दुनिया की वो 5 जगहें, जहां से वर्ल्ड वॉर 3 का बिगुल बज सकता है

अमेरिका और चीन की दुश्मनी जंग का मैदान बन सकती है सांकेतिक फोटो (Pixabay)
अमेरिका और चीन की दुश्मनी जंग का मैदान बन सकती है सांकेतिक फोटो (Pixabay)

दुनिया के कई हिस्सों से जंग की खबरें आ रही हैं. इधर अमेरिका, चीन और ईरान जैसे देश भी एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक हुए हैं. जानिए, उन दुश्मन देशों को, जो दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) में झोंक सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 10:06 AM IST
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पहले सोवियत संघ (Soviet Union) का हिस्सा रह चुके आर्मेनिया और अजरबैजान की जंग (Armenia and Azerbaijan conflict) में कई बड़े देश भी शामिल होते जा रहे हैं. रूस, फ्रांस से लेकर अमेरिका और यहां तक कि इजरायल (America and Israle) भी इसमें लामबंद हो चुके हैं. इधर चीन का विस्तारवादी रवैया ताइवान से लेकर साउथ चाइना सी तक दिख रहा है. ऐसे में कयास लग रहे हैं कि ये तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की शुरुआत हो सकती है. जानिए, अगर ऐसा हो तो कौन से देश इसकी वजह बन सकते हैं.

अमेरिका और ईरान आमने-सामने
अमेरिका और ईरान की दुश्मनी जंग का मैदान बन सकती है. इसी साल जनवरी में ईरान ने बगदाद में एक ड्रोन हमले के लिए ट्रंप सरकार पर आरोप लगाते हुए इंटरपोल से वारंट जारी करने को कहा था. हालांकि ऐसा संभव नहीं था लेकिन ईरान से इतने खुले बयान से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव किस हद तक पहुंच गया है. बदले में अब ट्रंप ने ईरान पर यूनाइटेड नेशन्स के लगाए प्रतिबंधों को रिन्यू करने का एलान कर दिया है.

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ये काफी बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ट्रंप का कहना है कि ईरान छिपकर परमाणु हथियारों का जखीरा खड़ा कर रहा है, जो खतरनाक हो सकता है. जो भी हो, कुल मिलाकर विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि ईरान और अमेरिका की लड़ाई विश्व युद्ध का एलान हो सकती है.



ट्रंप ने ईरान पर यूनाइटेड नेशन्स के लगाए प्रतिबंधों को रिन्यू करने का एलान कर दिया है- सांकेतिक फोटो (militarist)


इजरायल से भी ठनी ईरान की
अमेरिका के अलावा ईरान की इजरायल से भी दुश्मनी बढ़ती जा रही है. इजरायल से पक्की दुश्मनी रखने वाले ईरान का मकसद इस यहूदी मुल्क को खत्म कर देना है. यही वजह है कि वो गाजा, सीरिया और लेबनान में आतंकियों की ट्रेनिंग से लेकर इजरायल के सीमावर्ती इलाकों में आतंकी फैलाने का काम कर रहा है. इजरायल और ईरान के बीच लगातार साइबर हमले हो रहे हैं. इजरायल ने ईरान के परमाणु संयंत्र को आग के हवाले कर दिया. वहीं इजरायल का आरोप है कि ईरान ने उनके यहां के जल संयंत्र को हैक कर उसका पानी जहरीला बनाने की कोशिश की. अब ईरान अगर परमाणु हथियार बनाना जारी रखता है तो आशंका जताई जा रही है कि ये इजरायल को खुल्ला-खुल्ला आक्रमण का आमंत्रण होगा.

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क्यों अमेरिका तुर्की से गुस्साया है
अमेरिका की अरब देशों में तुर्की से भी ठनी हुई है. इस तनाव में बढ़त तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के आक्रामक रवैये के कारण मानी जा रही है. एर्दोआन कथित तौर पर दुनियाभर के मुसलमानों की आवाज बनना चाहते हैं. यही वजह है कि वे ऐसे फैसले से रहे हैं जो वैश्विक धर्मनिरपेक्षता को चोट पहुंचाएं. जैसे तुर्की में हाल ही में ख्यात हागिया सोफिया म्यूजियम को मस्जिद में बदल दिया गया.

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तुर्की का लीडर कट्टरपंथी
अब तुर्की सैन्य मोर्चे पर भी खुद को परमाणु शक्ति बनाने की कोशिश में है. एर्दोआन कई रक्षा सौदे इनिशिएट कर रहे हैं. इन्हीं में से एक है सुखोई के लिए सौदा. यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की Su-57 लड़ाकू विमानों की खरीदी में भारी दिलचस्पी दिखा रहा है. पिछले साल ही राष्ट्रपति एर्दोआन ने इसके संकेत दे दिए थे. तुर्की का ये कदम एक तरह से नाटो संधि के लिए खतरा बन सकता है. मालूम हो कि डील के तहत सदस्य देश खुद को अलग से हथियार-संपन्न एक क्षमता तक ही कर सकते हैं. लेकिन तुर्की इस संधि को तोड़ता दिख रहा है, जिससे अमेरिका नाराज है.

अमेरिका की अरब देशों में तुर्की से भी ठनी हुई है- सांकेतिक फोटो (cnbc)


क्या भारत और पाक करेंगे शुरुआत
भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव भी गहराता ही जा रहा है. कश्मीर को लेकर पाकिस्तान जब-तब हमले की धमकी देता आया है. उसका गुस्सा पिछले सालभर से बढ़ा हुआ है. असल में पिछले साल के अगस्त में जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का अनुच्छेद 370 हटा, राज्य का विभाजन जम्मू कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में कर दिया गया. धारा 370 हटने के साथ ही कश्मीर पर भी वही भारतीय नियम-कायदे लागू हो गए, जो पूरे देश में हैं. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार कश्मीर को लेकर आक्रामक रवैया दिखा रहा है. यहां तक कि वो सीमा पर छुटपुट हमले करने से भी बाज नहीं आ रहा. कथित तौर पर भारत के दुश्मन चीन के साथ मिलकर भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है. हो सकता है कि ये देश भी अगले विश्व युद्ध का बिगुल बजा सकते हैं.

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चीन भी अमेरिका से भिड़ंत की फेर में 
विश्व युद्ध का जिक्र आने पर एक्टपर्ट सबसे ज्यादा चिंता अब अमेरिका और चीन को लेकर दिखा रहे हैं. दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव हाल के सालों पर काफी बढ़ा. कोरोना के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीन को लेकर हमलावर हैं. साथ ही साथ दोनों ताकतों के बीच व्यापार को लेकर भी जंग छिड़ गई है. चीन की कोशिश है कि वो समुद्री रास्ते से ताकत कमाता हुआ सुपर पावर बन जाए. इधर अमेरिका चीन के विस्तारवादी रवैये से त्रस्त है. खासकर साउथ चाइना सी को लेकर चीन जो दावे कर रहा है और ताइवान को लगातार धमका रहा है, वो अमेरिका को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर सकता है. चीन को धमकाने के लिए अमेरिका ने सैन्य अभ्यास भी शुरू कर दिए हैं.
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