कोरोना के इलाज के वे 10 तरीके, जो सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं

कोरोना के इलाज के वे 10 तरीके, जो सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं
शोधकर्ता मौजूदा दवाओं से ही इसका इलाज खोजने की कोशिश में लगे हुए हैं

कोविड- 19 (Covid-19) के बढ़ते संक्रमण के बीच शोधकर्ता लगातार मौजूदा दवाओं से ही इसका इलाज खोजने की कोशिश में लगे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 1:40 PM IST
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पूरी दुनिया में 17 लाख से ज्यादा लोग कोरोना () की चपेट में आ चुके हैं, वहीं मौत का आंकड़ा भी 1 लाख से ऊपर चला गया है. ऐसे में वैज्ञानिक repurposed दवाओं यानी ऐसी दवाओं से ही कोरोना वायरस का इलाज खोजने में जुटे हैं, जो पहले से ही किसी न किसी बीमारी के लिए इस्तेमाल होती आई है.

अलग-अलग बीमारियों, जैसे फ्लू, इबोला, HIV, मलेरिया और अर्थराइटिस में काम आ रही मौजूदा दवाओं से क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुके हैं. माना जा रहा है कि इनका परिणाम कुछ हफ्तों या महीनों में सामने आ जाएगा. इस बीच वैक्सीन पर भी ट्रायल हो रहे हैं लेकिन इसका रिजल्ट पक्का होने में सालभर का समय लग सकता है इसलिए इस दौरान दवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. जानते हैं, उन 10 दवाओं के बारे में, जो COVID-19 के इलाज में सबसे आगे हो सकती हैं.

Remdesivir
ये एक एंटीवायरस दवा है, जो साल 2009 में सामने आई थी. वैसे इबोला के कहर के दौरान भी मरीजों को आराम देने के लिए इस दवा का उपयोग हुआ था. फिलहाल कोरोना वायरस पर इसकी कुछ जांचें कहती हैं कि ये दवा वायरस की बढ़त को रोक देती है. क्लिनिकल ट्रायल के दौरान 1700 से ज्यादा मरीजों पर इसका इस्तेमाल हो चुका है. माना जा रहा है कि चीन में हुए क्लिनिकल ट्रायल का रिजल्ट इसी महीने आ सकता है. Gilead Sciences नामक बायोटेक कंपनी में भी 2 ट्रायल चालू हैं जो मई तक नतीजे दे सकते हैं.
माना जा रहा है कि चीन में हुए क्लिनिकल ट्रायल का रिजल्ट इसी महीने आ सकता है




Hydroxychloroquine
माना जा रहा है कि एंटी-मलेरिया ड्रग hydroxychloroquine या HCQ कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाने में मदद कर सकता है. ये दवाऑटोइम्यून बीमारियों जैसे रुमेटाइड अर्थराइटिस में भी दी जाती है. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन Covid-19 पर क्या असर करती है, इस पर शोध अभी शुरुआती चरण में है. हालांकि अमेरिका में अप्रूव्ड होने के कारण यही दवा अधिकतर मरीजों को दी जा रही है. माना जा रहा है कि अगले एकाध महीने में इसपर चल रहे ट्रायल्स में से किसी न किसी का ठोस नतीजा दिखेगा.

Azithromycin
एजिथ्रोमाइसिन एक जेनेरिक एंटीबायोटिक है. एंटीबायोटिक प्रॉपर्टी होने की वजह से ये दवा बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों में दी जाती है लेकिन कुछ रिचर्स बताती हैं कि इस दवा में एंटीवायरस गुण भी होते हैं. ख्यात अमेरिकन फार्मा कंपनी Pfizer के अनुसार कोविड-19 के लक्षण कम करने में ये दवा काफी असरदार है और इसपर ट्रायल भी हो रहा है, जिसका रिजल्ट जल्दी ही छपने जा रहा है. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साथ मिलाकर देने पर इसका असर ज्यादा प्रभावी देखा जा रहा है.

Kevzara
इस दवा को साल 2017 में अर्थराइटिस के गंभीर मरीजों को सूजन में राहत देने के लिए अप्रूव किया गया था. ये बायोलॉजिक इंजेक्शन के फार्म में होता है. माना जा रहा है कि COVID-19 के सबसे गंभीर हालात में पहुंच चुके मरीजों पर ये दवा काम करती है, खासकर उनपर जिनका इम्यून सिस्टम ओवर एक्टिव हो चुका है और स्वस्थ कोशिकाओं को भी खत्म कर रहा हो.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साथ मिलाकर देने पर इसका असर ज्यादा प्रभावी देखा जा रहा है


Actemra
ये दवा भी केवजारा की तरह काम करती है और रुमेटाइड अर्थराइटिस के उपचार में काम आती है. साथ ही साइकोटिन रिलीज करने वाली बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल होता है, यानी ये भी इम्यून सिस्टम ओवर एक्टिव होने पर अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने की अवस्था को कंट्रोल करने का काम करती है. कोरोना वायरस के मामले में आखिरी स्टेज में पहुंच मरीजों पर स्विस कंपनी Roche ने इस दवा का ट्रायल शुरू कर दिया है.

Convalescent plasma
इलाज का ये तरीका लगभग एक सदी पुराना है. इसके तहत ठीक हो चुके कोरोना के मरीज का खून लेकर संक्रमितों का इलाज किया जाता है. चीन पर इसपर शुरुआती ट्रायल हुआ, जो Journal of the American Medical Assocation में छप भी चुका है. इलाज की इस प्रक्रिया को convalescent plasma कहते हैं जिसमें रिकवर हो चुके शख्स की एंटीबाडीज लेकर मरीज में डाली जाती हैं.

Avigan
यह एंटीवायरस दवा है इन्फ्लूएंजा के इलाज में काम आती रही है. ये दवा जापान और चीन में तो अप्रूव्ड है लेकिन अमेरिका में फिलहाल ये इस्तेमाल नहीं हो रही है. चीन में मरीजों पर इसके उपयोग के दौरान पाया गया कि जिन मरीजों को ये दवा दी जा रही थी, वे दूसरी दवाओं से जल्दी इसपर प्रतिक्रिया कर रहे थे और लगभग 7 दिन पहले ठीक हो रहे थे. चीन में इसपर कुछ ट्रायल हो रहे हैं, जिनके परिणाम मई तक आ जाएंगे.

इसमें रिकवर हो चुके शख्स की एंटीबाडीज लेकर मरीज में डाली जाती हैं


Kaletra
यह एक HIV थैरेपी है जिसमें 2 एंटीवायरल दवाओं का उपयोग होता है- lopinavir और ritonavir. Food and Drug Administration ने साल 2000 में इसे अप्रूव किया था. अब कोरोना वायरस के उपचार में भी ये कहीं-कहीं उपयोग हो रही हैं, खासकर चीन में. हालांकि इस दवा का कोई खास फायदा नहीं दिख सका है.

Galidesivir
इस एंटीवायरल ट्रीटमेंट को एक खास तरीके के विषाणुओं से लड़ने के लिए तैयार किया गया था. साल 2013 से इसे यलो फीवर और इबोला के इलाज के लिए इस्तेमाल भी किया जा रहा है. अब कोरोना से लड़ने के लिए भी ब्राजील में इसका क्लनिकल ट्रायल हो रहा है. दो दिनों पहले ही इसके लिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ है.

Remestemcel-L
ये एक तरह की स्टेम-सेल थैरेपी है. इस बारे में रिसर्च चल रही है कि क्या कोविड-19 जैसा संक्रामक रोग इस तरीके से ठीक हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया की एक बायोटेक कंपनी इसपर क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत कर चुकी है. हालांकि ये तरीका FDA से मान्यता प्राप्त नहीं है लेकिन 1100 से ज्यादा कोरोना मरीजों पर ये इस्तेमाल हो चुकी है.

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