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छोटे सैटेलाइट से निकलेगा फोम का जाल और साफ होगा अंतरिक्ष का कचरा, जानिए कैसे

छोटे सैटेलाइट से निकलेगा फोम का जाल और साफ होगा अंतरिक्ष का कचरा, जानिए कैसे

अंतरिक्ष में व्याप्त कचरे को खत्म करने के लिए फोम वाला सैटेलाइट बनाने की तैयारी चल रही है.

अंतरिक्ष में व्याप्त कचरे को खत्म करने के लिए फोम वाला सैटेलाइट बनाने की तैयारी चल रही है.

अंतरिक्ष के कचरे (Space Junk) को साफ करने के लिए रूस में एक खास छोटा सैटेलाइट (Satellite) विकसित हो रहा है जो एक फोम के जाले से उसे साफ करेगा.

    अंतरिक्ष में कचरा (Space debris)  बढ़ना आने वाले कुछ ही सालों में एक बहुत बड़ी मुसीबत होने वाला है. जिस तरह से पृथ्वी की निचली कक्षा में सैटेलाइट प्रक्षेपित करने की योजनाएं बन रही हैं. यह कचरा उन सैटेलाइट तक के लिए मुसीबत हो सकता है, लेकिन रूसी के एक स्टार्टअप के मुताबिक एक छोटा सा फोम (Foam) का अंतरिक्षयान (Spacecraft) आने वाले सालों में अंतरिक्ष के कचरे को साफ करने में बड़ी मदद कर सकता है.

    क्या है यह फोम
    रूस की एक स्टार्टअप कंपनी स्टार्टरॉकेट “फोम डेबरीज कैचर” विकसित कर रही है. यह एक छोटा से स्वचलित सैटेलाइट होगा जो चिपकने वाले पॉलीमर फोम का उपयोग करेगा और अंतरिक्ष के कचरे को कक्षा से बाहर कर देगा. अंतरिक्ष में बढ़ता कचरा एक बड़ी चिंता का विषय है और वैज्ञानिक इसके समाधान की तलाश खोज रहे हैं, स्पेसडॉटकॉम में प्रकाशित खबर के मुताबिक स्टार्टरॉकेट के संस्थापक व्लाद सितनिकोव का कहना है कि यह एक मकड़ी के जाले जैसी है.

    कितना कचरा है अंतरिक्ष में
    यूरोपीय स्पेस एजेंसी के अनुमान के अनुसार पृथ्वी की कक्षा में करीब 12.9 करोड़ अंतरिक्ष के कचरे के टुकड़े घूम रहे हैं जो कम से कम चार इंच यानि 10 सेमी चौड़े हैं. ये टुकड़े अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में बहुत ही तेज गति से घूम रहे हैं. इनकी गति 2800 किमी प्रति घंटा से भी ज्यादा है. इस कचरे का एक छोटा से टुकड़ा भी सैटेलाइट या अंतरिक्ष यान को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है.

    पहले से ज्यादा कचरा डालने की तैयारी
    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष में कचरे का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह यह है कि हम पहले से ज्यादा कचरा अंतरिक्ष में डालने लगे हैं. साल 1957 में अंतरिक्ष युग की शुरूआत के बाद से इंसान ने दस हजार  कुछ कम सैटेलाइट प्रक्षेपित किए हैं. लेकिन स्पेसएक्स ने अपने स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट समूह के लिए 1200 अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित करने की स्वीकृति हासिल कर ली है और तीस हजार और के लिए आवेदन किया है.

    Earth
    पृथ्वी की निचली कक्षा में ही सबसे ज्यादा कचरा जमा हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    बढ़ता जाएगा जोखिम
    कक्षा के वातावरण में भीड़ होने से टकराव के खतरे का जोखिम बहुत बढ़ जाएगा. केवल कुछ ही सैटेलाइट के टकराव से चाहे वे काम करने वाले हों या फिर बंद हो चुके, नए कचरे को जन्म देगा. इससे और ज्यादा टकराव होने की संभावना बनेगी. यह एक खास डर में बदल जाएगा जिसे केसलर सिंड्रोम कहते हैं.

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    जेल बन जाएगी पृथ्वी
    सितनिकोव का मानना है कि अगर जल्दी कोई कदम नहीं उठाया गया तो हम उस जेल में होंगे जो उस कचरे से बना होगा. स्टार्टरॉकेट चाहता है कि बैरल के आकार का यह फोम डेबरिज कैटर हमें इस जेल से बाहर रखने में मदद करे. यह सैटेलाइट केवल 50 किलो का होगा और जब किसी भी कचरे के बादल के पास जाएगा तो वह अपनी फोम की जाली बाहर फैला देगा जिससे बहुत सारा कचरा उस जाल में फंस जाएगा. इसके बाद यह कचरा पृथ्वी के वायुमंडल की ओर धकेल देगा  जाएगा जहां वह जल कर खत्म हो जाएगा.

    Space
    अंतरिक्ष में बढ़ते कचरे से निपटने के लिए कई तरह के शोध चल रहे हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    कहां तक पहुंचा है काम
    फिलहाल फोम पर काम चल रहा है लेकिन अंतिम फार्मूला तैयार नहीं हुआ है. फार्मूला तैयार होते ही इसका पृथ्वी पर ही परीक्षण गा इसके बाद इसे 2022 में क्यूबसेट के साथ इसे अंतरिक्ष में भेजा जाएगा जहां इसके जाल फैलाने की प्रक्रिया का परीक्षण होगा. अगर सब सही हुआ तब साल 2023 में इस औपचारिक तौर पर अलग से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा.

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    इस काम के लिए शुरुआती समर्थन रूस की साइबर स्पेस कंपनी कास्परस्काय कर रही है. इसके लिए कंपनी लोगों से पैसा लेने की भी तैयारी में हैं. यह चिपकने वाले फोम की तकनीक पृथ्वी की कक्षा से आगे भी काम आ सकती है.

    Tags: Research, Science, Space

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