कोरोना वायरस से निपटने में महिला लीडर्स ने किया है सबसे बढ़िया काम, कम हुईं मौतें

कोरोना वायरस से निपटने में महिला लीडर्स ने किया है सबसे बढ़िया काम, कम हुईं मौतें
कोरोना से मुकाबले में ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन, न्यूजीलैंड की पीएम जैसिंडा अर्डर्न, आइसलैंड की पीएम कैटरीन समेत कई महिला नेताओं की तारीफ हो रही है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) से मुकाबले में उन देशों में मरने वालों की संख्‍या काफी कम रही है, जहां की शीर्ष नेता महिलाएं (Top Women Leaders) हैं. इन देशों में न्‍यूजीलैंड से लेकर जर्मनी और आइसलैंड, नॉर्वे से लेकर ताइवान, डेनमार्क से लेकर बांग्‍लादेश तक शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 7:54 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) से पूरी दुनिया बेहाल है. सबसे ताकतवर होने का गुमान पालने वाले देश भी संक्रमण के सामने घुटने टेक चुके हैं. वहीं, दुनिया में कुछ ऐसी शीर्ष महिला नेता (Top Women Leaders) भी हैं, जिन्‍होंने अपने-अपने देश में कोरोना वायरस से निपटने में शानदार काम किया है. उन्‍होंने ना सिर्फ कोरोना को काबू किया, बल्कि उसे पांव जमाने से पहले ही उखाड दिया.

फोर्ब्‍स (Forbes) ने न्‍यूजीलैंड से लेकर जर्मनी और आइसलैंड, नॉर्वे से लेकर ताइवान, डेनमार्क से लेकर बांग्‍लादेश तक ऐसे देशों का जिक्र किया है, जहां की शीर्ष नेता महिला हैं और वहां संक्रमण से मरने वालों की संख्‍या (Total Death) बहुत कम है. हर कोई इन महिला नेताओं की कोरोना वायरस से निपटने को लेकर अपनाई गई रणनीति की तारीफ कर रहा है. फोर्ब्स मैगजीन ने अपने लेख में इन महिला नेताओं को 'नेतृत्व का सच्चा उदाहरण' बताया है.

बहुत शानदार रहा है महिला नेताओं का रिकॉर्ड
फोर्ब्‍स मैगजीन ने लिखा, 'मानव सभ्‍यता के लिए बनी खराब स्थिति में दुनिया की इन महिला नेताओं ने दिखा दिया है कि इससे कैसे निपटा जा सकता है.' इन महिला नेताओं ने कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत के साथ ही ऐसे कदम उठाने शुरू कर दिए, जिससे ये आम लोगों को ज्‍यादा नुकसान ना पहुंचा सके. इन महिला नेताओं ने ऐसे समय में अपनी ताकत दिखाई है, जब पूरी दुनिया में पुरुष बनाम महिला नेतृत्‍व को लेकर चर्चा चल रही थी.
फोर्ब्‍स ने लिखा है कि भले ही दुनिया में सिर्फ 7 फीसदी राष्ट्र प्रमुख महिलाएं हैं, लेकिन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जैकब्स्डोट्टिर ने व्यापक स्तर पर कोरोना टेस्ट कराने का फैसला किया. भले ही आइसलैंड की आबादी 3.60 लाख है, लेकिन इस देश ने टेस्टिंग के मामले में कोई कोताही नहीं बरती.



नॉर्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग और फिनलैंड की पीएम सना मरीन ने लोगों से सीधे बात कर हौसला बढाया.


आइसलैंड ने सबका कराया मुफ्त कोरोना टेस्‍ट
आइसलैंड (Iceland) ने जनवरी के आखिर में ही 20 या इससे ज्‍यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाने का फैसला ले लिया था. उस समय आइसलैंड में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया था. इसके बाद उन्‍होंने हर व्‍यक्ति का मुफ्त कोरोना टेस्‍ट कराया. इसके बाद से 20 अप्रैल तक आइसलैंड में संक्रमण से सिर्फ 9 लोगों की मौत हुई है. ताइवान (Taiwan) की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने महामारी नियंत्रण केंद्र की स्थापना कर दी.

इंग-वेन ने साथ ही संक्रमण को फैलने से रोकने और संक्रमित लोगों को ढूंढने का काम शुरू करा दिया. इसके अलावा तत्‍काल फेस मास्‍क का प्रोडक्‍शन बढ़ा दिया. ताइवान की कुल आबादी 2.40 करोड़ है और वहां अब तक केवल छह लोगों की मौत संक्रमण से हुई है. वहीं, न्यूजीलैंड (New Zealand) की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में सख्‍त रवैया दिखा. न्यूजीलैंड में संक्रमण से मरने वालों की संख्या छह हुई थी. इसके तुरंत बाद देश में टोटल लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई. उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि 20 अप्रैल तक वहां केवल 12 लोगों की मौत हुई है.

फिनलैंड ने सोशल मीडिया को बनाया हथियार
फोर्ब्‍स ने बताया है कि इन तीनों देश विकसित हैं. इनमें बेहतर जनस्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं हैं. सामाजिक विकास के सूचकांक पर इन देशों की गिनती ऊपर से होती है. सना मरीन दिसंबर, 2019 में फिनलैंड (Finland) की शीर्ष नेता चुने जाने के बाद दुनिया की सबसे कम उम्र की राष्‍ट्राध्‍यक्ष बनी थीं. उन्‍होंने कोरोना वायरस से मुकाबले में सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्‍तेमाल किया. इसके अलावा उन्‍होंने हर वो उपाय किया जिससे फिनलैंड में 20 अप्रैल तक मरने वालों की संख्‍या सिर्फ 49 रही.

नॉर्वे (Norway) की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग ने देश के बच्‍चों से बात करने के लिए टीवी का सहारा लिया. उन्‍होंने देशभर के बच्‍चों के सवालों का सीधा जवाब दिया. उन्‍होंने बच्‍चों को समझाया कि इस वायरस से डर लगना क्‍यों सामान्‍य बात है. उन्‍होंने भी आक्रामक तरीके से ज्‍यादा से ज्‍यादा टेस्टिंग कर संदिग्‍ध संक्रमितों को पहचानकर उनका इलाज किया. इसी का नतीजा है कि 20 अप्रैल तक नॉर्वे में 98 लोगो की मौत हुई है.

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और बांग्‍लादेश की पीएम शेख हसीना की भी काफी तारीफ हो रही है.


जर्मनी (Germany) की एंजेला मर्केल ने बिना वक्‍त गंवाए खतरने को भांप लिया था. इसके बाद जर्मनी ने यूरोप में सबसे बड़ी टेस्टिंग, ट्रेसिंग और आइसोलेशन की योजना पर काम शुरू कर दिया. आठ करोड़ से ज्‍यादा आबादी वाले जर्मनी में अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण से 4,600 लोगों की जान जा चुकी है.

अगले आर्टिकल में कुछ और महिलाओं का जिक्र
फोर्ब्‍स ने इसके बाद अगले आर्टिकल में दुनिया की सबसे सघन आबादी वाले देशों में से एक बांग्लादेश (Bangladesh) की प्रधानमंत्री शेख हसीना का जिक्र किया है. इसमें बताया गया है कि शेख हसीना ने कोरोना वायरस पर रोकथाम के लिए कई कदम उठाए.हालांकि, बांग्लादेश में टेस्टिंग सुविधाओं की बहुत ज्‍यादा कमी है. वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स (PPE) किट्स की कमी भी उनके लिए सिरदर्द बनी हुई है.

बांग्‍लादेश में इन सभी समस्‍याओं से जूझने के बाद भी अब तक 127 लोगों की मौत हुई है. इस आर्टिकल में फोर्ब्‍स ने बोल्विया की जैनिन अनेज, इथियोपिया की सहले वर्क जेव्‍डे, जॉर्जिया की सलोमे जॉराबिचविल, हॉन्‍ग कॉन्‍ग की कैरी लैम, नामीबिया की सारा कुगोंगेल्‍वा, नेपाल की विद्या देवी भंडारी और सिंगापुर की ह‍लीमा याकूब का जिक्र बकिया है. ये सभी महिलाएं अपने-अपने देशों में कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में नेतृत्‍व कर रही हैं.

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