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आज ही के दिन जारी हुआ था आजाद भारत का पहला स्टैंप, लहरा रहा था तिरंगा

इस स्टैंप में तिरंगे झंडे की तस्वीर बनी हुई थी और जय हिंद लिखा हुआ था.

इस स्टैंप में तिरंगे झंडे की तस्वीर बनी हुई थी और जय हिंद लिखा हुआ था.

15 अगस्त 1947 को आजादी (Indian Independence Day) मिलने के बाद 21 नवंबर (21 Nonember) यानी आज के ही दिन भारत का पहला का स्टैंप (First Stamp) जारी किया गया था.

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    नई दिल्ली. 15 अगस्त 1947 को आजादी (Indian Independence Day) मिलने के बाद 21 नवंबर (21 Nonember) यानी आज के ही दिन भारत का पहला का पोस्टल  स्टैंप (First Stamp) जारी किया गया था. इस स्टैंप में भारत के तिरंगे झंडे की तस्वीर बनी हुई थी. इसकी कीमत साढ़े तीन आना थी यानी 25 पैसे से भी कम. साथ ही इस पर जय हिंद लिखा हुआ था. ये स्टैंप विशेष से विदेशों से पत्राचार के लिए जारी किया था. इसमें लगा तिरंगा झंडा आजाद की भारत की पहचान बता रहा था.

    अशोक स्तंभ पर जारी हुआ था दूसरा स्टैंप
    भारत का पहला स्टैंप तो विदेशों से पत्राचार के लिए जारी किया गया था लेकिन तुरंत बाद दूसरा स्टैंप देश के भीतर प्रयोग के लिए जारी किया गया. इस स्टैंप पर अशोक स्तंभ बना हुआ था और जय हिंद लिखा था. इस स्टैंप की कीमत डेढ़ आना (करीब 10 पैसे) रखी गई थी. इसके बाद 15 अगस्त 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर पोस्टल स्टैंप जारी किया गया. ठीक एक साल बाद पोस्टल स्टैंप की एक सीरीज जारी की गई जिसमें भारत के सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों को दर्शाया गया था. इसमें ऐतिहासिक स्थलों को भी शामिल किया गया था. 26 जनवरी 1950 को पहले गणतंत्र दिवस पर भी एक पोस्टल स्टैंप जारी किया गया था.

    भारत सरकार द्वारा जारी किया गया दूसरा स्टैंप.
    भारत सरकार द्वारा जारी किया गया दूसरा स्टैंप.


    भारत में स्टैंप का इतिहास
    भारत में पोस्टल सिस्टम की उपस्थिति औपनिवेशिक काल से काफी पहले भी मजबूत थी. जब भारत में पुर्तगाली, डच, फ्रेंच आए तब भी पोस्टल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि उसका स्वरूप अलग था. मुगलों के समय भी स्टैंप का इस्तेमाल बखूबी किया जाता था. अंग्रेजों की ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने जब भारत में अपना तंत्र ख तो उसे पूरे देश में पोस्टल सिस्टम स्थापित करने की जरूरत पड़ी.

    1837 में स्थापित हुआ इंडियन पोस्ट ऑफिस
    अंग्रेजों ने इंडियन पोस्ट ऑफिस की स्थापना 1837 में की थी. हालांकि गोंद वाला पोस्टल स्टैंप को पहली बार 1852 में जारी किया गया. इसे एशिया का पहला गोंद वाला स्टैंप माना जाता है. इसका नाम था सिंध डाक. ये उस समय सिंध इलाके में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया था. अंग्रेजों के समय में पोस्टल सिस्टम को तेजी से बढ़ाया गया और इसका नेटवर्क भारत के साथ बर्मा तक भी था. इसे ऑफिशियल और कॉमर्शियल दोनों तौर पर इस्तेमाल किया जाता था.

    वर्तमान समय भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क देश के ग्रामीण इलाकों में मजबूत पैठ बना चुका है.
    वर्तमान समय में भारतीय डाक विभाग का नेटवर्क देश के ग्रामीण इलाकों में मजबूत पैठ बना चुका है.


    क्या है वर्तमान स्थिति
    वर्तमान भारतीय डाक विभाग को इंडिया पोस्ट के नाम से जाना जाता है. ये पूरी तरीके से सरकार द्वारा चलाया जाता है. आम बोलचाल में इसे पोस्ट ऑफिस कहा जाता है. भारतीय डाक विभाग की पहुंच देश के दूरस्थ इलाकों तक में है. मार्च 2011 के एक आंकड़े के मुताबिक भारतीय डाक विभाग के तकरीब एक लाख 55 हजार पोस्ट ऑफिस हैं. इनमें करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में हैं. आजादी के के वक्त देश में करीब 23 हजार पोस्ट ऑफिस थे जो ज्यादातर शहरी इलाकों में ही बनाए गए थे. सरकारों के लगातार प्रयासों से अब ये नेटवर्क भारत के ग्रामीण इलाकों में अपनी मजबूत जड़े जमा चुका है.
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