथियारों से सीधा मानवता पर संकट खड़ा होता है इस वजह से सामान्य तौर पर कोई देश ये डिक्लेयर नहीं करता कि उसके पास जैविक हथियार हैं. लेकिन दबे-छिपे रूप में शक्तिशाली देशों ने इसे बनाया और इस्तेमाल भी किया. माना जाता है कि अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, चीन, क्यूबा, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, इजरायल, जापान, लीबिया, रूस जैसे देशों के पास ये हथियार मौजूद हैं. इसके अलावा ईरान, नॉर्थ कोरिया सहित अन्य देशों पर ये शक जाहिर किया जाता है कि इनके पास जैविक हथियार हो सकते हैं.

सबसे खतरनाक जैविक-हथियार
दुनिया में कई तरह के जैविक हथियार हैं. अमेरिका, ब्रिटेन और रूस पर जैविक हमलों के आरोप लगते रहे हैं. दुनिया के सबसे खतरनाक जैविक हथियारों में Bacillus Anthracis (Anthrax), Botulinum toxin, Variola major (Smallpox), Francisella tularensis (Tularemia), Yersinia pestis (plague), Aflatoxin को गिना जाता है.

अमेरिका पर किए गए जैविक हमले का मुख्य साजिशकर्ता जापानी वैज्ञानिक शिरो ईशी.


अमेरिका ने भी झेला है जैविक हमला
दुनिया में वैश्विक महाशक्ति के रूप में मशहूर देश अमेरिका जैविक हमला झेल चुका है. 18वीं सदी में अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे अमेरिकियों पर ब्रिटिश हुकूमत ने जैविक हमला करवाया था. इस जैविक हमले की वजह से नेटिव अमेरिकियों में स्मॉल पाक्स की बीमारी बुरी तरह फैल गई थी और कई हजार अमेरिकियों को जान गंवानी पड़ी थी. इतना ही द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भी जापान की तरफ से अमेरिका पर जैविक हमला किया गया था.

द्वितीय विश्वयुद्ध और शीत युद्ध के दौरान इस्तेमाल
जैविक हमलों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा द्वितीय विश्वयुद्ध और शीत युद्ध के दौरान किया गया था. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर की सेनाएं मित्र देशों की सेनाओं पर जैविक हमले करने से भी पीछे नहीं हटती थीं. बाद में जब सोवियत और अमेरिका के बीच लंबा शीत युद्ध का दौर चला तो दोनों तरफ से कई प्रोजेक्ट के जरिए इसका इस्तेमाल किया गया.

रोकथाम की पहल
जैविक हथियार बनाना या फिर उसे रखना प्रतिबंधित है. 1972 में बायोलॉजिक विपन्स कन्वेंशन के दौरान इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था. 2013 में दुनिया के 170 देश इस संधि में शामिल हो चुके थे. सभी देशों का एक मत से मानना था कि जैविक हथियार इंसानियत के लिए खतरा हैं.

ये भी पढ़ें :-

40 साल पहले एक उपन्यास ने की थी चीन में कोराना वायरस की भविष्यवाणी
जम्मू-कश्मीर के सोशल मीडिया यूजर्स पर क्यों लगा UAPA, जानें कितना सख्त है कानून
क्यों खुद को अच्छा हिंदू मानते थे महात्मा गांधी लेकिन किस बात को मानते थे दोष
महात्मा गांधी पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत- उन्हें अपने हिन्दू होने पर नहीं थी शर्म
जानिए कैसी है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की करामाती कार, जो पहुंच चुकी है भारत
आजादी के दिन सरदार पटेल को लेकर फैली थीं अफवाहें-नहीं बनाए जाएंगे मंत्री

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 18, 2020, 3:13 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर