जानिए क्यों शोधकर्ताओं को हैरान किया नई प्रजाति के डायनासोर की हड्डियों ने

जानिए क्यों शोधकर्ताओं को हैरान किया नई प्रजाति के डायनासोर की हड्डियों ने
इन हड्डियों के अध्ययन से पता चला है कि ये टी रेक्स समूह के ही डायनासोर की प्रजाति के जीव की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/ रायटर्स)

डायनासोर (Dinosaur) की हड्डियां (Bones) जब शोधकर्ताओं इंग्लैंड में मिली तो उन्होंने पाया ये टी रेक्स (T Rex) समूह की नई प्रजाति (Speices) के डायनासोर की हैं, लेकिन फिर भी उन्हें काफी हैरत हुई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 2:01 PM IST
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जिन लोगों ने हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ज्यूरेसिक पार्क देखी है, वे टी रेक्स (T Rex)  नाम के डायनासोर (Dinosuar) से जरूर परिचित होंगे. इस टी रेक्स डायनोसॉरों ने ही फिल्म में बहुत तहलका मचाते हुए विभिन्न किस्म के डायनोसॉरों में से सबसे ज्यादा शोहरत हासिल की थी. हाल ही में वैज्ञानिकों को इसी की प्रजाति (Species) के समूह के एक और प्रजाति के डायनासोर की हड्डियां (Bones) मिली हैं.

कहां मिली हड्डियां
साउथएम्पटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें इंग्लैंड के दक्षिणी तटीय इलाके के आइल्स ऑफ वाइट बीच पर चार हड्डियां मिली हैं. जीवाश्मविज्ञानियों के मुताबिक ये हड्डियां थेरेपॉड डायनासोर की नई प्रजाति की हैं. ये उसी समूह का जीव है जिसमें टिरैनोसॉरस रेक्स (Tyrannosaurus rex )यानी टी रेक्स शामिल है.

क्या नाम है इस डायनासोर का
इस नए डायनासोर का नाम वेक्टेरोवेनाटोर आइनोपिनाटस (Vectaerovenator inopinatus)  है. ये 11.5 करोड़ साल पहले क्रिटेशियस काल में रहा करते थे. जीवाश्म वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जीव चार मीटर लंबा था. शोध के नतीजे पेपर्स इन पेलेएंटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुए  हैं.



हड्डियों ने किया हैरान
यह नाम वेक्टेरोवेनाटोर आइनोपिनाटस (Vectaerovenator inopinatus) नाम हड्डियों में पाए गए बड़े खाली स्थान को इंगित करता है. इन हड्डियों को पिछले साल ही द्वीप के एक सीसाइड रिसॉर्ट पर समुद्र के किनारे पर खोजा गया था. यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में कहा कि शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि ये हड्डियां गले, पीठ और पूंछ की हैं और ये उस डायनासोर की है जो दुनिया के लिए अब तक अनजान था.

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आमतौर पर जीवाश्म में बहुत सी हड्डियां मिल जाती हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ. (प्रतीकात्मक तस्वीर)आमतौर पर जीवाश्म में बहुत सी हड्डियां मिल जाती हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


तीन अलग समूहों को मिली ये हड्डियां
ये जो चार हड्डियां मिली हैं, ये तीन अलग समूहों को कई सप्ताह के समय में अलग-अलग मिली हैं. इस अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई है कि ये अलग हड्डियां एक ही डायनासोर की हैं. इस बात की संभावना है कि यह वेक्टेरोवेनाटोर जिस इलाके में रहता होंगा वह उस इलाके के थोड़े उत्तर में रहा होगा जहां से ये हड्डियां मिली हैं. ढांचे का बाकी हिस्सा समुद्र में बह गया होगा.

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ये खासियत है इन हड्डियों की
हड्डियों में यह खाली जगह जो आधुनिक पक्षियों में भी देखने को मिलती है, फेफड़ों का विस्तार हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सांस के लिए ज्यादा हवा भरने के लिए उपयोगी होने के साथ ही हड्डियों के पूरे ढांचे को हल्का बनाती है.

शोध के लिए दान की हड्डी
सैंट्रल इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-अपॉन-एवोन के नियमित जीवाश्म खोजी रॉबिन वार्ड इन हिड्डियों की खोज करने वाले खोजियों में से एक हैं. उन्होंने कहा, “इन हड्डियों को खोजने पर हो हमें खुशी हुई वह बहुत शानदार थी. मैने सोचा था कि वे बहुत खास हैं तो हमें उन्हें अपने साथ डायनासोर आइल म्यूजियम पर ले गए. वे फौरन पहचान गए कि यह कुछ बहुत ही कम पाई जाने वाली चीज है और उन्होंने हमसे कहा कि क्या हम उसे शोध के लिए दान करना चाहेंगे”

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इस डायनासोर की हड्डियों में बहुत खाली जगह है जिसे इनका ढांचा हल्का रहा होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ मिलेगा
पूर्वी इंग्लैंड के लिंकनशायर,स्पैल्डिंग में रहने वाले जेम्स लोकेर भी इसी द्वीप पर घूमने आए थे जब उन्हें इसी तरह की दूसरी हड्डी देखी थी. उन्होंने कहा, “ मैं शांकलिन के एक इलाके में खोजबीन कर रहा था. मैंने पढ़ा था और मुझे बताया भी गया था कि मुझे यहां कुछ खास नहीं मिलेगा. लेकिन मैं हमेशा ही सुनिश्चित करता हूं कि मैं वे इलाके देखू जो दूसरों ने नहीं देखे हैं और इस बार मुझे इसका फायदा मिला.”

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पीएचडी के छात्र और इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता क्रिसे बार्कर ने बताया, ”हमें यह जानकार हैरानी ही की यह जानवर कितना खाली है. इसकी हड्डियों की खाली जगह ने हैरत में डाला था. इसके हड्डियोंके ढांचे के दूसरे टुकड़े भी काफी नाजुक रहे होंगे.“
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