शुक्रवार के दिन 13 तारीख होने पर क्यों घबराए हैं लोग, क्या है इसके पीछे की कहानी

हिंदू मान्यताओं में 13 तारीख और शुक्रवार को शुभ माना जाता है लेकिन दुनियाभर में इस दिन को लेकर अजीब सा खौफ रहता है. अमेरिका और यूरोप में माना जाता है कि इन दिन अनहोनी ही होती है

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 5:49 PM IST
शुक्रवार के दिन 13 तारीख होने पर क्यों घबराए हैं लोग, क्या है इसके पीछे की कहानी
हिंदू मान्यताओं में 13 तारीख और शुक्रवार को शुभ माना जाता है लेकिन दुनियाभर में इस दिन को लेकर अजीब सा खौफ रहता है. अमेरिका और यूरोप में माना जाता है कि इन दिन अनहोनी ही होती है
News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 5:49 PM IST
नई दिल्ली.  13 सितंबर को शुक्रवार भी है और 13 की तारीख भी. दुनियाभर में ऐसे दिन को सैकड़ों सालों से लोग अशुभ मानते आए हैं. इसको लेकर तमाम किस्से, अंधविश्वास और मिथक हैं. विदेशों में तो लोग इस दिन से इतना डरते हैं कि अपने घर तक से बाहर निकलना पसंद नहीं करते. लोग 13 नंबर से दूर रहना पसंद करते हैं. इसलिए 13 नंबर का इस्तेमाल होटलों के कमरों से लेकर घरों के पतों पर बहुत कम होता है.

यूरोप में 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को बहुत अशुभ माना जाता है. हालांकि हिंदू धर्म 13 तारीख को कतई बुरा नहीं मानता. वो इसे सबसे शुभ दिनों में मानता है. ग्रीस मान्यताओं में भी शुक्रवार और 13 तारीख को खराब नहीं माना जाता. यूरोप और अमेरिका में 13 नंबर को लेकर इतने अंधविश्वास क्यों प्रचलित हैं. इसका अंदाज तो नहीं लगाया जा सकता लेकिन ये बात सही है कि 'फ्राइडे द थर्टिंथ'  यानी 13 तारीख वाले शुक्रवार को अपशगुन से जोड़ कर देखा जाता है.

क्यों 13 और शुक्रवार का मेल अशुभ
दरअसल, 12 नंबर एक पूर्णांक नंबर होता है. 12 महीने, घड़ी में 12 घंटे, 12 राशियां होती हैं. जिसके बाद 13 नंबर को संतुलन की कमी का नंबर माना गया है. इसी वजह से इसे अशुभ माना जाता है. वहीं शुक्रवार को लेकर ये कहा जाता है, जीसस को इसी दिन ही सूली पर चढ़ाया गया था, जिस कारण ये दिन और तारीख कभी मिल जाते हैं तो दुर्भाग्य पैदा करते हैं। अशुभ मानकर लोग घर से बाहर निकलने तक से घबराते हैं.

13 तारीख और शुक्रवार के दिन यूरोप में लोग आमतौर पर हवाई यात्राओं से परहेज करते हैं


13 नंबर से परहेज
- कई होटलों में 13वां फ्लोर नहीं होता
Loading...

- होटलों में 13 नंबर का कमरा नहीं होता
- 13वीं लाइन बैठकर हवाई यात्रा करने से भी लोग कन्नी काटते हैं
- फ्रांस में लोगों का मानना है कि खाने की मेज पर 13 कुर्सियां होना अच्छा नहीं है
- फ्लाइट से ट्रैवल करना पसंद नहीं करते.यूरोप में इस दिन हवाईसफर सस्ता होता है

ये भी पढ़ें - चांद के उस हिस्से पर कैसा मौसम है, जहां है चंद्रयान का लैंडर विक्रम

13 नंबर पर हिंदू मान्यताएं
- किसी भी महीने की 13 तारीख हिंदू धर्म के हिसाब से बड़ी ही महत्‍वपूर्ण मानी जाती है
- हिंदू कैलेंडर के अनुसार 13वां दिन त्रयोदशी का होता है। जो कि भगवान शिव को अर्पित है
- प्रदोष व्रत भगवान शिव के सम्मान में रखा जाता है जो कि महीने के 13वें दिन पर आता है
- महाशिवरात्री भी माघ महीने के 13वें दिन की रात्रि में मनाई जाती है
- थाई मान्‍यता के अनुसार थाई नया साल 13 अप्रैल को मनाया जाता है



ग्रीस में क्या मानते हैं 13 को लेकर  
- प्राचीन ग्रीस में पौराणिक कथाओं में एक जीसस भगवान थे जो कि तेरहवें सबसे शक्तिशाली परमेश्वर थे
- 13 नंबर ईमानदार प्रकृति, शक्ति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है
- 13 नंबर समग्रता, समापन और प्राप्ति का प्रतीक होता है

क्या इस दिन होती हैं दुर्घटनाएं13 अक्टूबर 1307 को फ्रांस में एक बड़ी दुर्घटना हुई थी. ये दिन शुक्रवार का था. एक ब्रिटिश वेबसाइट के मुताबिक, इंग्लैंड के एक मेडिकल जर्नल में एक स्टडी प्रकाशित हुई. 1993 की स्टडी में बताया गया कि 13 तारीख के शुक्रवार के दिन ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं. हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी.

ये भी पढ़ें - दुनिया का सबसे हाई सिक्योरिटी वाला नोट! पहली बार इस्तेमाल हुए हैं ये फीचर्स...

हालांकि एक डच इंश्योरेंस कंपनी के आंकड़े का कहना है कि 13 तारीख और शुक्रवार को दुर्घटना, चोरी एवं आग की घटनाएं अन्य दिनों की अपेक्षा कम हो जाती है. इस दिन अधिकांश लोग घर पर रहने को प्राथमिकता देते हैं. ज्यादा सजग और जागरूक रहते हैं. लोगों के इस फोबिया पर फिल्म भी बनी.

ईसा मसीह का अपने सभी अनुयायियों के साथ आखिरी भोज यानि द लास्ट सपर


ईसा से गद्दारी करने वाला 13वां शिष्य था
जुडास को ईसा मसीह का 13वां शिष्य माना जाता है, जिसने जीसस के साथ गद्दारी की थी. इसको लेकर एक मान्यता द लास्ट सपर के रूप में कही जाती है.
19वीं सदी में यह मिथक फैला कि ईसा मसीह के खिलाफ षड्यंत्र करने वाला उनका अनुयायी जुडास अंतिम भोज के समय सबसे देर से पहुंचा और मेज पर बैठने वाला 13वां व्यक्ति था. साथ ही शुक्रवार को ही ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था. इन वजहों से भी 13 और शुक्रवार को बुरा माना जाता है.

अमेरिका में शुक्रवार को होती थी फांसी
अमेरिका में 19वीं शताब्दी में लगभग सभी फांसी देने की घटनाएं शुक्रवार को ही होती थीं. लिहाजा पारंपरिक रूप से शुक्रवार को फांसी देने का दिन मान लिया गया.

फ्रांस में इस दिन हुईं थीं सैकड़ों हत्याएं
वर्ष 2003 के बेस्ट सेलर दा विंची कोड के अनुसार ये 13 अक्टूबर 1307 का शुक्रवार था जब पूरे फ्रांस में सैकड़ों नाइट टैंपलर को मार दिया गया था.

ये भी पढे़ं - शरीर के दर्द को कैसे चुटकियों में खत्म करती है डिस्प्रिन?

इस मिथक को फैलाया फिल्म 'फ्राइडे द थर्टिंथ' ने
1980 में आई हॉरर फिल्म'फ्राइडे द थर्टिंथ' ने इस मिथक को फैलाने में सबसे अधिक योगदान दिया है. फिल्म इतनी हिट हुई कि इसके 12 सीक्वल और पर्दे पर आए. 13वां बना लेकिन उसका रिलीज एक शुक्रवार से अगले 13 तारीख वाले शुक्रवार तक टलता रहा और आखिरकार उसे रिलीज ना करने का फैसला लिया गया. तो क्या 13वीं फिल्म अशुभ थी?

13 तारीख हो और शुक्रवार का दिन तो इसे यूरोप और अमेरिका में बहुत अशुभ दिन मान लिया जाता है


लेखक नया प्रोजेक्ट लेने से मना कर देते थे 
14वीं सदी में अंग्रेजी के मशहूर लेखक जेफ्री चौसर ने 'द कैंटरबरी टेल्स' नाम से कहानियों का संग्रह तैयार किया. इसमें उन्होंने शुक्रवार के अशुभ होने का जिक्र किया. 17वीं सदी तक हाल यह था कि अधिकतर लेखक शुक्रवार के दिन कोई भी नया प्रोजेक्ट लेने से मना कर देते थे. ब्रिटेन में शुक्रवार को ही लोगों को फांसी दी जाती थी.

क्या आपने कभी 13वें घंटे के बारे में सुना है
साल में 12 महीने होते हैं और दिन में 12 घंटे. लेकिन 13वें के बारे में कभी सुना है? जर्मन भाषा में एक कहावत है: अब आ गया 13वां घंटा. ऐसा तब कहा जाता है जब कुछ बहुत ही हैरान कर देने वाली बात हो जाए.

गणित की नजर में 13
13 प्रमुख संख्या होती है जो कि केवल खुद से ही विभाजित की जा सकती है. इसलिए यह अपने आप में एक पूर्ण संख्या है.

ये भी पढ़ें - संघ क्यों मानता है दारा शिकोह को अच्छा मुसलमान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 13, 2019, 5:30 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...