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88 साल के फीफा वर्ल्ड कप में 22 बार बदली फुटबॉल

आज पढ़िए उन फुटबॉलों के बारे में जो 1930 से लेकर 2014 तक फाइनल मुकाबले में इस्तेमाल में ली गईं. कैसे वक्त के साथ इनमें बदलाव हुआ? पढ़िए पूरी कहानी.

आज पढ़िए उन फुटबॉलों के बारे में जो 1930 से लेकर 2014 तक फाइनल मुकाबले में इस्तेमाल में ली गईं. कैसे वक्त के साथ इनमें बदलाव हुआ? पढ़िए पूरी कहानी.

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    फीफा वर्ल्ड कप का इतिहास 88 साल से ज्यादा पुराना है. इसकी विनिंग ट्रॉफी से लेकर फुटबॉल तक हर चीज़ की अपनी रोचक कहानी है. आज पढ़िए उन फुटबॉलों के बारे में जो 1930 से लेकर 2014 तक फाइनल मुकाबले में इस्तेमाल में ली गईं. कैसे वक्त के साथ इनमें बदलाव हुआ? पढ़िए पूरी कहानी.

    1930 में 2 फुटबॉल का इस्तेमाल
    पहले वर्ल्ड कप के फाइनल में उरुग्वे और अर्जेंटीना की टीमें आपस में भिड़ी थीं. इस मुकाबले में उरुग्वे ने अर्जेंटीना को 4-2 से मात दी थी. इस फाइनल में मुकाबले में दो फुटबॉल का इस्तेमाल किया गया.

    इनमें एक फुटबॉल अर्जेंटीना और दूसरी फुटबॉल को उरुग्वे से सप्लाई किया गया था. पहले हाफ में जिस बॉल का इस्तेमाल हुआ, उसका नाम टाइन्टो था. जबकि दूसरी गेंद जो उरुग्वे से सप्लाई की गई थी उसका इस्तेमाल सेकेंड हाफ में हुआ. वो टी-मॉडल गेंद थी, जो पहले वाली से ज्यादा बड़ी और भारी थी.

    हर वर्ल्ड कप फाइनल में कैसी गेंद हुई इस्तेमाल?

    - 1934 वर्ल्ड कप फाइनल में फेडेरेल 102 फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ था. जो रोम की Ente Centrale Approvvigionamento Sportivi कंपनी ने बनाई थी.

    - वर्ल्ड कप 1938 के फाइनल में एलेन फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ था. इस फुटबॉल का निर्माण पेरिस की एलेन कंपनी ने किया था. लेदर की बनी ये गेंद 13 पैनलों में बंटी थी. इसमें सफेद पतले लेस का इस्तेमाल हुआ.

    - 1950 वर्ल्ड कप फाइनल में सुपरबॉल कंपनी की डुप्लो T गेंद का इस्तेमाल हुआ. ये पहली गेंद थी, जिसमें लेस नहीं लगे थे. सिरिंज वाल्व वाली ये पहली गेंद थी.

    - 1954 वर्ल्ड कप फाइनल में स्विटज़रलैंड के शहर बेसल से आई गेंद का इस्तेमाल हुआ. इस गेंद का नाम स्विस वर्ल्ड चैंपियन था. ये पहली 18 पैनल में बंटी हुई गेंद थी, जो अपनी तरह की पहली थी.

    - 1958 के वर्ल्ड कप फाइनल में इस्तेमाल हुई फुटबॉल का चुनाव फीफा के 4 अधिकारियों ने किया. ये चुनाव एक ब्लाइंड टेस्ट के तहत हुआ था.

    - 1962 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में क्रैक टॉप स्टार गेंद का इस्तेमाल हुआ. ये पहली आधिकारिक गेंद थी. रेफरी केन एस्टन चिली की इस गेंद से प्रभावित नहीं थे. उन्होंने सेकेंड हाफ में यूरोपियन गेंद मंगवाई.

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    - 1966 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में चैलेंज 4 स्टार गेंद का इस्तेमाल हुआ. 18 पैनल वाली ये गेंद पीली/नारंगी रंग में थी. फुटबॉल एसोसिएशन के सोहो स्क्वायर में इसका चुनाव एक ब्लाइंड टेस्ट के जरिए हुआ.

    - 1970 वर्ल्ड कप फाइनल में एडिडास कंपनी की टेलस्टर फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ. ये पहली 32 पैनल वाली सफेद काले रंग की गेंद थी. एडिडास ने सिर्फ ऐसी 20 ही गेंद सप्लाई की थी. इसके अलावा जर्मन-पेरू की ब्राउन बॉल और इटली जर्मनी की सफेद गेंद का भी इस्तेमाल हुआ था.

    - 1974 से 1994 तक एडिडास की ही गेंदों का वर्ल्ड कप फाइनल में इस्तेमाल हुआ. 1974 में टेलस्टर डुरलास्ट, 1978 टैंगो, 1982 में टैंगो एस्पाना, 1986 में एज़टेका, 1990 में एट्रस्को यूनिको और 1994 में कुएस्त्रा फुटबॉल गेंद का इस्तेमाल हुआ.

    - साल 1998 में भी एडिडास की फुटबॉल वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची. ये कई रंगों वाली फुटबॉल थी, जिसका नाम ट्राइकलर था.

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    - 2002 में फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार ट्राइंगुलर डिजाइन वाली फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ. एडिडास की बनाई हुई इस फुटबॉल का नाम फेवरनोवा था.

    - 2006 के वर्ल्ड कप फाइनल में 14 पैनल वाली फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ. हर मैच की अपनी गेंद थी, जिस पर तारीख, मैच और टीमों का नाम अंकित था. जबकि फाइनल में गोल्डन कलर की टीमगेस्ट फुटबॉल का इस्तेमाल हुआ.

    - 2010 वर्ल्ड कप फाइनल में 8 पैनल वाली गेंद का इस्तेमाल हुआ. दो तरह की गेंद फाइनल और अन्य मैचों में इस्तेमाल की गईं. फाइनल वाली फुटबॉल गोल्डन कलर की जो'बुलानी थी.

    - 2014 वर्ल्ड कप में भी दो गेंदों का इस्तेमाल हुआ. तमाम मैच एक गेंद से और फाइनल मैच दूसरी गेंद से. ये पहली गेंद थी, जिसका नाम प्रशंसकों ने रखा था. इस फुटबॉल का नाम जोबुलानी अफ्रीका के जोहानसबर्ग के उपनाम पर रखा गया.

    - इस साल यानि 2018 फीफा वर्ल्ड कप में भी एडिडास की गेंद का इस्तेमाल हो रहा है. इसका नाम टेलस्टार 18 है.

    Tags: 2018 FIFA WORLD CUP, FIFA, Fifa world cup, Football

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